Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »केरल के 15 बैकपैकिंग स्‍थल

केरल के 15 बैकपैकिंग स्‍थल

By Namrata Shastry

केरल के बैकवॉटर यानि पानी के झरने 100 मिलियन से भी ज्‍यादा पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। केरल राज्‍य में आज भी आयुर्वेद का चलन प्रचलित है और यहां पर उझिचिल और पिझिचिल उपचार शामिल हैं। यहां पर आयुर्वेद से अर्थराइटिस जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। इकसे अलावा केरल में कई तरह के त्‍योहार भी मनाए जाते हैं और यहां हर नुक्‍कड़ और कोने में गिरजाघर या मस्जिद में कोई ना कोई त्‍योहार मनाया जा रहा होता है।

केरल में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। अश्‍वगंधा, आमलकी, कटफल, ब्राह्मी, यश्तिमधु और संखुपुष्‍पम जैसी कुछ औषधीय गुणों से युक्‍त जड़ी-बूटियां केरल राज्‍य में मिलती हैं। इस जगह को स्‍वयं ईश्‍वर की धरती भी कहा जाता है। हरे-भरे पेड़ों, समुद्रतटों और सुहावने मौसम से सजा केरल पर्यटकों के लिए किसी जन्‍नत से कम नहीं है।

इस उष्णकटिबंधीय जगह पर आपको खाने के भी कई अलग-अलग तरह के व्‍यंजन भी मिल जाएंगे। तो चलिए जानते हैं केरल की बेहतरीन जगहों के बारे में।

अलेप्‍पी

अलेप्‍पी

अलेप्‍पी में रहने की व्‍यवस्‍था बहुत बढिया मिलती है। यहां पर आपको हॉस्‍टल या होमस्‍टे में ठहरने की सुविधा आराम से मिल जाएगी लेकिन अलेप्‍पी आ रहे हैं तो आपको किसी होटल की जगह हाउसबोट में रहने का मज़ा लेना चाहिए। बैकवॉटर्स के बिलकुल नज़दीक हाउसबोट में रहने का आनंद ही कुछ और होता है। अलेप्‍पी की संकरी सड़कों से गुज़रने के लिए आप कैनोइ राइड भी ले सकते हैं। अलेप्‍पी को पूर्व का वेनिस कहा जाता है।

धूप से बचने के लिए शिकारा राइड भी बढिया रहेगी। इसके अलावा हाउसबोट में लंच, डिनर और रात को रूकने की सुविधा भी उपलब्‍ध है। तो अगर आप अलेप्‍पी आएं तो किसी होटल में रूकने की बजाय हाउसबोट का मज़ा लें।

यहां की स्‍थानीय शराब भी बहुत मशहूर है। मसालेदार खाना पसंद है तो आपको अलेप्‍पी में खाने का स्‍वाद जरूर चखना चाहिए। केरल के व्‍यंजनों में अलग ही मसाले डाले जाते हैं। इसके अलावा अलेप्‍पी में कई मंदिर और गिरजाघर देख सकते हैं।

कोच्चि

कोच्चि

अगर एयरपोर्ट पर उतरते ही आपको थकान महसूस हो रही है तो अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के नज़दीक फोर्ट कोच्चि में आप आराम फरमा सकते हैं। यहां के पारंपरिक रीति-रिवाज़ आपको स्‍थानीय लोगों के बारे में जानने में मदद करेंगे। कोच्चि के समुद्रतटों पर मछली और समुद्री जीव पकड़ने के लिए चीनी फिशिंग नैट लगा रहता है जोकि पर्यटकों का सबसे ज्‍यादा ध्‍यान अपनी ओर खींचता है।

कोच्चि में ऐसे कई दर्शनीय स्‍थल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। भारत का पहला यूरोपियन चर्च सैंट. फ्रांसिस चर्च भी कोच्चि में स्थित है। इसके अलावा बाज़ार रोड़ पर आप दुनिया के बेहतरीन मसालों से परिचित होंगे। शाही डच महल में कोच्चि के राजा रहते थे और यहां पर एक आराधनालय भी है जोकि राष्ट्रमंडल देशों की पूरी सूची में एकमात्र सक्रिय आराधनालय है।

घूमने के अलावा श्रीकृष्‍णा कैफे में आप डोसा का स्‍वाद चख सकते हैं और पैलेस रोड़ से सांता क्रूज़ बसिलिका तक और फोर्ट कोच्चि तट का नज़ारा भी पर्यटकों को आनंदित कर देता है।

