पिछले दिनों जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टैलिन ने होसुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की, तब कृष्णागिरी और धर्मपुरी के अलावा बैंगलोर के बड़े हिस्से में रहने वाले लोगों को भी बेहद खुशी हुई थी। क्योंकि अब उनके लिए एयरपोर्ट से होकर आवाजाही करना काफी ज्यादा आसान बनने वाला था। खासतौर पर कर्नाटक-तमिलनाडु के बॉर्डर पर स्थित बैंगलोर के आईटी कॉरिडोर और इलेक्ट्रॉनिक सिटी में रहने वाले लोगों को इस एयरपोर्ट से काफी फायदा मिलने की उम्मीद थी।
लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि निकट भविष्य में होसुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनना टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। क्यों? वजह है बैंगलोर का केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (KIA)।

बैंगलोर का KIA इलेक्ट्रॉनिक सिटी से लगभग 60 किमी की दूरी पर होने की वजह से यहां के लोगों को विमान से आवाजाही करने में काफी समस्याएं होती हैं, विशेष रूप से बैंगलोर का ट्रैफिक जाम इनके रास्ते में बड़ी मुश्किलें खड़ा कर देता है। लेकिन होसुर एयरपोर्ट इन सारी मुश्किलों को दूर करने की क्षमता रखता है। पर निकट भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक सिटी में रहने वाले लोगों की इन मुश्किलों के कम होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
क्या है होसुर एयरपोर्ट के रास्ते का रोड़ा?
तमिलनाडु के होसुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बैंगलोर का KIA और केंद्र सरकार के साथ उसका एक समझौता बना हुआ है। दरअसल, 5 जुलाई 2005 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ हुए इस समझौते के तहत बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 150 किमी के हवाई दूरी के अंदर किसी भी दूसरे नये एयरपोर्ट का न तो निर्माण किया जाएगा और न ही किसी पुराने एयरपोर्ट का विकास करने की अनुमति दी जाएगी। यह समझौता बैंगलोर एयरपोर्ट का उद्घाटन होने से 25 साल पूरे होने तक लागू रहेगा जो मई 2033 में होगा।

क्या होसुर 150 किमी के हवाई क्षेत्र के दायरे में है?
The Hindu में छपी एक खबर के मुताबिक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित होसुर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बैंगलोर के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 150 किमी के हवाई दूरी में ही आता है। इसलिए होसुर एयरपोर्ट का निर्माण अगर कर भी लिया जाए तो वहां से विमानों की आवाजाही को शुरू करने के लिए होसुर एयरपोर्ट को बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से No Objection Certificate (NOC) लेने की जरूरत होगी, अगर वास्तव में होसुर का प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट बैंगलोर के वर्तमान एयरपोर्ट से 150 किमी की हवाई दूरी पर ही मौजूद होता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंगलोर एयरपोर्ट ने इस समझौते का हवाला देते हुए बैंगलोर के पुराने एयरपोर्ट रोड पर स्थित HAL एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था।
बता दें, बैंगलोर एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले देवनहल्ली में स्थित HAL एयरपोर्ट से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाता था।
ऐसी स्थिति में बैंगलोर, होसुर और कृष्णागिरी इलाके में रहने वाले लोगों के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या 2033 से पहले होसुर एयरपोर्ट का निर्माण हो सकेगा और अगर निर्माण हो भी जाता है तो क्या बैंगलोर एयरपोर्ट होसुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही के लिए NOC देगा...!!



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