आपने अक्सर सुना होगा 'सावधानी हटी-दुर्घटना घटी', लेकिन आज हम आपसे कह रहे हैं 'स्पीड बढ़ी तो समझो जेब कटी'। जी हां, अगर आप बैंगलोर-मैसूर रोड से होकर आवाजाही करते हैं तो अपनी गाड़ी के स्पीड मीटर को नियंत्रण में रखने की ज्यादा जरूरत है। क्योंकि बैंगलोर-मैसूर रोड पर 1 जुलाई से लागू हो रहा है इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS)।
इस सिस्टम को सबसे पहले पिछले साल दिसंबर में कर्नाटक में लॉन्च किया गया था। अब इसे बैंगलोर से मैसूर रोड नेटवर्ट पर 1 जुलाई से लागू करने की घोषणा कर्नाटक के ADGP, ट्रैफिक व सड़क सुरक्षा आलोक कुमार ने की है।

क्या है ITMS
बैंगलोर-मैसूर रोड नेटवर्क पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को लगभग 250 हाई सेंसर ऑटोमेटिक कैमरा के साथ लागू किया जाएगा। इन कैमरों की सबसे बड़ी खासियत है कि इनमें ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नीशन (ANPR) की तकनीक है। इसके अलावा 50 प्रमुख जंक्शन पर 80 रेल लाइट वायोलेशन डिटेक्शन (RLVD) कैमरा भी लगाए जाएंगे।
अगर आपको लगता है कि ये कैमरे बस तभी काम करते हैं, जब आप इनके पास से होकर गुजरते हैं या आपको दिखाई देते हैं, तो जनाब आप गलत हैं। ये सभी कैमरे हाई सेंसर से लैस हैं। अगर आपने कभी भी ट्रैफिक सिग्नल तोड़ा या ओवर स्पीड की तो तुरंत आपकी गाड़ी का नंबर प्लेट ये कैमरे पढ़ लेंगे और आपकी जेब खाली हो जाएगी।

₹8.5 करोड़ की लागत
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार कुल करीब ₹8.5 करोड़ की लागत से इस सिस्टम को बैंगलोर-मैसूर रोड नेटवर्क पर लागू किया जा रहा है। इसमें से ₹4 करोड़ मैसूर सिटी के लिए आवंटित हैं और बाकी का ₹4.5 करोड़ आसपास के जिलों के लिए आवंटित किया गया है। अगर कोई भी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता हुआ पकड़ा जाता है तो 1 जुलाई से ही उसका चालान कटना शुरू हो जाएगा।
और भी कई जगहों पर लागू करने की है योजना
मीडिया रिपोर्ट्स में ADGP आलोक कुमार के हवाले से बताया गया है कि ITMS को बैंगलोर को जोड़ने वाली 4 प्रमुख हाईवे पर लागू करने की योजना है, जिसमें टूमाकुरू रोड (NH4), कनकपुरा रोड (NH 948), होसुर रोड (NH 44) और NH 75 शामिल हैं।

इन सभी हाईवे पर रियल टाइम ट्रैफिक, जाम और ट्रैफिक की स्थिति के बारे में जानकारी देने के लिए वेरिएबल मैसेजिंग साइन (VMS) भी लगाए जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार बैंगलोर-मैसूर हाईवे पर भी अतिरिक्त कैमरा और VMS लगाने की योजना है।
कर्नाटक में सड़कों पर ओवरस्पिडिंग की समस्या को कम करने और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ITMS के अलावा और भी उपाय किये जा सकते हैं। इनमें सड़क सुरक्षा नियमों को प्रदर्शित करते नये साइनबोर्ड, ब्लींकर्स, नशा करके ड्राइव करने वालों को पकड़ने के लिए 800 एल्कोमीटर और स्पीड को नियंत्रण में रखने के लिए 155 लेजर स्पीड गन भी इस्तेमाल किये जाएंगे।



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