मुन्‍नार

मुन्‍नार

फोर्ट कोच्चि से आप वॉल्‍वो बस में मुन्‍नार आ सकते हैं। कोच्चि से मुन्‍नार 6 घंटे की दूरी पर स्थित है। ईरनाकुलम से हर घंटे मुन्‍नार के लिए सीधी बस मिलती है। मुन्‍नार शहर आसान और मुश्किल ट्रैकिंग के लिए भी जाना जाता है। यहां पर चाय की फैक्‍ट्री, कैंपिंग, ट्रैकिंग और एडवेंचर का मज़ा ले सकते हैं।

एडवेंचर के अलावा फोटो खींचने के शौकीन लोगों को भी मुन्‍नार में सब कुछ मिलेगा। कोच्चि से मुन्‍नार के रास्‍ते में आपको ऐसी कई खूबसूरत जगहें दिखेंगी जिन्‍हें देखकर आपका मन खिल उठेगा। यहां मट्टुपेट्टी और देवीकुलम बहुत मशहूर है। इन जगहों से आसपास का शानदार नज़ारा देखने को मिलता है और यहां पर आप बोटिंग का मज़ा भी ले सकते हैं।

केरल वन विभाग द्वारा मीसापुलिमाला ट्रैकिंग का आयोजन किया जाता है। सरवण भवन का स्‍वादिष्‍ट और शायद सबसे लंबा डोसा आपकी भूख को शांत करने के लिए काफी होगा। इकसे अलावा यहां कुछ रेस्‍टोरेंट भी हैं जिनमें से एक राप्‍सी भी है। इस रेस्‍टोरेंट की दीवारों पर यहां आए लोगों ने अपनी भाषा में कुछ संदेश लिख रखे हैं। अगर आप भी यहां आएं तो अपनी भाषा में इसकी दीवार पर एक मैसेज जरूर लिखें।

थेक्‍कड़ी

थेक्‍कड़ी

PC: Jonathanawhite

कोच्चि से थेक्‍कड़ी या पेरियार 165 किमी दूर है। अगर आपको कार चलाना पसंद है तो ये 4 घंटे का पेरियार वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य का रास्‍ता आपको जिंदगीभर याद रहेगा। नीलगिरी की रहस्‍यमयी पहाडियां और पेरियार झील में बोटिंग का मज़ा लेकर आप एक दम तरोताजा महसूस करेंगे।

थेक्‍कड़ी के जंगलों में आप एलीफैंट राइड का भी मज़ा ले सकते हैं। यहां की जीप ड्राइव भी बहुत मशहूर है। शाम को केरल मार्शियल आर्ट शो होता है जिसे देखने के लिए भारी संख्‍या में पर्यटक यहां आते हैं।

कोवलम

कोवलम

तिरुवंद्रम एयरपोर्ट या रेल से कोवलम केवल 20 किमी की दूरी पर स्थित है। अगर आप रोज़ाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से उब गए हैं तो कोवलम में आपके मन को ताजगी और आराम जरूर मिलेगा। कोवलम के समुद्रतट, नारियल के पेड़ और वनस्‍पतियां यहां की खूबसूरती को दोगुना कर देते हैं। यहां पर आपको आयुर्वेदिक हीलिंग एक्‍सपर्ट की मदद से अपनी एनर्जी को भी बढ़ा सकते हैं।

वायनाड़

वायनाड़

वायनाड़ से 53 किमी दूर नीलांबुर रोड़ सबसे निकटतम रेलवे स्‍टेशन है। देश के प्रमुख शहरों से वायनाड के लिए बस सुविधा उपलब्‍ध है। वायनाड का निकटतम हवाई अड्डा कैलिकट इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। वायनाड का ठंडा सुहावना मौसम और झरने, गुफाएं, झीलें और बांध पर्यटकों के मन को मंत्रमुग्‍ध कर देते हैं।

यहां पर स्थित मुथंगा वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य में डीयर, बिसोन, चीता और भालू भी देख सकते हैं। वायनाड़ के जंगलों में ट्री हाउस पर्यटकों को सबसे ज्‍यादा लुभाते हैं। इसके अलावा यहां चाय, कॉफी, इलायची और मसालों का उत्‍पादन भी किया जाता है।

त्रिवंद्रम

त्रिवंद्रम

ये राजधानी शहर अपनी संस्‍कृति के लिए जाना जाता है। यहां पर आज भी सांस्कृतिक विरासत और शानदार वास्तुकला की विशिष्टता को आप देख सकते हैं। तेजी से हो रहे शहरी विकास का असर त्रिवंद्रम की संस्‍कृति पर अब तक नहीं पड़ा है। कोवदियार पैलेस में आपको शाही रहन-सहन और शान देखने को मिलेगी। यहां पर त्रावणकोर के शाही परिवार को जानने का अवसर भी पर्यटकों को मिलता है।

