बेंगलुरु में बनेगा एक नया शहर, SWIFT City। हाल ही में इस बात की घोषणा कर्नाटक के उद्योग मंत्री एम.बी. पाटिल ने की। उन्होंने बताया कि इस नए शहर का नाम SWIFT City होगा। इस बारे में बताते हुए कर्नाटक के मंत्री पाटिल ने कहा कि SWIFT City बेंगलुरु में नए-नए उद्योगों को आकर्षित करेगा। देश की तकनीकी राजधानी या फिर सिलीकॉन सिटी कही जाने वाली बेंगलुरु को बतौर इंडस्ट्रियल हब स्थापित करने में SWIFT City का महत्वपूर्ण योगदान होने वाला है।
पर SWIFT City है क्या? कहां बनेगी SWIFT City? कौन सी वो खासियतें होंगी, जो औद्योगिक घरानों को बेंगलुरु की तरफ आकर्षित करने में मददगार साबित होगी? और सबसे जरूरी सवाल, आखिर क्यों अचानक बेंगलुरु में एक नया शहर SWIFT City बनाने की जरूरत महसूस हुई?

क्या है SWIFT City?
बेंगलुरु के पास सारजापुर में एक नया शहर बसाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसे SWIFT City का नाम दिया गया है। कुछ दिनों पहले ही ऐसा ही एक और शहर KWIN city के नाम से बसाने का प्रस्ताव कर्नाटक सरकार ने दिया था। SWIFT City का मतलब है -
S - Startup (स्टार्टअप)
W - Workspaces (वर्कस्पेसेस)
I - Innovation (इनोवेशन)
F - Finance (फाइनेंस)
T - Technology (टेक्नोलॉजी)
SWIFT City के बार में एमबी पाटिल का कहना है कि कर्नाटक का नया इंडस्ट्रियल हब SWIFT City बनेगा। इसे ITPL और इलेक्ट्रॉनिक सिटी के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। बेंगलुरु में जो कंपनियां नए उद्योगों को शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए जगह की कमी नहीं होगी और SWIFT City एक शानदार विकल्प बनकर उभरेगा।
क्यों नए शहर को बसाने की हुई जरूरत?
Economics Times की रिपोर्ट में एमबी पाटिल के हवाले से बताया गया कि बेंगलुरु में पहले से ही हजारों कंपनियां मौजूद हैं। लेकिन अक्सर यहां अच्छी तरह से योजना बनाए हुए वर्कप्लेस की कमी होने की शिकायत अक्सर स्टेकहोल्डर करते रहते हैं।
इसी शिकायत को दूर करने के लिए सारजापुर में SWIFT City को बसाने के बारे में सोचा गया है। इसे कर्नाटक के औद्योगिक विकास के एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर विकसित करने की योजना है। पाटिल का कहना है कि बेंगलुरु के सिलीकॉन सिटी के तौर पर पहचाना जाता है लेकिन राज्य सरकार कर्नाटक को सिलीकॉन स्टेट के रूप में नयी पहचान दिलाना चाहती है।

क्या-क्या होगा यहां विशेष?
- SWIFT City को सारजापुर के पास 1000 एकड़ के क्षेत्र में बसाया जाएगा।
- NH44 और NH48 की वजह से आईटी हब को शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।
- सारजापुर में बसाए जाने वाले SWIFT City में विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया करवायी जाएंगी।
- स्टार्टअप्स को छोटे और मध्यम आकार के वर्क प्लेस, 5,000 से 20,000 वर्ग फीट, बिक्री या फिर शेयरिंग मॉडल पर मुहैया करवाएं जाएंगे।
- बेहतर यातायात संपर्क को बनाए रखने के लिए यहां 150 मीटर चौड़ी सड़क बनायी जाएगी।
- सारजापुर में सिर्फ स्टार्टअप और औद्योगिक वर्कप्लेस ही नहीं बल्कि यहां लोगों के रहने के लिए घर, बच्चों के लिए स्कूल आदि की व्यवस्था भी की जाएगी।
पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बेंगलुरु में इलेक्ट्रॉनिक सिटी और ITPL की सफलता को ध्यान में रखते हुए 5 नए KWIN City बनाए जाएंगे। इनमें विजयपुरा और हुबली-धारवाड शामिल है। इसके बारे में विस्तृत जानकारी इन्वेस्ट कर्नाटक समिट में बताया जाएगा।
बता दें, सितंबर में बेंगलुरु से लगभग 60 किमी की दूरी पर डोड्डास्पेटे और डोड्डाबल्लपुर में लगभग 2000 एकड़ के क्षेत्र में KWIN सिटी बसाने की घोषणा कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने की थी। इसे सैटेलाइट टाउन रिंग रोड पर बनाया जाएगा। एमबी पाटिल ने उस समय बड़े ही विश्वास के साथ कहा था कि KWIN City देश के GDP के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।



Click it and Unblock the Notifications














