सुबह घर से निकलकर पहले बस या ऑटो के लिए लंबा इंतजार, ट्रैफिक जाम में फंसते हुए किसी तरह से थोड़ा-थोड़ा खिसकते हुए मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना और अगर मेट्रो स्टेशन से ऑफिस दूर हुआ तो फिर से वहीं कहानी...। या तो पैदल चलकर या दौड़कर सही समय पर ऑफिस पहुंचने की हड़बड़ाहट या दोबारा से ट्रैफिक के धक्के खाना। पूरे दिन के काम के बाद थक-हारकर घर वापस लौटते समय भी यह कहानी एक बार फिर से दोहरायी जाती है।
बेंगलुरु में रहने वाले ऑफिस कर्मी की कमोबेश यहीं कहानी होती है। कितना अच्छा होता न अगर ऑफिस से निकलते ही मेट्रो स्टेशन सामने मिल जाता। कम से कम दिन भर की थकावट के बाद ट्रैफिक के धक्के तो नहीं खाने पड़ते।

बेंगलुरु के एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को जल्द ही यह सुविधा मिल सकती है। इंतजार है तो बस नम्मा मेट्रो के यलो लाइन के शुरू होने का। मीडिया रिपोर्ट की माने तो बेंगलुरु के एक निजी कंपनी के ऑफिस परिसर से सीधे यलो लाइन मेट्रो, जो आरवी रोड से बोम्मसांद्रा तक जाएगी, को जोड़ने वाला है। इसका फायदा यह होगा कि कंपनी के कर्मचारियों को सुबह ऑफिस जाते समय न तो मेट्रो से ऑफिस तक और न ही शाम को ऑफिस से मेट्रो स्टेशन तक के लिए परिवहन के साधन ढूंढने पड़ेंगे।
Money Control की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु मेट्रो के यलो लाइन के शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी परिसर में मौजूद एक निजी कंपनी के कर्मचारियों सीधे मेट्रो स्टेशन तक पहुंच जाएंगे। मेट्रो प्लाजा सीधे ऑफिस परिसर को यलो लाइन मेट्रो के कोनप्पा अग्रहाला मेट्रो स्टेशन (वित्तपोषित) से जोड़ देगा।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि निजी कंपनी द्वारा वित्तपोषित मेट्रो प्लाजा, कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाने का काम करेगा। इस मेट्रो स्टेशन का इस्तेमाल सिर्फ निजी कंपनी के कर्मचारी ही नहीं करेंगे बल्कि यहां आम नागरिकों के लिए प्रवेश के लिए अलग प्रवेश द्वार भी होगा। बताया जाता है कि ऑफिस परिसर और मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए 372 मीटर लंबी फुट ओवरब्रिज बनायी गयी है।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार निजी कंपनी के कर्मचारियों को मेट्रो प्लाजा में प्रवेश या बाहर निकलने के लिए अपना कार्ड स्वाइप (Card Swipe) करना होगा। इसके बाद वे सीधे मेट्रो स्टेशन में प्रवेश या बाहर निकल सकेंगे। जानकारी के अनुसार इस स्टेशन के निर्माण में करीब ₹115 करोड़ का निवेश कंपनी ने किया था। स्टेशन पर आधी ऊंचाई वाले प्लेटफार्म स्क्रीन डोर लगाए गये हैं। बताया जाता है कि इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की ओर से इस स्टेशन को जल्द ही ग्रीन सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।
गौरतलब है कि बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने पहले कहा था कि मेट्रो के यलो लाइन की शुरुआत दिसंबर 2021 तक कर दिया जाएगा लेकिन बाद में कहा गया कि यह जनवरी में शुरू होगा। हालांकि अब कहा जा रहा है कि साल 2025 के मध्य तक यलो लाइन के शुरू होने की संभावना है।
इसकी वजह बतायी जा रही है कि टीटागढ़ रेल सिस्टम से पहली ट्रेन अगले महीने (जनवरी के अंत तक) बेंगलुरु में पहुंच सकती है। इस मेट्रो स्टेशन के शुरू होने के बाद हर दिन यहां से होकर लगभग 18,000-20,000 यात्री आवाजाही कर सकेंगे। वहीं पूरे यलो लाइन मेट्रो से होकर प्रतिदिन लगभग 1.75-2 लाख यात्री यात्रा करेंगे। अगले 30 सालों तक इस स्टेशन के देख-रेख की जिम्मेदारी उक्त निजी कंपनी ही उठाने वाली है।



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