बैंगलोर में ट्रैफिक जाम की स्थिति से हर कोई वाकिफ है। एक बार जाम में फंसने का मतलब कई बार घंटों फंसे रहना ही हो जाता है। खासतौर पर मानसून के समय जब बारिश हो रही हो तो जाम की परिस्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जाम की इस परेशानी से लोगों को राहत दिलाने के लिए बृहत बैंगलोर महानगर पालिका (BBMP) ने कई उपाय भी किये हैं।
इसी क्रम में बैंगलोर के बयाप्पनहल्ली में सर एमवी टर्मिनल के पास ट्रैफिक जाम की परेशानी को कम करने के लिए कई दिशाओं में खुलने वाला (Unidirectinal)फ्लाइओवर बनाने का फैसला लिया है।

Bangalore Mirror की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह फ्लाइओवर मुकुंद थिएटर के पास से शुरू होगा। कई दिशाओं में खुलने वाला यह फ्लाइओवर बैंगलोर का पहला फ्लाइओवर होने वाला है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सर एमवी टर्मिनल का निर्माण एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ तो किया गया था लेकिन सड़क का पतला होने और ट्रैफिक काफी ज्यादा होने की वजह से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
इस जगह पर सड़कों को चौड़ा बनाना भी पालिका के लिए एक मुश्किल भरा काम है। इस परेशानी से निपटने के लिए ही BBMP ने एक फ्लाइओवर बनाने का फैसला लिया है जिसे वर्तमान IOC फ्लाइओवर को तोड़कर बनाया जाएगा।
कितनी होगी लागत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार BBMP ने वर्तमान IOC फ्लाइओवर को ध्वस्त कर जिस नयी फ्लाइओवर का निर्माण करने का प्रस्ताव दिया है, उस परियोजना की लागत करीब 380 करोड़ रुपए होने वाली है। हाल ही में BBMP ने IOC जंक्शन के पास एक रोटरी फ्लाइओवर का टेंडर जारी किया है, जिसमें बयप्पनहल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर 2 लेन होंगे।
कैसा होगा फ्लाइओवर
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार जिस Unidirectional फ्लाइओवर का निर्माण करने का BBMP ने प्रस्ताव रखा है, वह कुछ ऐसा होने वाला है :-
- यह फ्लाइओवर 4.5 किमी लंबी रोटरी फ्लाइओवर होगी जिसका एक स्ट्रेच मारुति सेवानगर के पास ITC लिमिटेड से बानसवाड़ी मेन रोड तक होगा।
- फ्लाइओवर में एक गोलाकार जंक्शन होगा जिसके 4 एग्जिट होंगे, कम्मनहल्ली, पुराना मद्रास रोड, बानसवाड़ी और सर एमवी टर्मिनल।
- जो भी गाड़ियां गोलाकार जंक्शन में प्रवेश करेंगी वो गोल घूमकर इन चारों में से किसी भी एक स्ट्रेच से एग्जिट करेगी।
- गोलाकार जंक्शन 4 लेन का होगा, जिसमें से हर एक चौड़ाई 3.5 मीटर होगी और 7.5 मीटर चौड़ा अप्रोचिंग रैंप होगा।
- अगर कोई वाहन पहली बार में किसी भी कारणवश अपने एग्जिट से बाहर नहीं निकल पाता है तो उसे फिर से गोलाकार जंक्शन का पूरा चक्कर लगाना पड़ेगा।
- दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फ्लाइओवर पर वाहनों की अधिकतम गति 30 किमी/घंटा रखने का फैसला लिया गया है।

इस फ्लाइओवर का मुख्य भाग ही यह गोलाकार जंक्शन होने वाला है जो मुंकुंद थिएटर के पास बनेगा और इसकी परिधि करीब 95 मीटर होने की संभावना है।
खत्म होगी ट्रैफिक जाम की परेशानी
विशेषज्ञों की मानें तो इस फ्लाइओवर के निर्माण से सर एमवी टर्मिनल के पास ट्रैफिक का बहाव काफी हद तक सामान्य होने की संभावना है। बताया जाता है कि ऐसा ही एक फ्लाइओवर चेन्नई में भी बनाया जा चुका है, जिसकी सफलता के बाद ही BBMP ने बैंगलोर में भी ऐसा फ्लाइओवर बनाने की पहल की है। इस परियोजना से सबसे ज्यादा फायदा दक्षिण पश्चिम रेलवे को हो सकता है। साथ ही फ्लाइओवर के निर्माण के लिए थोड़ी सी निजी जमीन भी अधिग्रहण करने की आवश्यकता भी सामने आयी है।



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