हमने राजस्थान के खूबसूरत शहर उदयपुर के बारे में कभी न कभी पढ़ा और सुना और सोशल मीडिया पे देखा होगा। लेकिन क्या आप त्रिपुरा के उदयपुर के बारे में जानते है? जी हां, त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से लगभग 50 किमी दूर त्रिपुरा के गोमती जिले में स्थित है उदयपुर। यह कई मंदिरों से भरा है, जिसमें सबसे प्रसिद्ध मां काली को समर्पित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर है, जो 51 शक्तिपीठों में से एक है। इस लोकप्रिय मंदिर का निर्माण महाराजा श्री धन्य माणिक्य देबबर्मा ने 1501 में गोमती नदी के तट पर बनवाया गया था।

प्रसिद्ध बंगाली लेखक रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने दो नाटकों, राजर्षि और बिशरजन में इस मंदिर का उल्लेख किया है। मंदिर के बगल में एक बड़ी झील है जो कल्याण सागर के नाम से जानी जाती है।

यहां एक और मंदिर है जो भुवनेश्वरी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां एक राष्ट्रीय पुस्तकालय भी है जिसका नाम "नजरुल ग्रंथघर" है। यह नाम सम्मानित बंगाली कवि काज़ी नज़रुल इस्लाम के नाम पर रखा गया है। वह एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व थें जो सामाजिक अन्याय के खिलाफ थें। इस पुस्तकालय में लगभग 75,000 फिक्शन और नॉन-फिक्शन किताबें उपलब्ध है।

बात करें त्रिपुरा के उदयपुर रेलवे स्टेशन की तो बता यह रेलवे स्टेशन बेहद खूबसूरत है। यह स्टेशन त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जैसा बनाया गया है। साथ ही ये रेलवे स्टेशन त्रिपुरा में घूमने की बेहतरीन जगहों में से एक है। यह एक शानदार पर्यटक स्थल है। उदयपुर रेलवे स्टेशन त्रिपुरा सुंदरी मंदिर से तीन किलोमीटर की दूरी पर है। इस स्टेशन का कोड है UDPU और यहां से दो ट्रेन चलती है- त्रिपुरा पैसेंजर और अगरतला पैसेंजर।
उदयपुर रेलवे स्टेशन, पहले रंगमती के नाम से जाना जाता था। यह त्रिपुरा का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। महाराजाओं के शासनकाल के दौरान यह शहर राज्य की राजधानी थी। यह स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे के लुमडिंग रेलवे डिवीजन पर स्थित है। उदयपुर से रेल का परिचालन 3 अक्टूबर 2019 से हुआ।



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