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बैंगलोर एयरपोर्ट पर बैग सेल्फ ड्रॉप के लिए अब होगा फेस-स्कैन बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनट 2 से होकर यात्रा करने वाले वैसे यात्री जो डिजी यात्रा (DigiYatra) का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए अच्छी खबर है। अब अपना सामान बैगेज में देने के लिए उन्हें न तो एयरलाइंस के कियॉस्क पर लाइन लगाने की जरूरत होगी और न ही किसी और प्रक्रिया से गुजरकर बैगेज ड्रॉप करने की जरूरत होगी।

जिस तरह डिजी यात्रा ऐप का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर उनका चेहरा ही उनकी पहचान बन चुका है, ठीक उसी तरह अब बैंगलोर एयरपोर्ट पर सेल्फ बैग-ड्रॉप करने के लिए भी यात्रियों को बस फेस-स्कैनर बायोमिट्रीक (Face-Scanner Biometric) का इस्तेमाल करना पड़ेगा।

bangalore self baggage drop

बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) भारत का पहला एयरपोर्ट है जिसने केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KIA) पर तकनीक को लागू किया गया है। हालांकि बायोमिट्रिक से सेल्फ-बैगेज सुविधा सभी एयरलाइंस नहीं बल्कि चुनिंदा एयरलाइंस के यात्रियों के लिए ही उपलब्ध है।

अब तक बैंगलोर एयरपोर्ट पर यात्रियों को सेल्फ बैग-ड्रॉप सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए सेल्फ-चेक-इन कियॉस्क से पहले बोर्डिंग पास का प्रिंट आउट लेना पड़ता था। उसके बाद बोर्डिंग पास को स्कैन करके बैंग-ड्रॉप करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता था।

बता दें, डिजी यात्रा सुविधा के तहत फेस-स्कैन बायोमिट्रिक का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें यात्रियों को एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास या फोटो आईडी की जरूरत नहीं होती है। बैंगलोर एयरपोर्ट भारत के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में से एक है, जहां साल 2018 में ही पूरी तरह से ऑटोमेटिक सेल्फ-बैग ड्रॉप और साल 2019 से डिजी यात्रा सुविधा को लागू किया गया है, जिससे लंबी कतारों वाली परेशानी खत्म हो गयी है।

कैसे काम करती है यह तकनीक?

वैसे यात्री जो डिजी यात्रा का इस्तेमाल करते हैं, वे बैंगलोर एयरपोर्ट पर कियॉस्क पर 'बैगेज ड्रॉप के लिए फेस बायोमिट्रिक को स्कैन करें' (Scan your face biometric for baggage drop) का विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद उन्हें 'डिजी यात्रा' का आइकॉन को चुनने के लिए कहेगा।

ऐसा करते ही मशीन उनसे सीधे कैमरे में देखने का निर्देश देगा, जिसमें कैमरा उनकी बायोमिट्रिक फोटो खींच लेगी। इसके बाद यात्री की यात्रा से संबंधित सारी जानकारियां स्क्रीन पर दिखाई और उनसे इस बात की घोषणा करने के लिए कहा जाएगा कि वे कोई खतरनाक वस्तु तो लेकर नहीं जा रहे हैं।

इस प्रक्रिया के पूरा होते ही मशीन यात्रियों को अपना बैग कन्वेयर पर रखने का निर्देश देगा। इसके बाद मशीन बैग में बैगेज टैग लगाने का निर्देश देगा। बैगेज टैग भी इसी मशीन से प्रिंट किया जा सकता है अथवा सेल्फ कियॉस्क पर यात्री पहले से ही उसे प्रिंट करके अपने पास रख सकते हैं।

फिर बैग को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा जिसमें बैग का आकार, उसका वजन, बैग को स्कैन करना इत्यादि प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। सारी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद यह मशी बैग को मशीन ऑटोमेटिक रूप से बैगेज हैंडलिंग सिस्टम में बैगेज की रसीद बनाकर आगे बढ़ा देगी।

bangalore airport t2

क्या हो अगर बैगेज हो जाए ओवरवेट?

सामान्य तौर पर जब बैगे का वजन निर्धारित वजन से ज्यादा होता है, तो अतिरिक्त वजन के लिए यात्री हाथ के हाथ तुरंत एयरलाइंस कंपनी को शुल्क अदा करके अपना बैग जमा करवा देता है। लेकिन फेस स्कैन बायोमिट्रिक मशीन पर अगर बैगेज का वजन निर्धारित से ज्यादा हो, तब क्या होगा? अगर फेस स्कैन बायोमिट्रिक मशीन पर बैग का वजन निर्धारित वजन से ज्यादा होता है, तो ऐसी स्थिति में मशीन यात्री को काउंटर पर जाकर अतिरिक्त शुल्क जमा करने का निर्देश देगा।

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही यात्रियों को ऑन स्पॉट UPI के माध्यम से शुल्क जमा करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। अगर कोई यात्री फेस बायोमिट्रिक बैगेज ड्रॉप माध्यम का इस्तेमाल न करके अपना बैग काउंटर पर जमा करवाना चाहता है, तो वह ऐसा भी कर सकते हैं।

फिलहाल यह सुविधा टाटा समुह के एयरलाइंस, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा एयरलाइंस के लिए ही उपलब्ध है, जिसे भविष्य में दूसरी घरेलु एयरलाइंस को भी उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही इस सुविधा को बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) पर भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। BIAL ने बैंगलोर एयरपोर्ट पर जर्मनी की कंपनी माटेर्ना समूह के साथ मिलकर फेस-स्कैन बायोमिट्रिक सेल्फ-बैग ड्रॉप सुविधा को शुरू किया है।

इस सुविधा के बारे में Moneycontrol को दिये अपने बयान में BIAL के अधिकारियों का कहना है कि फेस बायोमिट्रिक के माध्यम से सेल्फ बैगेज की सुविधा के शुरू होने से डिजी यात्रा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को अपना बोर्डिंग पास स्कैन करके बैगेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे डिजी यात्रा के माध्यम से ही सेल्फ-बैगेज-ड्रॉप सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे न सिर्फ बैगेज हैंडलिंग में सुधार होगा बल्कि यात्रियों का अपनी यात्रा अनुभव पर भी पूरा नियंत्रण रहेगा।

मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल 2022 में अमेरिका के अटलांटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बायोमिट्रिक आईडी के माध्यम से सेल्फ-बैग ड्रॉप की सुविधा को लागू किया गया था, जिसके कारण यात्रियों की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के समय में करीब 70% और बैग चेक-इन समय में लगभग 30% की बचत हुई है।

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