वरकाला

वरकाला

पर्यटकों को वरकाला समुद्रतट बहुत पसंद आता है। केरल की ये जगह बहुत सुंदर है और शायद यही वजह है कि वरकाला तट पर पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। त्रिवंद्रम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वरकाला महज़ 40 किमी दूर है और आपको अलेप्‍पी से बस भी मिल सकती है।

वरकाला में आप योग का आनंद भी ले सकते हैं। इकसे अलावा वॉटर स्‍पोर्ट्स के लिए भी वरकाला बहुत मशहूर है। वरकाला के दूध से सफेद पानी को देखकर ही पर्यटकों का मन खुशी से भर जाता है। सनसैट के मनोरम दृश्‍य और सर्फिंग का मज़ा भी यहां ले सकते हैं।

कुमारकोम

कुमारकोम

कुट्टनड क्षेत्र में वेंबनाद झील के छोटे द्वीपों का समूह की कुमारकोम है। यहां 14 एकड़ में फैली भूमि पर पक्षी अभ्‍यारण्‍य बना है। इसमें एग्रेट्स, हेरॉन, डार्टर्स, टील, वॉटरफाउल, कुक्‍कू, जंगल बत्तख और साइबेरियन स्‍टोर्क जैसे प्रवासी पक्षी देखने को मिलेंगे।

कुमारकोम के दर्शनीय स्‍थलों में अएमनम, पल्लिकूदम, कल्‍लारा, नट्टाकोम, पनाचिकाडू जलाशय, थझाथंगडी, थन्निरमुक्‍कम बंद आदि शामिल हैं। इस जगह को आप एक ही दिन में घूम सकते हैं। इसके अलावा कुमारकोम में मॉनसून के दौरान हाउसबोट का आनंद ले सकते हैं।

कोल्‍लम

कोल्‍लम

PC: Rajeev Nair

क्‍यूलोन के नाम से मशहूर कोल्‍लम में बहुत बढिया काजू मिलते हैं। यह अरब के तट पर स्थित एक पुराना बंदरगाह शहर है। अष्‍टमुडी की झील के झिलमिलाते पानी में पर्यटकों का मन आनंद से भर जाता है।

यह एक दिलचस्प स्थान है जिसे सुंदर देसिंगनाडु के रूप में संदर्भित किया गया था। कोल्‍लम को वाणिज्यिक केंद्र के साथ-साथ महलों के एक सुंदर शहर के रूप में भी जाना जाता है। रंगीन शहर, समुद्र तटों, झरनों और धार्मिक स्थलों से कोल्‍लम सजा हुआ है। यहां भारी मात्रा में इल्मेनाइट, रूटाइल, मोनाजाइट और जिरकोन जैसे खनिज पाए जाते हैं।

कोल्‍लम कई कारणों से बहुत खास है। 14वीं सदी में लीलाथिलकम और उन्‍नुनीलिसंदेसम जैसे दो साहित्यिक उपहार केरल को सौंपे गए थे। यहां तक कि रमनट्टम और कृष्णट्टम का भी ऐतिहासिक महत्‍व है। राज्‍य में कोल्‍लम जिला सातवें स्‍थान पर आता है।

कोट्टायम

कोट्टायम

Source:

कोट्टायम को केरल की लैटर राजधानी कहा जाता है। 100% साक्षरता की शुरुआत कोट्टायम से ही हुई थी। ये मध्य केरल के दक्षिण में स्थित है। यहां के सुरम्य परिदृश्य, बैकवॉटर्स, पक्षी अभयारण्य और मंदिर इस स्थान के सौंदर्य को बढ़ाते हैं। यह स्थान उत्तर में एर्नाकुलम, पूर्व में इडुक्की और दक्षिण में अलाप्पुझा और पठानमथिट्टा जिलों से घिरा हुआ है।

इस शहर में औपनिवेशिक शैली के घर आकर्षित लगते हैं और कोट्टायम वास्तव में अपने उत्कृष्ट चर्चों और कई प्रकार की पुस्तकों के लिए प्रसिद्ध है। इस जिले में 1000 साल पुरानी मस्जिद भी है। कोट्टायम सबरीमाला, एट्टुमानूर, भारंगम, अरुविथुरा, वैकोम, एरुमेली, मनारकाड और अथिरमपुझा के तीर्थ केंद्रों का एक अनूठा प्रवेश द्वार है। इतना ही नहीं इन स्‍थानों तक पहुंचने के बीच में आपको पेर्मेदु, मुन्नार, इडुक्की, थेक्कडी, एर्नाकुलम और मदुरई के मंदिर भी देखने को मिलेंगे।

