बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्याएं कोई नई नहीं है। बेंगलुरु शहर का शायद ही कोई इलाका होगा, जहां ट्रैफिक की परेशानी न होती हो। अगर त्योहार या बारिश का मौसम हो तो यह परेशानी इस हद तक बढ़ जाती है कि लोग ऑफिस जाने के लिए भी घरों से बाहर निकलने के बजाए Work From Home करना ही ज्यादा पसंद करते हैं। हालांकि ट्रैफिक की परेशानी का हल ढूंढने के लिए प्रशासन भी लगातार कई तरह के उपाय करती रहती है।
कभी फ्लाईओवर तो कभी अंडरपास बनाकर ट्रैफिक के बहाव को सामान्य बनाए रखने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। इसी क्रम में बेंगलुरु के नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज यानी नाइस (Nice) ने 9 किमी लंबा लिंक रोड बनाने का फैसला लिया है। उम्मीद की जा रही है कि इस लिंक रोड की वजह से पीईएस कॉलेज और होसकरहल्ली की तरफ ट्रैफिक का बहाव काफी हद तक सामान्य बन सकेगा।

क्या है योजना?
The New India Express की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार BHEL से दीपांजलिनगर जंक्शन के बीच 9 किमी लंबा यह लिंक रोड बनायी जाएगी, जो नयनदहल्ली और केंगेरी के बीच ट्रैफिक के बहाव को सामान्य बनाए रखने में मददगार साबित होगी।
इस लिंक रोड के बनने से यात्री सीधे दीपांजलिनगर में प्रवेश कर सकेंगे, इसके लिए उन्हें राजराजेश्वरी नगर जंक्शन, बेंगलुरु यूनिवर्सिटी और पट्टनगेरे सिग्नल को पार करने की जरूरत नहीं होगी। मात्र 20 मिनट में वे केन्गेरी में पंचमुखी गणपति मंदिर जंक्शन से बाहर निकल सकेंगे।
बताया जाता है कि वाहन दीपांजलिनगर में न सिर्फ प्रवेश कर सकेंगे बल्कि अगले 1.5 किमी तक कोई टोल चार्ज भी नहीं देना होगा। इससे वाहनचालकों को पीईएस कॉलेज जंक्शन और बनशंकरी तक जल्दी पहुंचने में मदद मिलेगी, वो भी बिना को शुल्क दिये। इस बारे में मीडिया रिपोर्ट में Nice के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि गाड़ियां अक्सर इस स्ट्रेच पर जाम में फंस जाती हैं।
जिन लोगों को चम्पराजपेट, विजयनगर या शहर के इन हिस्सों से पीईएस कॉलेज या बनशंकरी या फिर मैसूर की ओर जाना होता है, उन्हें आउटर रिंग रोड का सहारा लेना पड़ता है। इस कॉरिडोर का घनत्व काफी ज्यादा है और मैसूर रोड पर वाहनों को ज्यादा ट्रैफिक सिग्नल भी मिलते हैं।
उक्त अधिकारी का कहना है कि BHEL से दीपांजलिनगर जंक्शन के बीच लिंक रोड के बनने से लोग आराम से पीईएस कॉलेज जंक्शन तक 10 मिनट से भी कम समय पहुंच जाएंगे। वहीं केन्गेरी पहुंचने में उन्हें मात्र 20 मिनट का समय लगेगा। BHEL जंक्शन से केन्गेरी तक पिक आवर के दौरान जाने में करीब 60 मिनट का समय लग जाता है, लेकिन लिंक रोड के बनने से लोग पहले 9 किमी का सफर इस रोड से होकर तय कर लेंगे और उसके बाद Nice पेरिफेरल रोड, जो बेंगलुरु-मैसूर रोड वाया केन्गेरी अपना सफर तय कर सकेंगे।
क्या होगा फायदा?
Nice के अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि जिन वाहन चालकों को दीपांजलिनगर से केन्गेरी के बीच कम से कम 4 सिग्नल पार करना पड़ता था, इस लिंक रोड के बन जाने से उन्हें थोड़ी राहत मिलेगी। संभावना जतायी जा रही है कि इस लिंक रोड के बन जाने से मैसूर रोड पर वर्तमान ट्रैफिक का करीब 30 प्रतिशत ट्रैफिक कम हो जाएगा, क्योंकि इससे ट्रैफिक बंट जा रहा है।
इसके आगे वाहन चालक बेंगलुरु-मैसूर कंट्रोल्ड हाईवे से होकर आगे बढ़ सकेंगे, जब सोमपुरा से 13 किमी का रास्ता तैयार हो जाएगा। बताया जाता है कि यह उन बड़े वाहनों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, जो बिदादी इंडस्ट्रियल एरिया से आ रहे हैं। वे अगर यह रूट लेते हैं, तो मैसूर रोड पर भी ट्रैफिक अपने-आप कम हो जाएगी।
लिंक रोड कब तक होगी तैयार?
मीडिया से बात करते हुए Nice के अधिकारी ने उम्मीद जतायी है कि इस स्ट्रेच पर वाहनों का संचालन अगले कुछ महीनों में शुरू होने की संभावना है। इसका अर्थ होता कि नए साल की पहली तिमाही या पहली छमाही तक BHEL जंक्शन से दीपांजलिनगर जंक्शन के बीच 9 किमी लंबा लिंक रोड बनाने का काम पूरा कर लिया जा सकता है। जिसके बन जाने से सबसे ज्यादा मैसूर रोड से होकर आने-जाने वाले लोगों को फायदा मिलेगा।



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