बैंगलोर के पहले डबल डेकर फ्लाइओवर का औपचारिक रूप से उद्घाटन कर्नाटक के डेप्यूटि सीएम शिवकुमार ने 17 जुलाई को कर दी। यह डबल डेकर फ्लाइओवर न सिर्फ बैंगलोर बल्कि दक्षिण भारत में बना पहला डबल डेकर फ्लाइओवर है। सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से आउटर रिंग रोड और होसुर रोड बैंगलोर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में गिना जाता है, जहां गाड़ियों की लंबी लाइन लगी रहती है।
लेकिन जरा रुकिए...। आप अपनी गाड़ी इस फ्लाइओवर की तरफ मोड़े, उससे पहले हम आपको बता दें कि अभी डबल डेकर फ्लाइओवर को ट्रायल रन के लिए खोला गया है।
सिर्फ एक तरफ से वाहन कर सकेंगे आवाजाही
Money Control की एक रिपोर्ट के अनुसार बैंगलोर के रागीगुड़ा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB) के बीच 3.3 किमी लंबा फ्लाइओवर, जिस पर बैंगलोर मेट्रो का यलो लाइन (आरवी रोड-बोम्मसांद्रा) भी मौजूद है, को अभी ट्रायल रन के लिए खोला गया है।
बताया जाता है कि इस फ्लाइओवर का इस्तेमाल आम जनता आवाजाही के लिए कर सकते हैं, लेकिन इसे आधिकारिक रूप से डबल डेकर फ्लाइओवर का उद्घाटन नहीं माना जाएगा। इस फ्लाइओवर से होकर सिर्फ एक तरफ से आम नागरिकों की गाड़ियां आवाजाही करेंगी। इसे Trial Run करार दिया जा रहा है। ट्रायल रन की सफलता के बाद फ्लाइओवर का उद्घाटन किया जाएगा।
सिग्नल फ्री कॉरिडोर
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर के रागीगुड़ा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक का डबल डेकर फ्लाइओवर का स्ट्रेच पूरी तरह से सिग्नल फ्री कॉरिडोर है। इससे उम्मीद की जा रही है कि पिक आवर के दौरान बैंगलोर का सबसे व्यस्त जंक्शन होने के बावजूद फ्लाइओवर पर गाड़ियों का जाम नहीं लगेगा।
बता दें, डबल डेकर फ्लाइओवर का नीचला हिस्सा सड़क मार्ग से वाहनों की आवाजाही और ऊपरी हिस्से का इस्तेमाल नम्मा मेट्रो करने वाला है। इस फ्लाइओवर से होकर मेट्रो की यलो लाइन (आरवी रोड-बोम्मसांद्रा) गुजरेगी जिसके इस साल के अंत तक पूरे होने की संभावना है।
कितनी रही लागत और किन्हें मिलेगा फायदा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बैंगलोर के 5.25 किमी लंबे डबल डेकर फ्लाइओवर के निर्माण में लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत आयी है। इस फ्लाइओवर के निर्माण में आयी लागत को BBMP और BMRCL बांट लेगी। कर्नाटक के डेप्यूटि सीएम ने अपने बयान में बताया कि डबल डेकर प्लाइओवर के खुल जाने से होसुर रोड की ओर आवाजाही करने वाले 30% लोगों को फायदा मिलने वाला है।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एचएसआर लेआउट और महादेवपुरा में रहने वाले लोगों को इस फ्लाइओवर की वजह से सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि बैंगलोर में 9.5 किमी लंबी एलिवेटेड 5 लेन रोड बनाने की भी योजना है जिसकी लागत करीब 5,475 करोड़ होने वाली है।
बैंगलोर मेट्रो की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार इस फ्लाइओवर के शुरू होने से रागीगुडा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक लोगों को बिना किसी रुकावट के आवाजाही करने में सुविधा प्रदान करेगा। एचएसआर लेआउट को फ्लाइओवर से जोड़ने वाला 1.37 किमी लंबा रैम्प अभी भी निर्माणाधिन है, जिसके जून 2025 तक पूरा होने की संभावना है।



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