जिस चीज का पिछले लंबे समय से पर्यटकों को इंतजार था, आखिरकार वह इंतजार खत्म होने ही वाला है। बैंगलोर के बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क (BBP) में जल्द ही लायन और टाइगर सफारी के साथ अब पर्यटक लेपर्ड सफारी का भी आनंद उठा सकेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में कर्नाटक वन, पर्यावरण और इकोलॉजी मंत्री ईश्वर खांडरे ने वन विभाग और चिड़ियाघर प्रबंधन के साथ बैठक की, जिसमें लायन व टाइगर सफारी के साथ लेपर्ड सफारी को शुरू करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया था।

बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क प्रबंधन की तरफ से 20 हेक्टेयर की भूमि को सफारी के चिन्हित किया गया है। चिन्हित भूमि पर सावधानी और रणनीतिपूर्वक ऊंची जालियां और बाड़े लगाए गये हैं ताकि जानवर भाग न सकें। चुंकि लेपर्ड (तेंदुए) शर्मिले और काफी चालाक होते हैं, इसलिए वे हमेशा भागने की फिराक में रहते हैं। इस वजह से उनके भागने की सभी संभावनाओं को खत्म करके ही बाड़ों को तैयार किया जा रहा है।
इस स्थान पर 20 तेंदुए रखने की जगह है लेकिन फिलहाल इस जगह में करीब 12 तेंदुओं को ही रखा जाएगा। बाद में, धीरे-धीरे पशुओं की संख्या बढ़ायी जाएगी ताकि उनके आपसी लड़ाई-झगड़ों की संभावनाओं को रोका जा सकें। लेपर्ड सफारी के लिए जितने तेंदुओं को रखा जाएगा, वो सभी 2 महीने तक की आयू में बचाए (Rescue) गये थे और फिलहाल उनकी उम्र लगभग 1 साल तक की है।

बता दें, बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क के चिड़ियाघर में कुल 70 तेंदुएं, 19 बाघ और 19 शेर हैं।
कब से शुरू होगी लेपर्ड सफारी
मिली जानकारी के अनुसार अगल डेढ़ से 2 महीने के अंदर बैंगलोर के बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में लेपर्ड सफारी को शुरू करने की तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन उस समय तक अगर लोकसभा चुनावों की घोषणा हो जाती है और देश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी जाती है तो लेपर्ड सफारी को मई में शुरू करने की योजना है।
वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन के साथ हुई बैठक के दौरान राज्य के मंत्री खांडरे ने खास तौर पर जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों को कड़ी चेतावनी और किसी भी प्रकार की लापरवाही में दोषी अधिकारिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हिदायत दी।
कुल मिलाकर अगर सब कुछ ठीक रहा तो अधिकतम मई तक बैंगलोर में रहने वाले और यहां घूमने आने वाले पर्यटकों को बनेरघट्टा बायोलॉजिकल पार्क में लेपर्ड सफारी को अनुभव करने का मौका मिलेगा।



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