अगर बनारस, प्रयागराज, हरिद्वार और ऋषिकेश में होने वाली गंगा आरती को देखकर आपका भी बड़ा मन होता होगा कि इस शानदार अध्यात्मिक अनुभव का साक्षी बनें। लेकिन दक्षिण भारतीय शहर बेंगलुरु में रहने की वजह से आप शामिल नहीं हो पाते हैं और मन मारकर रहना पड़ता है, तो आपके लिए खुशखबरी है। बेंगलुरु में पहली बार आयोजित होने वाली कावेरी नदी की आरती।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कर्नाटक सरकार की ओर से कावेरी नदी की आरती की व्यवस्था की जा रही है, जो बेंगलुरु शहर में जलापूर्ति का मुख्य स्रोत है। बताया जाता है कि इस आरती को ठीक वैसे ही आयोजित करने की योजना है, जैसे बनारस में गंगा आरती की जाती है।

कब और कहां होगी कावेरी आरती?
Deccan Herald की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार 21 मार्च की शाम को बेंगलुरु के संकी टैंक (Sankey Tank) पर कावेरी आरती आयोजित होगी। काशी से सीधे पंडितों को इस खास अवसर के लिए बेंगलुरु लाया जा रहा है, जिनकी देखरेख में ही कावेरी आरती का आयोजन किया जाएगा।
ऐसा पहली बार होगा जब बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (BWSSB) की ओर से कावेरी आरती का आयोजन किया जा रहा है। बताया जाता है कि बेंगलुरु शहर में जलापूर्ति का लगभग 70 प्रतिशत कावेरी नदी से ही किया जाता है। जो प्रतिदिन लगभग 2225 मीलियन लीटर पानी बेंगलुरु को आपूर्ति करती है।
बांटा जाएगा प्रसाद
मीडिया रिपोर्ट में संभावना जतायी जा रही है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी कावेरी आरती में हिस्सा ले सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि कावेरी आरती के मौके पर करीब 10,000 लोग उपस्थित होंगे, जिसमें BWSSB के कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। BWSSB के चेयरमैन राम प्रसत मनोहर ने इसे एक ऐतिहासिक कार्यक्रम करार दिया है।

बताया जाता है कि कावेरी आरती के बाद BWSSB भागमंडला और कावेरी नदी की दो अन्य सहायक नदियों का पानी बतौर प्रसाद वितरित करेगा। इसके साथ ही यहां लेजर शो, लाइट डिस्प्ले, लाइव ऑर्केस्ट्रा व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कावेरी आरती के लिए संकी टैंक का ही चयन किया गया है क्योंकि माना जाता है कि कावेरी नदी की एक सहायक नदी वृशभवती का उद्गम यहीं से होता है। इसके प्रतीक चिन्ह के तौर पूर्वजों द्वारा श्री जल गंगम्मा ताई का मंदिर भी बनवाया था, जो आज भी यहां मौजूद है।
संकी टैंक को बेंगलुरु का सबसे स्वच्छ झील माना जाता है। इसलिए ही यहां कावेरी नदी की आरती को आयोजित करने का फैसला लिया गया है। बताया जाता है कि अब से साल में एक बार कावेरी नदी की आरती का आयोजन संकी टैंक पर किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि बेंगलुरु के सभी झील सीवेज के पानी से दूषित होते हैं। सिर्फ संकी टैंक का पानी ही शुद्ध बना हुआ है। इसलिए आरती का आयोजन यहीं किया जा रहा है, जिससे झील में सीवेज का पानी प्रवेश को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को सचेत व जागरुक किया जा सकें।



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