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क्या है बेंगलुरु एयरपोर्ट के लिए Air Taxi को शुरू करने की बुनियादी जरूरतें? क्या बेंगलुरु तैयार है?

बेंगलुरु में इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सरला एविएशन के साथ हाथ मिलाकर Air Taxi को शुरू करने की घोषणा तो कर दी है लेकिन Air Taxi को शुरू करने से पहले कई स्तरों पर अनुमति लेने की जरूरत होगी। इनमें विनियामक, परिचालन, तकनीकि और तार्किक विचार भी शामिल हैं। बेंगलुरु में Air Taxi सेवा को शुरू करने के लिए निम्न स्थितियों का होना अनिवार्य है।

अगर इनमें से किसी भी परिस्थिति या अनुमति नहीं मिलती है, तो ऐसी स्थिति में बेंगलुरु में एयर टैक्सी को शुरू करना मुश्किल काम होगा।

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1. विनियामक अनुमति

  • सीविल एविएशन अथॉरिटी : राष्ट्रीय एविएशन रेगुलेटरी बॉडी जैसे भारत में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सीविल एविएशन (DGCA), अमेरिका में फेडरल एविएशन एडमीनिस्ट्रेशन (FAA) आदि की अनुमति जरूरी होती है। ये उड़ान की योग्यता, पायलट को लाइसेंस देना और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट का ध्यान रखते हैं।
  • एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से समन्वय : एयर टैक्सी के उड़ान भरने, लैंड करने, हवा में रास्ता दिखाने आदि के लिए ATC के साथ समन्वय (Co-ordination) बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। खासतौर पर यह समन्वय व्यस्त एयरपोर्ट के आसपास बनाने की जरूरत काफी ज्यादा होती है।
  • स्थानीय प्रशासन से अनुमति : एयरपोर्ट या शहर के अंदर वर्टिपोर्ट या लैंडिंग पैड बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन या नगर निकाय आदि से अनुमति लेना जरूरी होगा।

2. संरचनाओं की जरूरत

  • वर्टिपोर्ट/हेलीपैड : किसी भी निर्धारित स्थान पर लैंड करने या उड़ान भरने के लिए एयरपोर्ट परिसर में या शहर के दूसरे हिस्सों में वर्टिपोर्ट अथवा हेलीपैड बनाने की जरूरत होगी। ये सामान्य हेलीपैड भी हो सकते हैं या फिर विशेष रूप से डिजाइन किये गये वर्टिपोर्ट भी हो सकते हैं जो वर्टिकल वाहनों या एयरक्राफ्ट को लैंड करने या उड़ान भरने में मददगार साबित होते हैं।
  • चार्जिंग/रिफ्यूलिंग स्टेशन : अगर एयर टैक्सी इलेक्ट्रिक वाहन होते हैं, तो उन्हें चार्ज करने के लिए एयरपोर्ट या दूसरे वर्टिपोर्ट्स पर चार्जिंग प्वाएंट बनाने की जरूरत होगी। उसी तरह पारंपरिक एयरक्राफ्ट होने पर उनके लिए फ्यूल स्टेशन बनाना अनिवार्य होगा।
  • रखरखाव से संबंधित सुविधाएं : एयर टैक्सी के रखरखाव, यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए और एयर टैक्सी को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में बनाए रखने के लिए ग्राउंड मेनटेनेंस की जरूरत पड़ेगी।
  • यात्री सुविधाएं : यात्रियों के लिए सुरक्षित, जहां से आवाजाही करना आसान हो और आरामदायक जगहें बनानी होंगी, जहां यात्री एयर टैक्सी पर सवार या एयर टैक्सी से एयरपोर्ट पर उतर सकें। जिसे पिक एंड ड्रॉप प्वाएंट कहा जा सकें।

3. एयर टैक्सी तकनीक

  • VTOL एयरक्राफ्ट : ज्यादातर एयर टैक्सी के लिए इलेक्ट्रिक VTOL (eVTOL) या पारंपरिक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाता है। ये उड़ने योग्य हैं अथवा नहीं, इसके लिए एविएशन विनियामकों से सर्टिफिकेट की जरूरत होती है।
  • ऑटोमेटिक या पायलट सिस्टम : अगर एयर टैक्सी ऑटोमेटिक है तो सुरक्षा जांचों को पास करना बेहद जरूरी होता है। वहीं पायलट वाले एयर टैक्सी के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित पायलट की जरूरत होती है, जिसके पास अर्बन एयर मोबिलिटी (UAM) का लाइसेंस हो।
  • नेविगेशन सिस्टम : उड़ानों के सफल संचालन के लिए एडवांस जीपीएस, रडार, कम्यूनिकेशन सिस्टम की जरूरत होती है, खास तौर पर शहरी इलाकों में।
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4. सुरक्षा

  • एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट : दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एयर टैक्सी को मौजूदा एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ना होगा। या फिर नयी तकनीक जैसे अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम ट्रैफिक मैनेजमेंट (UTM) को शुरू करना होगा।
  • साइबर सिक्योरिटी : ऑटोमेटिक एयर टैक्सी को हैकिंग या सिस्टम बिगाड़ने वाले वायरस आदि से बाचने के लिए बेहतरीन साइबर सिक्योरिटी की जरूरत होगी।
  • यात्री सुरक्षा : किसी भी आपातकाल की स्थिति में, एयर टैक्सी में सुरक्षात्म यंत्र और जीवन बीमा आदि की जरूरत होगी।
  • सुरक्षा मंजूरी : सामान्य यात्रियों की तरह ही एयर टैक्सी के यात्रियों को भी एयरपोर्ट पर इसमें सवार होने से पहले सुरक्षा जांच आदि से गुजरना होगा।

5. संचालन की योजनाएं

  • फ्लाईट रूट : एयर टैक्सी की उड़ानों का संचालन करने के लिए निर्धारित कॉरिडोर बनाने होंगे, जो उन्हें एयरपोर्ट तक और एयरपोर्ट से लेकर जाएं। इन कॉरिडोर को बनाते समय शहरी इलाकों में इमारतों, घनी आबादी और नो-फ्लाई ज़ोन आदि का भी ध्यान रखना जरूरी होगा।
  • मौसम पर नजर : सुरक्षित उड़ानों को सुनिश्चित करने के लिए मौसम पर नजरें बनाएं रखने वाले सिस्टम को तैयार करना बेहद जरूरी है।
  • विस्तार के विकल्प: एयर टैक्सी का संचालन करने के लिए यह विकल्प जरूर रखना चाहिए कि भविष्य में एयरपोर्ट के लिए मांग बढ़ने पर जरूरी होने पर एयर टैक्सी की संख्या में वृद्धि की जा सकें।

6. पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण पर ध्यान

  • तेज आवाज को कम करना : एयर टैक्सी का संचालन शहरी क्षेत्र में किया जाएगा। इसलिए ध्वनि प्रदूषण को कम करना बेहद जरूरी है। VTOL एयरक्राफ्ट में आमतौर पर ज्यादा शोर नहीं होता है, लेकिन शोर से संबंधित सभी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
  • उत्सर्जन मानक : इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के अलावा दूसरे सभी वाहनों के लिए उत्सर्जन मानकों का पालन करना जरूरी होता है।

7. व्यापारिक और वित्तीय मॉडल

  • कम खर्चिला : एक अच्छा व्यापारिक मॉडल बनाने के लिए, ग्राहकों के लिए किराए से लेकर इनका संचालन करने में आने वाले खर्चों पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण होता है।
  • पार्टनरशिप : एयरपोर्ट्स के साथ समझौते करना, स्थानीय सरकार, एविएशन अथॉरिटी और संरचनात्मक विकास के लिए जरूरी समझौते करना भी बहुत जरूरी होता है।
  • मांग को समझना : शहरी इलाकों से एयरपोर्ट के लिए एयर टैक्सी की मांग को समझना, उसकी भविष्यवाणी करना और रूट की योजनाएं बनाना भी इसका हिस्सा हैं।

8. जिम्मेदारी और बीमा

  • बीमा : एयरक्राफ्ट से लेकर यात्रियों और एयर टैक्सी के संचालन के लिए भी बीमा की जरूरत होगी।
  • जिम्मेदारी : अगर कोई भी अवांछनीय घटना घट जाती है या दुर्घटना घटती है तो असफलताओं की जिम्मेदारी लेनी होगी और कानून के मुताबिक अगली कार्रवाई हो, इसे सुनिश्चित करना होगा।

एयरपोर्ट के लिए एयर टैक्सी सेवा को शुरू करना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें सुरक्षा, दक्षता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कई स्टेकहोल्डरों को एक साथ मिलकर काम करना होता है।

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