बेंगलुरु में ट्रैफिक की परेशानी को दूर करने के लिए जिस तरह से मेट्रो रेल के कई कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है, उसी तरह से कई सड़क परिवहन परियोजनाओं पर भी साथ में ही काम चल रहा है। शहर के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर पर हेब्बाल से सिल्क बोर्ड के बीच अंडरग्राउंड टनल रोड का निर्माण करने के प्रस्ताव पर काम चल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस टनल रोड के बनने से हेब्बाल से सिल्क बोर्ड के बीच आने-जाने में लगने वाला 90 मिनट का समय घटकर 20 मिनट पर पहुंच जाएगा। लेकिन इस टनल रोड पर आवाजाही मुफ्त नहीं होगी बल्कि इससे होकर आने-जाने वाली गाड़ियों को टोल शुल्क चुकाना पड़ेगा।

Indian Express की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु के सिल्क बोर्ड-हेब्बाल ट्विन टनल रोड का जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार किया जा रहा है, उसमें टोल शुल्क का प्रावधान किया जा रहा है। बताया जाता है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने जो गैजेट प्रकाशित किया है, उसमें 16.6 किमी लंबे इस टनल रोड पर टोल शुल्क लगाने की बात कही है।
सिर्फ इतना ही नहीं, साल-दर-साल यह टोल शुल्क में निर्धारित मात्रा में वृद्धि भी होगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सिल्क बोर्ड से हेब्बाल के बीच बनने वाला ट्विन टनल रोड ट्रैफिक जाम जैसी परेशानियों से आपको राहत जरूर दिलाएगी लेकिन इस राहत को पाने के लिए आपको अपना पॉकेट भी थोड़ा ढीला करना पड़ सकता है।
सिल्क बोर्ड-हेब्बाल टनल रोड
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बेंगलुरु में हेब्बाल एस्टिम मॉल जंक्शन से सिल्क बोर्ड केएसआरपी जंक्शन के बीच भूमिगत टनल रोड का निर्माण किया जाएगा, जिसमें कई प्रमुख इलाकों में प्रवेश व निकासी के लिए रैम्प भी बनाए जाएंगे। मेखरी सर्किल, रेसकोर्स और लालबाग (इन जगहों पर प्रवेश व निकासी का रैम्प भी बनाया जाएगा) को सीधे जोड़ने वाली यह टनल रोड हेब्बाल से सिल्क बोर्ड के बीच आने-जाने में लगने वाले समय को 90 मिनट से घटाकर मात्र 20 मिनट का बना देगी।
कितना होगा टोल शुल्क?
बताया जाता है कि 16.6 किमी लंबे हेब्बाल-सिल्क बोर्ड ट्विन टनल रोड पर लगभग ₹320 का टोल शुल्क लागू किया जा सकता है। लेकिन इस टोल शुल्क में हर साल 5% की दर से वृद्धि भी होगी। बताया जाता है कि टोल शुल्क को लागू करने का Base Year वित्तिय वर्ष 2030-31 को माना गया है।
इसका अर्थ है कि हेब्बाल-सिल्क बोर्ड के बीच ट्विन टनल रोड को बनाने का काम पूरा करने का लक्ष्य भी 2030 तक ही निर्धारित किया गया है। बता दें, गैजेट में टोल शुल्क को सिर्फ गाड़ियों (कार) के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा और किसी भी वाहन के लिए टोल शुल्क का प्रस्ताव अभी तक नहीं दिया गया है।
| कहां से कहां तक | दूरी | टोल शुल्क |
| हेब्बाल-सारजापुर/HSR लेआउट | 16.3 किमी | ₹320 |
| हेब्बाल-होसुर मेन रोड | 12.79 किमी | ₹250 |
| हेब्बाल-शेषाद्री रोड | 9.05 किमी | ₹180 |
| आउटर रिंग रोड, के.आर. पुरम-सिल्क बोर्ड | -- | ₹320 |
| मेखरी सर्किल-सिल्क बोर्ड | 12.54 किमी | ₹245 |
| रेसकोर्स-सिल्क बोर्ड जंक्शन | 9.8 किमी | ₹195 |
| जयनगर-हेब्बाल | 13 किमी | ₹255 |
| जयनगर-आउटर रिंग रोड और केआर पुरम | 12.36 किमी | ₹245 |
| सी.वी.रमण रोड से हेब्बाल | 6.60 किमी | ₹130 |
इस बारे में मीडिया से बात करते हुए बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के एक अधिकारी ने बताया कि इन सभी टोल शुल्क प्राथमिक स्तर पर सिर्फ आनुमानिक हैं। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, उसके बाद इनको फाइनल भी कर लिया जाएगा। उक्त अधिकारी ने बताया कि कार के अलावा दूसरे वाहन जैसे ऑटो, दो पहिया वाहन आदि को टनल रोड से होकर आने-जाने की अनुमति पर अभी सरकारी स्तर पर निर्णय लेना बाकी है।
बता दें, बैंगलोर का यह टनल रोड कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास मंत्री डी के शिवकुमार की महत्वकांक्षी परियोजना है। हालांकि इस कुछ लोगों ने टनल रोड का यह कहते हुए विरोध भी किया था कि यह परिवहन के सस्ते विकल्पों के खिलाफ है। लेकिन राज्य सरकार ने इस टनल रोड पर अपनी दलील देते हुए कहा कि यह ट्विन टनल रोड तेज रफ्तार कनेक्टिविटी देने के साथ-साथ एस्टीम मॉल जंक्शन से सिल्क बोर्ड जंक्शन के बीच न सिर्फ ट्रैफिक जाम को कम करेगा बल्कि ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के साथ-साथ ईंधन भी बचाएगा।



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