बैंगलोर का डबल डेकर फ्लाईओवर (Double Decker Flyover) आखिरकार पूरी तरह से तैयार हो गया है। मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा बेंगालुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) के हवाले से किया गया है। बताया जाता है कि फ्लाईओवर की फाइनल सुरक्षात्मक जांच होनी अभी बाकी है, जिसके पूरा होते ही अगले कुछ दिनों के अंदर फ्लाईओवर को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
बता दें, बैंगलोर का यह पहला डबल डेकर फ्लाईओवर है, जिसके नीचले स्तर का इस्तेमाल सड़क मार्ग से आवाजाही करने वाले वाहनों के लिए और ऊपरी हिस्सा नम्मो मेट्रो के लिए बनाया गया है।

कहां से कहां को जोड़ेगी फ्लाईओवर?
बैंगलोर के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर के बारे में BMRCL से मिली जानकारी के अनुसार यह एक रोड फ्लाईओवर है, जो 3.3 किमी लंबा है। यह रागीगुड्डा को सेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB) से जोड़ता है। इस फ्लाईओवर के ऊपरी स्तर से होकर यलो लाइन मेट्रो, आरवी रोड से बोम्मासांद्रा (Bommasandra) का भी संचालन किया जाएगा। Money Control की एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों द्वारा इसकी फाइनल सुरक्षात्मक जांच की जाएगी जिसके बाद कुछ दिनों के अंदर इसे खोल दिया जा सकता है। संभावना है कि इसे 15 जून के बाद किसी दिन खोला जा सकता है।
1 साल में पूरी तरह से खुल जाएगा
BMRCL ने सीएसबी जंक्शन पर पांच लूप और रैंप (A, B, C, D और E) का निर्माण भी कर रहा है, जिसमें A, B, C, रैंप रागीगुड्डा/बीटीएम लेआउट की ओर से केआर पुरम और होसुर रोड को जोड़ेंगे जबकि D और E रैंप केआर पुरम की ओर से बीटीएम लेआउट और रागीगुड्डा की ओर को जोड़ेंगे।
मीडिया से बात करते हुए BMRCL के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बीएल यशवंत चव्हाण ने बताया कि रैंप A, B, C पर सभी आवश्यक गतिविधियों को पूरा कर लिया गया है और उम्मीद की जा रही है कि इसे जून में ही खोल दिया जा सकेगा। वहीं D और E रैंप के जून 2025 तक पूरे होने की संभावना है। यानी इन दोनों रैंप का निर्माण पूरा होने में अभी 1 साल का और वक्त लग सकता है।

होगा सिग्नल फ्री कॉरिडोर
बता दें, एक ही फ्लाईओवर से रोड और मेट्रो दोनों तरह के परिवहन का संचालन यानी डबल डेकर फ्लाईओवर इससे पहले जयपुर, नागपुर और मुंबई में बन चुके हैं। बैंगलोर के डबल डेकर फ्लाईओवर में रोड फ्लाईओवर जमीन से लगभग 8 मीटर और मेट्रो मार्ग लगभग 16 मीटर ऊपर है।
बताया जाता है कि रागीगुड्डा से CSB के बीच का कॉरिडोर सिग्नल फ्री होगा। इस वजह से संभावना है कि पिक-आवर के दौरान यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से जुझना नहीं पड़ेगा। चव्हाण ने मीडिया को बताया कि ड्राइवर रागीगुड्डा से CSB बिना किसी सिग्नल के ही पार करके सीधे HSR लेआउट और होसुर रोड पर पहुंच सकेंगे।
आउटर रिंग रोड और होसुर रोड को जोड़ने वाला CSB जंक्शन बैंगलोर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक है। जानकारी के अनुसार इस जंक्शन पर दो मेट्रो स्टेशन भी होंगे: ब्लू लाइन (सीएसबी-केआर पुरम), जो आउटर रिंग रोड के साथ-साथ चलती है। और अब येलो लाइन (आरवी रोड-बोम्मासंद्रा)। पहले दोनों लाइन को जोड़ते हुए एक ही स्टेशन बनाने की योजना थी लेकिन दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी 355 मीटर हो गयी जिस कारण उन्हें जोड़ा नहीं जा सका।

पूरे यलो लाइन का ट्रायल रन 13 जून से शुरू
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर मेट्रो पूरे इलेक्ट्रॉनिक सिटी कॉरिडोर (यलो लाइन : आरवी रोड से बोम्मसांद्रा) के मेन लाइन पर 13 जून से ट्रायल रन शुरू करने वाली है। पहले ट्रायल रन 7 जून से शुरू होने वाला था लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के सामने आने की वजह से अब यह ट्रायल रन 13 जून से होगा।
बता दें, मार्च 2024 में BMRCL ने बोम्मासांद्रा और बोमनहल्ली के बीच स्लो ट्रायल रन शुरू किया था लेकिन अब पूरे यलो लाइन पर ट्रायल रन संचालित होगा। पहले आरवी रोड से बोम्मासांद्रा को जोड़ने वाली 18.8 किमी लंबी यलो लाइन के 2021 में ही शुरू होने की उम्मीद थी लेकिन बाद में BMRCL ने इस डेडलाइन को दिसंबर 2024 तक टाल दिया है। इसे दिसंबर तक टालने की मुख्य वजह ट्रेन की अनुपलब्धता बतायी जाती है।



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