
राजधानी शहर जयपुर से लगभग 330 कि.मी की दूरी पर स्थित बीकानेर राजस्थान का एक महत्वपूर्ण और बेहद खूबसूरत शहर है। यहां साल भर भारी संख्या में देश-दुनिया के पर्यटकों का आगमन लगा रहता है। यहां के प्राचीन किले, महल, लोक संस्कृति पर्यटकों को काफी ज्यादा प्रभावित करते हैं। यह राजस्थान की प्राचीन रियासतों में से एक है, जिसे 1468 में राव बीका ने बसाया था। यह शहर पर्यटन के लिहाज से काफी खास माना जाता है, जहां आप ऐतिहासिक सरंचनाओं को देखने के साथ-साथ और भी कई शानदार गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इस लेख में हम आपको उन खास गतिविधियों को बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका आनंद आप बीकानेर भ्रमण के दौरान ले सकते हैं।

ऐतिहासिक स्थलों की सैर
बीकानेर भ्रमण की शुरुआत आप यहां ऐतिहासिक किलों, महलों की सैर से कर सकते हैं। आप यहां का प्रसिद्ध जुनागढ़ फोर्ट देख सकते हैं, जो अपनी विशालता और अद्भुत संरचना के लिए जाना जाता है। इस किले को पहले चिंतामणि के नाम से जाना था, बाद में इस किले का नाम जुनागढ़ रख दिया है। किले की वास्तुकला देखने लायक है। इस किले के अंदर और भी कई प्राचीन संरचनाएं मौजूद है। इसके अलावा आप यहां लक्ष्मी निवास महल देख सकते हैं। इस महल की खूबसूरती बेमिसाल है, हालांकि अब यह महल हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया है, जहां हर तरह की शाही सुविधाएं मेहमानों के लिए उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप यहां लालगढ़ पैलेस और संग्रहालय, रॉयल सेनोटैफ, बीकाजी की टेकरी आदि को भी देख सकते हैं।

धार्मिक स्थलों की सैर
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ऐतिहासिक स्थलों के अलावा आप यहां के धार्मिक स्थलों के दर्शन भी कर सकते हैं। यहां कई प्रसिद्ध मंदिर मौजूद हैं, जहां दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आगमन होता है। आप यहां के प्रसिद्ध करणी माता के मंदिर आ सकते हैं। यह मंदिर धार्मिक गतिविधियों के अलावा अपने चूहों के लिए भी जाना जाता है। यह शायद भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां आपको एकसाथ कई चूहें दिख जाएंगे। इसके अलावा आप यहां के भंडेश्वर मंदिर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं। यह एक जैन मंदिर है, जो एक व्यापारी द्वारा बनवाया गया था। माना जाता है कि इस मंदिर में कभी सूखे के दौरान 40 हजार किलों घी का इस्तेमाल किया गया था। इसलिए इस यह घी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इनके अलावा आप यहां के लक्ष्मीनाथ मंदिर के दर्शन भी कर सकते हैं। माना जाता है कि राव बीका यहां स्वंय पूजा करने के लिए आया करते थे।

कला और चित्रकारी
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ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के भ्रमण के बाद आप यहां कला और चित्रकारी को देख सकते हैं। यहां नक्काशी का काम देखने लायक है। यहां की उस्ता आर्ट काफी प्रसिद्ध है। उस्ता आर्ट खास नक्काशी और मनोती को कहा जाता है। बीकानेर के कारीगर और उनकी कारीगरी बहुत ही खास है। माना जाता है यह आर्ट पर्शिया से भारत आया था। उस्ता आर्ट खासकर स्वर्ण आभूषणों पर की जाती है। इसके अलावा आप यहां की चित्रकारियां भी देख सकते हैं। राजस्थान और चित्रकारी का काफी गहरा संबंध है। राजा-महाराजों के वक्त से चित्रकारियों का काम होते आ रहा है। आप यहां लगने वाली प्रदर्शनियों का हिस्सा बन सकते हैं।

लजीज व्यंजनों का आनंद
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राजस्थान की संस्कृति में असल रंग भरते हैं यहां के लजीज पारंपरिक व्यंजन। बीकानेर की सैर को अगर आप यादगार बनाना चाहते हैं तो यहां के स्वादिष्ट और जायकेदार व्यंजनों का लुत्फ जरुर उठाएं। आप यहां कचौरी, गुलकंद मिल्क शेक, घेवर, रसगुल्ला और बीकानेरी भुजिया का स्वाद जरूर चखें। बीकानेर की भुजिया पूरे देश में प्रसिद्ध है। आप यहां के स्थानीय बाजार यहां स्ट्रीट्स में इन व्यंजनों को चख सकते हैं।

शॉपिंग का आनंद
उपरोक्त गतिविधियों के अलावा आप बीकानेर में शॉपिग का आनंद भी ले सकते हैं। बीकानेर वो खास स्थल है, जहां देश की सबसे खास कुंदन ज्वैलरी बनती हैं। बड़ा बाजार, कोट बाजार, एमजी रोड़ ये कुछ खास जगहें हैं, जहां आप अच्छी गुणवत्ता वाली ज्वैलरी खरीद सकते हैं। इसके अलावा आप यहां कैमल लेदर शूज, नोखा रजाई, पेंटिंग्स और खान-पान की चीजें खरीद सकते हैं। आप यहां के स्थानीय आर्ट क्राफ्ट और साज-सज्जा की चीजें भी खरीद सकते हैं।



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