बेंगलुरु में जल्द शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा। बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) ने शहर की परिवहन पद्धति को एक नई दिशा देने की योजना बनायी है, जिसके तहत यातायात का एक ऐसा विकल्प ढूंढा गया है, जिससे प्रदूषण जैसी समस्याएं भी कम से कम हो और लोगों को रोजमर्रा का सफर पूरा करने में ज्यादा परेशानी भी न हो।
इस वजह से परिवहन का सार्वजनिक साधन के तौर पर बेंगलुरु में अब इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने की योजना बनायी गयी है। अप्रैल 2024 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया था कि BMTC ने 320 एसी इलेक्ट्रिक बसों का ऑर्डर एक निजी कंपनी को दिया, जो एयरपोर्ट रूट्स और टेक कॉरिडोर पर चलायी जाएंगी।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पुरानी वॉल्वो बसों की जगह पर दो मुख्य रूट्स पर इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। जिन दो प्रमुख रूट्स पर इलेक्ट्रिक एसी बसें चलेंगी, उनमें पहला वज्र है और दूसरा वायु वज्र है। वज्र बेंगलुरु के टेक कॉरिडोर का जबकि वायु वज्र एयरपोर्ट सेवाओं को हिस्सा है।
वॉल्वो बस से इलेक्ट्रिक एसी बसों में होने वाला यह परिवर्तन न सिर्फ यात्रियों को सुविधा और पहले के मुकाबले ज्यादा आराम पहुंचाएगा बल्कि कार्बन का उत्सर्जन भी काफी हद तक कम हो जाएगा। इससे बेंगलुरु में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी मदद मिलेगी।
शुरू हो चुका है ट्रायल रन
MoneyControl की एक मीडिया रिपोर्ट में BMTC के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि केम्पेगौड़ा बस स्टेशन से काडुगोडी (व्हाईटफिल्ड) के बीच ट्रायल के तौर पर इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन किया जा रहा है। इस रूट पर ट्रायल के लिए 5 इलेक्ट्रिक एसी बसें चलायी जा रही हैं।
इन बसों को सड़कों पर पूरी तरह से उतारने से पहले इनका परफॉर्मेंस, उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन और कितना भरोसेमंद है इसकी जांच की जा रही है। इसके साथ ही ट्रायल रन के दौरान बस को लेकर यात्रियों से उनकी प्रतिक्रिया भी पूछी जा रही है।
कब से शुरू होगा पूरी तरह से परिचालन?
बेंगलुरु में अभी एयरपोर्ट से व्हाईटफिल्ड रूट पर इलेक्ट्रिक एसी बसों का सिर्फ ट्रायल रन ही किया जा रहा है। अभी मात्र 5 बसों को ही इस रूट पर चलाया जा रहा है। लेकिन बाकी की 320 बसों का संचालन भी इसी साल से शुरू होने की संभावना मीडिया रिपोर्ट में जतायी गयी है। बताया जाता है कि इस साल पहली तिमाही में ही यानी मार्च 2025 तक बेंगलुरु की सड़कों पर, विशेष रूप से एयरपोर्ट रूट पर वॉल्वो बसों के बजाए इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
बताया जाता है कि Ohm ग्लोबल मोबिलिटी को इन बसों के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, जो अशोक लेयलैंड का ही एक हिस्सा है। बसों को चलाने से लेकर उनके रख-रखाव, ड्राईवरों की नियुक्ति, चार्जिंग से संबंधिक सभी संरचनाओं की जिम्मेदारी Ohm ग्लोबल मोबिलिटी पर होगी। वहीं BMTC कंडक्टरों को नियुक्त करेगा। इन बसों को हर दिन 225 किमी के हिसाब से 12 सालों में 350 दिन वार्षिक सफर तय करने को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी Ohm ग्लोबल मोबिलिटी की ही होगी।
बता दें, मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि BMTC पहली बार एसी इलेक्ट्रिक बसों को लॉन्च कर रहा है। अब तक BMTC 1269 नॉन-एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करती थी। इन बसों को लीज मॉडल पर लिया गया था, जिसके लिए BMTC प्रति किमी शुल्क चुकाती है।
नॉन एसी बसों की तुलना में एसी इलेक्ट्रिक बस निश्चित रूप से ज्यादा आरामदायक होंगी जो यात्रा का आधुनिक विकल्प बनने के साथ-साथ सफर को पहले से बेहतर बना देगा। यह भारत के आईटी हब में न सिर्फ कार्बन फुट-प्रिंट को कम करेगा बल्कि आधुनिक व यात्रा का आरामदायक विकल्प बनकर भी उभरेगा।



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