चंबल के बीहड़ का नाम सुनते ही हमें सबसे पहले हाथों में रायफल और गले में गोलियों वाला बेल्ट डाले खुंखार डाकूओं का ख्याल आता है। इनमें पान सिंह तोमर से लेकर फूलन देवी तक शामिल हैं। लेकिन डाकूओं की वजह से कुख्यात चंबल वास्तव में कितना खूबसूरत है, इसे दिखाने के लिए ही अब यहां बीहड़ सफारी शुरू की गयी है।

7 मई से शुरू हुए बीहड़ सफारी में अब देसी-विदेशी पर्यटकों उन इलाकों में भी घूम सकेंगे जहां इन खुंखार डाकूओं का डेरा हुआ करता था। बीहड़ सफारी के लिए पर्यटकों को ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।
15-20 लोगों के ग्रुप में जाएंगे सफारी पर
बीहड़ सफारी को एक निजी एजेंसी आयोजित कर रही है। इसके लिए बुकिंग ऑनलाइन ही करनी होगी। फिलहाल बीहड़ सफारी के लिए 1000 रुपये प्रति व्यक्ति का शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि इसमें भविष्य में बदलाव हो सकता है। फिलहाल 15 जून तक बीहड़ सफारी चलेगी।

एक ट्रिप के लिए बुकिंग होने के बाद सफारी करवाने वाली एजेंसी सफारी की तारीख बताएगी, क्योंकि इस सफारी पर एक या दो लोगों को नहीं बल्कि कम से कम 15-20 लोगों का ग्रुप ही जाएगा। हां, अगर कोई बड़ा ग्रुप इसके लिए बुकिंग करता है तो उसे हाथों-हाथ सफारी की तारीख मिल जाएगी। मुरैना से यह सफारी शुरू होगी।
मुरैना से 60 किमी का है सफर
बीहड़ सफारी की शुरुआत मुरैना से होगी। मुरैना से चंबल की दूरी 60 किमी की होगी। चंबल के रास्ते इतने खराब व उबर-खाबड़ हैं कि उनपर दो पहिया वाहन लेकर नहीं जाया जा सकता है। इसके लिए थार, बोलेरो या स्कॉर्पियो गाड़ियों से ही ले जाया जा रहा है। सफारी के दौरान आप चाहे तो घोड़ा या ऊंट गाड़ी की सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।

हालांकि इसके लिए आपको अलग से शुल्क देना पड़ेगा। सफारी करवाने वाली एजेंसी मुरैना में होटल से विभिन्न गाड़ियों से पर्यटकों को लेकर चंबल के लिए निकलेगी। शाम को सभी गाड़ियां वापस मुरैना आ जाएंगी। इसके बाद आप चाहे तो वापस घर के लिए रवाना हो सकते हैं।
पहले दिन 100 से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
7 मई से शुरू हुए बीहड़ सफारी के लिए पहले दिन 100 से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। बीहड़ सफारी के लिए कई पर्यटक अपने निजी वाहनों से झुंडपुरा तक पहुंचे। इस गांव से 6 किमी अंदर घना बीहड़ शुरू हो जाता है, जिसका रास्ता दर्रेनुमा होता है।

झुंडपुरा से आगे का 10 किमी का उबड़-खाबड़ रास्ता एजेंसी की तरफ से पर्यटकों को चंबल के बीहड़ का नजारा दिखाते हुए कढ़ावना घाट ले जाया गया। यहां पर पर्यटकों ने सनसेट के शानदार नजारे का लुत्फ उठाया। पर्यटकों को बीहड़ में चाट-पकौड़ी और स्नैक्स का भी आनंद उठाने का मौका भी मिलेगा।
पर्यटक भी बनेंगे डाकू
बीहड़ सफारी के दौरान पर्यटकों को भी डाकू बनने का मौका मिलेगा। दरअसल, यहां पर्यटकों को डाकूओं की ड्रेस और नकली बंदूक दी जाएगी, जिसे पहनकर पर्यटक बीहड़ में फोटो सेशन भी करा सकेंगे। बीहड़ सफारी में पर्यटकों को आत्मसमर्पण कर चुके डाकूओं, उनके परिजनों से बात करने और उनके अनुभवों को जानने का भी मौका मिलेगा।

बीहड़ सफारी के दौरान स्थानीय ग्रामीण भी डाकूओं की वेश-भूषा में पर्यटकों का खूब मनोरंजन कर रहे हैं। पहले दिन स्थानीय ग्रामिण महिलाओं ने पर्यटकों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। बीहड़ में पर्यटकों को विभिन्न प्रकार के जंगली पक्षियों का घोसला देखने को भी मिलेगा।
कैसे पहुंचे मुरैना
मुरैना तक पहुंचने के लिए आपको बस और ट्रेन दोनों की सुविधा मिलेगी। मुरैना रेलवे स्टेशन से 7 किमी दूर होटल इंद्रलोक तक आना होगा, जहां से सफारी करवाने की एजेंसी आपको अपनी गाड़ियों में बीहड़ सफारी पर ले जाएगी। अगर आप आगरा या ग्वालियर से बस से आते हैं तो आप सीधा इस होटल के सामने उतर सकेंगे। विमान से आने वाले यात्रियों के लिए मुरैना का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट ग्वालियर है।



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