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समुद्री तट,वैभवशाली मंदिर, खूबसूरत हिलस्टेशन-सब कुछ मिलेगा तमिल नाडू में

Written By: Goldi

दक्षिण भारत का खूबसूरत राज्य तमिल नाडू की सैर हर तरीके से अनोखी और खास है, यहां की संस्‍कृति, धर्म, सहजता और सुंदरता पर्यटकों का मन मोह लेती है। यहां पर्यटकों के लिए काफी कुछ खास और बेहतरीन है, वह यहां आकर ऐसे दृश्‍यों को भी देख सकते है जिसकी मात्र वह कल्‍पना कर सकते है। आज भी तमिलनाडु की संस्‍कृति और सभ्‍यता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है, इसलिए पर्यटक भारी संख्‍या में यहां आते है।

महज 22000 में घूमें पूरा दक्षिण भारत

तमिलनाडु का इतिहास 2000 साल से भी पुराना है। बहुत उतार-चढ़ाव से भरा हुआ इतिहास। इसने अपनी आंखों से अनेक राजवंशों को शिखर पर चढ़ते और नीचे आते देखा है, जैसेः चेर, चोल, पल्लव और पांड्या। हर शासकवंश के दौरान इस राज्य ने कुछ परंपराओं, रचनाओं को अपने में समेटा और समृद्ध होता रहा। राजवंश खत्म होते रहे और नए आते रहे। इस सब ने इस राज्य की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत ही किया।

दक्षिण भारत के खास 5 मंदिर..जायें जरुर

तमिल नाडू में पर्यटकों के लिए खूबसूरत हिलस्टेशन है, समुद्री तट के साथ साथ बेहद खूबसूरत मंदिर है..जिनकी वास्तुकला देख पर्यटक दांतों तले उंगली दबा जाते हैं। इसके साथ ही यहां विविधता भरी प्राकृतिक खूबसूरती है। वन्यजीव अभयारण्य टूर पर्यटकों को हमेशा ही लुभाते हैं। तमिलनाडु के अभयारण्य दक्षिण भारत में सर्वश्रेष्ठ माने जा सकते हैं। तो आइये जानते हैं तमिल नाडू में घूमने की कुछ खूबसूरत जगहों के बारे में जहां जीवन में एकबार जरुर जाना चाहिए

कैसे आयें

कैसे आयें

हवाई मार्ग से
तमिलनाडु में चेन्नई के पास अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है। यह इस राज्य में आने के लिए सबसे सुविधाजनक माध्यम है। श्रीलंका, दुबई, जर्मनी, जकार्ता, मलेशिया, इंग्लैंड, मालदीव, सऊदी अरब और सिंगापुर से चेन्नई के लिए नियमित अंतराल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हैं। इसके अलावा आप देश के किसी भी हिस्से से हवाई यात्रा कर तमिलनाडु आ सकते हैं। इसके लिए सरकारी और निजी कंपनियों की कई उड़ानें हैं।

रेल मार्ग से
तमिलनाडु का मुख्य रेलवे स्टेशन चेन्नई है। देश के अन्य प्रमुख स्टेशनों से चेन्नई के लिए कई गाड़ियां चलती हैं।

सड़क मार्ग से
तमिलनाडु में सड़कों का व्यापक जाल बिछा है। राज्य से अनेक नेशनल हाइवे गुजरते हैं। स्टेट हाइवे की सड़कें भी खूब हैं। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरू समेत देश के सभी प्रमुख शहर सड़क मार्ग के जरिये तमिलनाडु के चेन्नई और प्रमुख शहरों से जुड़े हुए हैं। तमिलनाडु स्टेट टांसपोर्ट कॉरपोरेशन (टीएनएसटीसी) की बसें पूरे राज्य में दौड़ने के अलावा आपको पड़ोसी राज्य तक भी लाती-ले जाती हैं।

चेन्नई

चेन्नई

चेन्नई जिसे कभी मद्रास के नाम से जाना जाता था का शुमार भारत के सबसे प्राचीनतम शहरों में है। ये शहर ब्रिटिशों के ज़माने से ही अपनी एक ख़ास सभ्यता और संस्कृति के कारण जाना गया है। आज भी व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के नजरिए से यह दक्षिण भारत के साथ-साथ देश का एक महत्वपूर्ण शहर है। वास्तव में चेन्नई को दक्षिण भारत की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर जाना जाता है। चेन्नई अपनी ऐतिहासिक, संस्कृति, विशाल इमारतें और समुद्र के खूबसूरत नज़ारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। चेन्नई का मेरिना बीच पर्यटकों के बीच में खासा लोकप्रिय है। बीच के अलावा चेन्नई में बहुत कुछ ख़ास है जो दर्शनीय है। उनमे से कुछ यूँ है- मत्स्य पालन केन्द्र, अजायबघर और चिड़ियाघर, मद्रास विश्वविद्यालय, पिलेश्वर और पार्थसारथी का मंदिर, चेपॉक महल और सेंट जॉर्ज फोर्ट आदि।

pc:Balasubramanian G Velu

ऊटी

ऊटी

तमिलनाडु का बेहद खूबसूरत और रोमांटिक स्थल ऊटी अपने मनोरम दृश्यों के लिए विश्व विख्यात है। इतना ही नहीं इसकी खूबसूरती के कारण इसे 'पहाड़ों की रानी' भी कहा जाता है। ऊटी कुदरत का खूबसूरत जीता जागता उदाहरण है जो अपने सौंदर्य के लिए तो जाना जाता ही है साथ ही यह हिन्दुस्तान फोटो फिल्म के कारखाने के लिए पर्यटकों के बीच खासा मशहूर है।