पलक्‍कड़

पलक्‍कड़

PC: Ashwin Kumar

पलघाट के नाम से लोकप्रिय इस शहर में पर्यटकों के लिए बहुत कुछ है। 18 वीं शताब्दी का पलक्कड़ किला उस समय के युद्धों की गाथा बयां करता है। इसके मैदान में एक हनुमान मंदिर भी स्थित है। 15वीं शताब्दी में कलपथि मंदिर के पास स्थित विश्वनाथ स्वामी मंदिर में होने वाला भव्य रथोलसवम रथ समारोह भी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है।

मालमपुझा शहर में स्थित रॉक गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इस गार्डन को पुनर्नवीनीकरण चीज़ों से बनाया गया है। आप मालपुझा गार्डन में पिकनिक मना सकते हैं या फिर केबल कार से यहां के शानदार दृश्यों का मज़ा ले सकते हैं। धोनी झरने के पानी की चमक आपके मन को सुकून देगी। इसके दक्षिण की ओर नेल्लियापैथी हिल स्टेशन स्थित है। यहां स्थित पोथुंडी बांध छोटी मछलियों को पकड़ने के लिए प्रसिद्ध है। पराम्बिकुलम टाइगर रिज़र्व में बाघों और किनारे पर कुछ सागौन के बागान देख सकते हैं। यहां आकर्षक पक्षियों जैसे ग्रे-हेडेड फिशिंग ईगल देखने को मिल जाएंगे।

बेकल

बेकल

PC: Vinayaraj

बेकल किले का सौंदर्य और विशिष्‍टता पर्यटकों के मन को बहुत लुभाती हैं। ये केरल के सबसे विशाल किलों में से एक है। यह केरल में उत्तरी जिले के दक्षिण में लगभग 16 किमी दूरी पर स्थित है। समुद्रतट से 130 फीट की ऊंचाई पर बना ये किला बहुत मशहूर है और इसके अलावा बेकल का फोर्ट बीच भी पर्यटकों को बहुत पसंद आता है। इस जगह आपको बहुत शांति महसूस होगी।

ये किला एक विशाल इमारत है जो खड़ी पहाड़ियों पर स्थित है और इसे लेटराइट स्लैब से बहुभुज आकार में बनाया गया है। इसमें पेचीदा मीनारों के साथ एक अवलोकन टॉवर भी बना है। इसके बाद अंजनेय मंदिर में चिनाई और लेटराइट से निर्मित दो थेय्यम मूर्तियों के दर्शन भी कर सकते हैं।

यहां रॉक गार्डन का वास्‍तुशिल्‍प पर्यटकों को हैरान कर देता है जबकि टीपू सुल्‍तान द्वारा निर्मित प्राचीन मस्जिद भी यहां आने वाले लोगों का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां समुद्र तट पर रात के समय रोशनी की जाती है जोकि इस जगह के दृश्‍य को और ज्‍यादा सुंदर और मनोरम बनाती है।

देवीकुलम

देवीकुलम

PC: Jaseem Hamza

मुन्‍नार से महज़ 8 किमी की दूरी पर स्थित है देवीकुलम जहां आप अपने परिवार के साथ पिकनिक और खाने का मज़ा ले सकते हैं। यहां हरे-भरे लॉन और वनस्‍पति और जीवों की कई प्रजातियां आपको देखने को मिल सकती हैं।

सीता देवी झील भी दर्शनीय स्‍थानों में से एक है। झील का साफ चमकता हुआ पानी और आसपास का क्षेत्र इस जगह को और भी ज्‍यादा खूबसूरत बनाता है। सबसे खास बात तो ये है कि आप इस झील में फिशिंग भी कर सकते हैं।

सुल्तान बाथरी

सुल्तान बाथरी

PC: Nijusby

इस जिले का सबसे बड़ा व्यापार केंद्र है सुल्तान बाथरी। कोझिकोड-कोल्लेगल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस व्‍यापारिक केंद्र पर मैसूर के टीपू सुल्तान द्वारा 18वीं शताब्दी के दौरान गोला-बारूद भंडारण के भंडार के रूप में कार्य किया गया था। इस जगह को 'गणपतिवट्टोम' के नाम से भी जाना जाता है क्‍योंकि यहां पर अनेक सुंदर मंदिर और धार्मिक स्‍थल स्थित हैं।

सुल्तान बाथरी की शीतोष्ण जलवायु और इसकी हरियाली आपके मन को तरोताज़ा कर देगी। प्रसिद्ध जैन मंदिर के दर्शन यहां जरूर करें। यहां का गणपति मंदिर और मरियम्मन मंदिर बहुत मशहूर है। वायनाड हेरिटेज म्यूजियम भी आप यहां देख सकते हैं।

यात्रा पर पाएं भारी छूट, ट्रैवल स्टोरी के साथ तुरंत पाएं जरूरी टिप्स

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Nativeplanet sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Nativeplanet website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more