जल्द ही बेंगलुरु को मिलने वाला है एक और डबल डेकर फ्लाईओवर। यह फ्लाईओवर न सिर्फ बेंगलुरु में ट्रैफिक को नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा, बल्कि बेंगलुरु का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर भी होगा। इस फ्लाईओवर पर भी सड़क के साथ-साथ मेट्रो भी चलेगी, जिससे एलिवेटेड मेट्रो लाइन के लिए अलग से फ्लाईओवर बनाने की जरूरत नहीं रहेगी।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु में जिस डबल डेकर फ्लाईओवर को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, वह करीब 32.15 किमी लंबा होने वाला है। इस वजह से ही कहा जा रहा है कि यह बेंगलुरु का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर होगा।

कहां से कहां तक बनेगा नया डबल डेकर फ्लाईओवर?
Hindustan Times की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु में 32.15 किमी लंबा फ्लाईओवर जेपी नगर से हेब्बाल के बीच बनाया जाएगा। रागीगुड्डा-सिल्क बोर्ड स्ट्रेच के बाद इस डबल डेकर फ्लाईओवर को बनाने की योजना बनायी गयी है।
उम्मीद की जा रही है कि बेंगलुरु का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर शहर के पश्चिमी हिस्से के आउटर रिंग रोड पर होने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने में काफी ज्यादा मददगार साबित होगा। इसके साथ ही मगडी रोड पर भी 8 किमी लंबा एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया जाता है कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि हेब्बाल, BELरोड, सुम्मनहल्ली और गोरागुंटेपल्या के उनके दौर के बाद यह सुनिश्चित हो गया कि भविष्य में इन क्षेत्रों में मेट्रो का विस्तार जरूर होगा। इस वजह से भूमि अधिग्रहण को कम करने के लिए डबल डेकर फ्लाईओवर ही सबसे अच्छा उपाय बनेगा। बताया जाता है कि इन सभी परियोजनाओं को पूरी करने के लिए लगभग ₹9800 करोड़ की लागत आने वाली है।
बताया जाता है कि नम्मा मेट्रो के फेज 3 में 40 किमी लंबे दोनों मेट्रो कॉरिडोर में डबल डेकर फ्लाईओवर होंगे। हालांकि पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बावजूद मेट्रो के सीविल कार्यों में इन बदलावों (डबल डेकर फ्लाईओवर) की वजह से टेंडर आमंत्रित करने में देरी हो रही है।

मीडिया से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि हम अगले 30-40 सालों के बारे में सोच रहे हैं। इनके निर्माण की पूरी लागत BBMP और नम्मा मेट्रो में बराबर से बंटेगा। बताया जाता है कि जेपी नगर चौथा फेज और केम्पापुरा के बीच 32.15 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन के लिए गोरागुंटेपल्या में एक महत्वपूर्ण डिजाइन संशोधन किया जाएगा।
पीन्या में एक इंटरचेंज के बजाए अधिकारी गोरागुंटेपल्या जंक्शन पर एक नया मेट्रो स्टेशन बनाने के बारे में सोच रहे हैं। इस बदलाव की वजह से निर्माण की लागत में कमी के साथ-साथ लगभग 300 मीटर मेट्रो लाइन भी कम हो जाएगा। सभी स्टेशनों के बीच के संपर्क को बनाएं रखने के लिए पीन्या में बनाए जाने वाले नए स्टेशन और गोरागुंटापल्या के बीच ट्रैवलेटर को लगाया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन बदलावों की वजह से यात्रियों को थोड़ी असुविधा जरूर हो सकती है लेकिन इससे कई कॉरिडोर के बीच आवाजाही बड़ी आसान हो जाएगी। इससे डॉ. राजकुमार मेमोरियाल स्टेशन और BEL सर्किल के बीच बॉटलनेक जैसी परेशानी खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय और सेंट्रल मैन्यूफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट से यहां जमीन लेकर सड़क का निर्माण करने की योजना भी बनायी गयी है, ताकि मेट्रो यात्रियों को आने-जाने में असुविधा न हो।



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