PC: RMehra

कुन्नूर

कुन्नूर

एक ऐसा हिल स्टोशन है जो यहाँ आने वाले पर्यटकों के मानस पटल पर अमिट छाप छोड़ जाता है..ये स्थान निलगिरी चाय के उत्पादन के लिए काफी विख्यात है...यहां की हरियाली और मनमोहक दृश्य पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर खींचती है। यह स्थान मनमोहक हरियाली, जंगली फूलों और पक्षियों की विविधताओं के लिए जाना जाता है। यहां ट्रैकिंग और पैदल सैर करने का अपना ही मजा है। यहां मुख्यत: चाय बागानों की सैर पर्यटकों को लुभाती है।

PC:Shankarkarthikeyan

मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर

मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर

यह देवी मीनाक्षी को समर्पित मंदिर है। यह मंदिर ब्रैगधम्बल मंदिर के नजदीक है। मंदिर के पास ही पेरिया-कुलम कुंड है। पेरिया-कुलम कुंड के दक्षिणी हिस्से में भगवान गणेश की 16 रूप वाली प्रतिमाएं हैं। यह देश के सबसे भव्य मंदिरों में गिना जाता है।

PC:Bernard Gagnon

तंजावुर

तंजावुर

तंजावुर तमिलनाडु के पूर्व में कावेरी नदी के डेल्टा पर 29.24 किमी. क्षेत्र में बसा है। इसे तंजौर के नाम से भी जाना जाता है। 18 वीं शताब्दी के अंत में देश की संस्कृति का मुख्य केंद्र रहे, एवं अनेंकों आकृषक तीर्थ स्थलों की मौजूदगी से साल दर साल हजारो पर्यटकों को अपनी ओर आकृषित करने वाला तंजावुर बेहद प्रसिद्ध है। तंजावुर अपने प्रशिक्षण केंद्रों और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां के हस्तशिल्प, कांसे से बनी चीजें और संगीत के सामान देशभर में मशूहर हैं।

PC:Nirinsanity

 महाबलीपुरम

महाबलीपुरम

महाबलीपुरम के मंदिर अपनी नक्काशियों के लिए खासा जाने जाते हैं। इन मंदिरों में वाराह मंडपम, कृष्णा मंडपम, पांच रथ और शोर टेम्पल मुख्य रूप से दर्शनीय है। यहाँ पत्थरों को काटकर बनाई गई चट्टानें भी देखने योग्य हैं। तो क्यों न इस वेकेशन मंदिरों के नगर महाबलीपुरम की सैर की जाये। जो कि तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से 55 किलोमीटर दूर है।

कोडैकनाल

कोडैकनाल

तमिलनाडु के इस खूबसूरत रोमांटिक हिल स्टेशन कोडैकनाल को पर्यटक 'कोडै' के नाम से भी पुकारते हैं। यहाँ की मनमोहक हरियाली, चोटियों से नीचे उड़ते नीले बादल और बल खाती पंगडंडिया यहाँ आये पर्यटकों को दीवाना सा बना देते हैं। यह खूबसूरत हिल स्टेशन घने जंगलों के बीच में है जहाँ तक नज़र उठाओ वहां तक हरियाली के मनमोहक दृश्य ही दिखाई देते हैं।

 कूंठनकुलम पक्षी अभयारण्य

कूंठनकुलम पक्षी अभयारण्य

तिरुनवेली के दक्षिण में स्थित यह अभयारण्य बेहद लोकप्रिय है। यह प्रवासी पक्षियों के लिए तेजी से स्वर्ग की तरह विकसित हो रहा है। शीत ऋतु में यहां 35 प्रजातियों के पक्षी देखे जा सकते हैं।

वेलनकन्नी

वेलनकन्नी

वेलनकन्नी बंगाल की खाड़ी में छोटा-सा टापू है। यह तमिलनाडु में नागापट्टिनम से 14 किमी. की दूरी पर है। यहां स्वास्थ्य की देवी मरियम को समर्पित भव्य गिरजाघर है। यह ईसाईयों के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। इस पवित्र स्थल को वेलंकन्नी की मडोना को समर्पित किया गया है, जिन्हें ‘आवर लेडी ऑफ़ हेल्थ' (स्वास्थ्य की देवी) भी कहा जाता है। गिरजाघर की दीवारों पर बाइबिल से संबंधित शानदार चित्रकारी देखी जा सकती है। सैकड़ों साल पुराने इस गिरजाघर की विशेषता यह भी है कि यहां हिंदुओं की कई परंपराओं को मानने की इजाजत दी गई है। यहां आने पर आप हिंदुओं को मुंडन और कर्णछेदन के संस्कार करते देख सकते हैं। वेलंकन्नी, चेन्नई के दक्षिण में 325 किमी दूर स्थित है और यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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