बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट के लिए 3 ऐसी जगहों का चुनाव कर लिया गया है जहां इस एयरपोर्ट का निर्माण किया जा सकता है। हालांकि अभी तक इन तीनों जगहों में से कहां पर दूसरा एयरपोर्ट बनेगा, इसका निर्धारण कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत करने के बाद ही की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर बेंगलुरु में स्काईडेक (Skydeck) बनाने की परियोजना, जो कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के दिल के काफी करीब है, के लिए जगह का निर्धारण बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह फाइनल होने के बाद ही की जाएगी। लेकिन क्या तब तक स्काईडेक परियोजना ठंडे बस्ते में चली जाएगी?

कौन सी 3 जगहें दूसरे एयरपोर्ट के लिए चुनी गयी?
पिछले साल बेंगलुरु व आसपास के क्षेत्र में 7 ऐसी जगहों का चुनाव किया गया था, जहां दूसरे एयरपोर्ट का निर्माण किया जा सकता है। हाल ही में आयी Money Control की एक मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार जिन 3 जगहों को बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट की संभावित जगह के तौर पर चुना गया है, उनमें शामिल हैं -
i. बिदादी (मैसूर रोड)
ii. हारोहल्ली (कनकपुरा रोड)
iii. सोलुर (नेलमंगला और कुनीगल के बीच मौजूद)
इनमें से बिदादी और हारोहल्ली रामनगर जिले में पड़ता है, जो उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का गृहजिला भी है। वहीं सोलुर बेंगलुरु ग्रामीण जिले का हिस्सा है। पिछले साल मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने कहा था कि बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट 100 मिलियन यात्रियों को प्रतिवर्ष हैंडल करने के हिसाब से ही तैयार किया जाएगा। इसके लिए लगभग 4500 से 5000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि इन तीन जगहों को दूसरे एयरपोर्ट के लिए संभावित जगह के तौर पर चुना गया है लेकिन कहां पर दूसरा एयरपोर्ट बनेगा इसपर आखिरी मुहर मुख्यमंत्री ही लगाएंगे। उनकी मंजूरी के बाद ही इस जगह का प्रस्ताव एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पास भेजा जाएगा।
क्या स्काईडेक ठंडे बस्ते में?
बेंगलुरु का दूसरा एयरपोर्ट और 250 मीटर की ऊंचा स्काईडेक कभी भी आसपास नहीं बन सकता है। चुकीं दूसरे एयरपोर्ट की जगह लगभग फाइनल होने ही वाली है, इसलिए तब तक के लिए स्काईडेक को ठंडे बस्ते में डालने का फैसला लिया गया है। कुछ ऐसा ही दावा किया गया है कि The Hindu की मीडिया रिपोर्ट में। सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि एक बार बेंगलुरु के दूसरे एयरपोर्ट के लिए जगह का निर्धारण हो जाता है, उसके बाद बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) स्काईडेक के लिए पूरे जोर-शोर से जगह की तलाश शुरू कर देगी।
BBMP स्काईडेक को न्यू गवर्नमेंट इलेक्ट्रिक फैक्ट्री (NGEF) परिसर या फिर कर्नाटक सोप एंड डिटर्जेंट लिमिटेड परिसर में बनाना चाहती है। लेकिन दोनों जगहें ही सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी बतायी जाती हैं, इसलिए AAI और भारतीय वायु सेना इन दोनों में से किसी भी जगह स्काईडेक की अनुमति देगी, इसकी संभावना बहुत कम है।
ऐसे में बेंगलुरु वासियों के लिए दूसरे एयरपोर्ट की जगह का निर्धारण होने तक इंतजार करने के अलावा और कोई चारा दिखाई नहीं दे रहा है, क्योंकि उसके बाद ही स्काईडेक के लिए जगह का निर्धारण किया जा सकेगा।



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