बैंगलोर को आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों से जोड़ने के लिए दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने सर्कुलर रेलवे नेटवर्क तैयार करने का फैसला लिया है। इस रेलवे नेटवर्क के एक बार पूरी तरह से तैयार हो जाने से बैंगलोर के साथ आसपास के उपनगरीय शहरों का संपर्क पहले की तुलना में कहीं बेहतर हो जाएगा।

सर्कुलर रेलवे नेटवर्क के तैयार होने के बाद वर्तमान रेलवे नेटवर्क पर ना सिर्फ यात्रियों का दबाव कम हो जाएगा बल्कि इससे मेट्रो में भी यात्रियों की भीड़ कम हो जाएगी।
जगहों का किया जा रहा चुनाव
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार SWR के जनरल मैनेजर संजीव किशोर ने बताया है कि रेल मंत्रालय ने बैंगलोर के आसपास सर्कुलर रेल नेटवर्क के लिए अपनी सहमती जता दी है और SWR को जगहों का चुनाव के लिए फाइनल सर्वे करने की हरी झंडी भी दे दी है। नयी सर्कुलर रेल नेटवर्क के जरिए सरकार बैंगलोर और आसपास के क्षेत्रों में रेलवे की क्षमता को बढ़ाना चाहती है।
SWR भी सर्वे के काम में पूरे जोरशोर से जुट गयी। वह स्टेशनों और रेलवे ट्रैक के लिए के लिए जगहों का चुनाव कर रही है। इसके साथ ही, वे इस महत्वकांक्षी परियोजना के लिए भूमि और नागरिक संरचना आवश्यकताओं को भी सुलझा रहे हैं।

कौन से शहरों को जोड़ेगी सर्कुलर ट्रेन
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार यह सर्कुलर रेल नेटवर्क करीब 278 किमी लंबी होगी जो मुख्य रूप से बैंगलोर और इर्द-गिर्द के उपनगरीय शहरों को जोड़ने का काम करेगी। सर्कुलर रेल का यह नेटवर्क कर्नाटक के दूसरे शहरों जैसे होस्कोट, देवनहल्ली (बैंगलोर एयरपोर्ट के पास), निदवांडा, सोलुर, मलुर, हीलालिंग और डोड्डाबल्लपुर को जोड़ेगी। सर्कुलर रेलवे के इस नेटवर्क के तैयार हो जाने से बैंगलोर से उपनगरीय शहरों में आवाजाही आसान बन जाएगी। इसके साथ ही नम्मा मेट्रो पर दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
कितना होगा खर्च
मिली जानकारी के मुताबिक बैंगलोर सबर्बन रेल प्रोजेक्ट (BSRP) के तहत सर्कुलर रेल नेटवर्क को तैयार करने के लिए करीब 7.2 करोड़ रुपये की लागत आने वाली है। इस रेल नेटवर्क के बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में बैंगलोर में ट्रेनों में काफी भीड़ होती है।
कई बार दूसरी ट्रेनों को रास्ता देने और आगे बढ़ाने के लिए ट्रेनों को रोक भी दिया जाता है। इसी वजह से मालगाड़ियों को देर रात चलायी जाती है जब यात्री ट्रेनों की संख्या कम हो। मालगाड़ियों को शहरी क्षेत्र से बाहर ही चलायी जाती है जिससे लोकोमोटिव का घंटो समय और अन्य संसाधन की बर्बादी भी होती है।

किस रूट पर चलेगी सर्कुलर रेलवे
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार नयी सर्कुलर रेलवे को सलेम लाइन से मैसूर लाइन तक वाया बैंगलोर-बैप्पनहल्ली-बैंगलोर कैंटोनमेंट-बैंगलोर सिटी सेक्शन चलाया जाएगा। SWR की इस महत्वकांक्षी रेलवे नेटवर्क के साथ ही सरकार नम्मा मेट्रो में भी साल 2025 तक 175 किमी का विस्तार करने की योजना है। इस मेट्रो लाइन को साल 2040 तक 314 किमी का और विस्तार देने की योजना है।
बता दें, व्हाइटफिल्ड से चल्लागट्टा तक 43 किमी लंबी पर्पल लाइन की नयी नम्मा मेट्रो की वजह से यात्रियों की भीड़ में करीब 14% की गिरावट दर्ज की गयी है। हर रोज इस छोटी दूरी में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 80,000 पर पहुंच चुकी है।



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