बैंगलोर के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 2 जिसे Unesco की Prix Versailles 2023 प्रतियोगिता में दुनिया का सबसे सुन्दर एयरपोर्ट करार दिया गया था। जी हां, यह वहीं प्रतियोगिता है जिसके लिए इस साल गुजरात के स्मृतिवन म्यूजियम को शॉर्टलिस्टेड किया गया है। पिछले साल यूनेस्को द्वारा आयोजित हुई इस प्रतियोगिता में जज की कुर्सी पर दुनिया के प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर एली साब बैठे थे।
बैंगलोर एयरपोर्ट का टर्मिनल 2 से होकर गुजरने वाले यात्री को किसी झुलते हुए बागिचे में होने का एहसास होता है। टर्मिनल का सुनहरा रंग, छत से लटकते पेड़, लाइटिंग से लेकर इसकी सजावट, सब कुछ काफी एस्थेटिक लगती है। लेकिन....

बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 को मूल रूप से इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए ही समर्पित किया गया था, इस वजह से घरेलु उड़ान के यात्री एयरपोर्ट टर्मिनल की इस सुन्दरता को देखने से वंचित ही रह जाते थे। लेकिन अब लगता है उन्हें बैंगलोर एयरपोर्ट के विश्वप्रसिद्ध टर्मिनल 2 को देखने का मौका मिल सकता है। क्यों?
क्योंकि केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 का कायापलट होने वाला है। इसका नवीकरण करने की योजना बनायी गयी है, जिसका काम कम से कम डेढ़ साल तक चलने वाला है। इसलिए संभव है कि कभी न कभी आपकी उड़ान बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 से उड़ान भरे या फिर लैंड करें।
कब से शुरू होगा नवीकरण का काम
बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के नवीकरण का काम जल्द ही शुरू होने की संभावना है। इस बाबत Money Control की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) ने अगले 2 महीने के अंदर नवीकरण का काम शुरू करने की योजना बनायी है। यानी अगस्त 2024 तक बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर नवीकरण या विकास व विस्तार का काम शुरू हो जाएगा। BIAL सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि फिलहाल टर्मिनल 1 के नवीकरण से संबंधित काम को शुरू करने से जुड़ी सारी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
16 सालों बाद होने वाला है नवीकरण

बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का संचालन 24 मई 2008 को शुरू हुआ था, जो पूरी तरह से घरेलु उड़ानों को समर्पित है। टर्मिनल 2 का संचालन 15 जनवरी 2023 को कुछ घरेलु उड़ानों के साथ शुरू हुआ और बाद में यानी 12 सितंबर 2023 को अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन टर्मिनल 2 से किया जाने लगा।
बताया जाता है कि पिछले साल ही टर्मिनल 1 से सारी इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन टर्मिनल 2 पर स्थानांतरित कर दिया गया और अब 16 सालों बाद बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को कायाकल्प की जरूरत है। मिली जानकारी के अनुसार टर्मिनल 1 के कायाकल्प का काम सबसे पहले IT रूम को स्थानांतरित, बस बोर्डिंग के पश्चिम द्वार (वर्तमान में इस्तेमाल नहीं होगा) को तोड़कर और ऑफिस को दूसरी जगह स्थानांतरित कर किया जाएगा। नवीकरण का मुख्य भाग साल 2025 के शुरुआत में शुरू होने की योजना है।
कौन सी सुविधाएं बढ़ेगी?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर एयरपोर्ट को अपग्रेड करने के साथ ही कई यात्रियों सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा। जिन यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा उनमें बैंगेज हैंडलिंग सिस्टम, चेक-इन, सिक्योरिटी, डिपार्चर लाउंज, होल्ड रूम और ट्रांसफर सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सुविधाओं को बेहतर बनाने के अलावा एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 की साज-सज्जा, संरचना, विमानों के संचालन से संबंधित पद्धतियों में भी बदलाव करने की योजना बनायी गयी है।

BIAL के अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वास्तुकला में बदलाव या विकसित बनाने के लिए कोई भी रुपए खर्च नहीं किये जाएंगे। टर्मिनल 1 के नवीकरण में अधिकांश लागत पुराने बैगेज हैंडलिंग सिस्टम को बदलकर नये को लाना, और 16 साल पुराने पानी, बिजली, सिवेज और आईटी सिस्टम को अपग्रेड करने पर खर्च किया जाएगा। इसके साथ ही पुराने आउटडेटेड चेक-इन पद्धति को बदलना, सिक्योरिटी मशीनों व संरचनाओं को भी बदला जाएगा।
एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर रिटेल और F&B जोन को भी पहले बेहतर और ज्यादा विकल्पों वाला बनाया जाएगा जो यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी। बच्चों के खेलने के लिए जगह, युवाओं के एंटरटेंमेंट की जगह, VIP लाउंज की सुविधाओं को बेहतर बनाना, टॉयलेट सुविधाओं को अपग्रेड करना, एस्केलेटर, ट्रावेलेटर, एलीवेटर आदि लगाना भी इस नवीकरण का हिस्सा होंगी।
कब तक पूरा होगा नवीकरण का काम
बैंगलोर एयरपोर्ट के T1 और T2 को मिलाकर कुल लगभग 52 मिलियन यात्री प्रतिवर्ष की क्षमता है। T1 के नवीकरण के साथ ही इस क्षमता को बढ़ाकर 60 मिलियन यात्री प्रतिवर्ष की जाएगी। बता दें, T2 की पिक आवर के दौरान 1400 घरेलु यात्री प्रतिघंटा और 1300 अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की क्षमता प्रतिघंटा है। मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 का नवीकरण का काम साल 2026 के अंत तक पूरा कर लेने की संभावना जतायी गयी है।
कब बनेगा बैंगलोर एयरपोर्ट पर टर्मिनल 3
मीडिया रिपोर्ट्स में BIAL के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि 2020 के दशक के अंत या 2030 के दशक के शुरुआत में बैंगलोर एयरपोर्ट पर टर्मिनल 3 बनकर तैयार हो सकता है। एक बार बैंगलोर एयरपोर्ट पर तीसरा टर्मिनल बन गया तो तीनों टर्मिनल की कुल मिलाकर करीब 90-100 मिलियन यात्रियों की प्रतिवर्ष क्षमता हो जाएगी।



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