झारखंड को भारत का वनांचल कहा जाता है, इसका मतलब होता है जगंलों वाला क्षेत्र। दरअसल, झारखंड में राज्य का 30 फीसदी हिस्सा जंगलों से भरा है, जो इसे एक खूबसूरत डेस्टिनेशन बनाता है। झारखंड के प्राकृतिक झरने, शानदार नजारा, धार्मिक स्थल व सांस्कृतिक विरासत यहां आने के लिए आपको मजबूर कर देंगे। तो आइए चलते हैं एक छोटे सैर पर, जहां जाकर आप प्रकृति के शानदार नजारों को करीब से निहार सकते हैं। यहां का वन्यजीव अभ्यारण्य व राष्ट्रीय उद्यान भी बेहद खूबसूरत है।
देवघर
देवघर को बैद्यनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। ये जंगलों से घिरा हुआ है और यहां छोटी-छोटी पहाड़ियां भी स्थित है, जो इस स्थान को और भी खूबसूरत बनाती है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग यही स्थित है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब रावण भगवान शिव के इस शिवलिंग को लंका ले जा रहा था, तब ईश्वरीय व्यवधान के कारण उसे नींद आ गई थी और बाबा यही ठहर गए थे। इसके बाद यह शिवलिंग बैजू नाम के एक आदमी को मिला था, जिसके बाद से ही इसका नाम बैद्यनाथ पड़ा। इसके अलावा रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, त्रिकुट, सत्संग आश्रम, नवलखा मंदिर, श्रावणी मेला, शिवगंगा, देवसंघ मठ के साथ-साथ यहां नंदन पहाड़ नामक पहाड़ी भी है, जो आपकी यात्रा को एक शानदार यात्रा में तब्दील करती है।

रांची
रांची को झरनों का शहर भी कहा जा सकता है। झारखंड के राजधानी रांची में ढेरों झरनें, चट्टान से बनी आकृतियां, पहाड़ियां और कई औद्योगिक परिसर हैं। यहां का मौसम सालभर खुशनुमा बना रहता है। दसम फॉल, हुंडरू फॉल, जोन्हा फॉल (गौतमधा्रा) के अलावा यहां नक्षत्र वन, गोंडा और टैगोर हिल्स भी शामिल है। रांची में स्वर्णरेखा नदी के साथ-साथ इसकी कुछ सहायक नदियां भी यहां से बहती है। इसके अलावा यहां कांके, हटिया और रुक्का में बांध भी बनाए गए हैं। साफतौर पर ये कहे कि पर्यटकों के लिए रांची एक अच्छा डेस्टिनेशन है तो ये गलत नहीं होगा।

जमशेदपुर
जमशेदपुर को टाटानगर भी कहते हैं। दरअसल जमशेदपुर शहर का नाम 1919 में जमशेद टाटा के नाम पर रखा गया था। यह झारखंड का सबसे बड़ा शहर है। यहां पर्यटन के रूप में जुबली पार्क, दलमा वन्यजीव अभयारण्य और टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क शामिल है। इसके अलावा यहां भुवनेश्वरी मंदिर भी स्थित है, जिसको लेकर लोगों में काफी आस्था है। नवरात्र के दिनों में यहां भक्तों की भारी भीड़ देखी जाती है। पर्यटन के लिहाज से जमशेदपुर भी एक बढ़िया शहर है।

हजारीबाग
हजारीबाग घने जंगलों, चट्टानों व खूबसूरत झीलों का एक संकलन है, जहां से जंगलों से घिरी कोनार नदी होकर गुजरती है। यहां का हजारीबाग राष्ट्रीय उद्यान बेहद खूबसूरत है यहां पक्षियों की विभिन्न व दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिल जाती हैं। इसके अलावा यहां का कैनरी हिल्स, गर्म पानी का झरना सूरजकुंड, इसको गाँव, राजरप्पा प्रपात, छिन्नमस्ता मंदिर, सताफार, तिलैया बाँध, नरसिंहस्थान मंदिर, राज देरवाह, हज़ारीबाग झील, सिल्वर हिल, कोनार बाँध आदि भी काफी फेमस है, जो यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाता है। ऐसा माना जाता है कि 23वें और 24वें जैन तीर्थंकरों को यहां मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।

पलामू
पलामू अपनी उपजाऊ भूमि और समृद्ध वन्यजीवन के काफी फेमस है। पलामू में कोयल नदी की सहायक नदी औरंगा और अमानत भी यहां से गुजरती हैं। यहां कई फॉरेस्ट बंगले स्थित है, जो एक वन्यजीव और प्राकृतिक प्रेमियों के लिए खासा आकर्षक का केंद्र है। यहां का पलामू टाइगर रिजर्व और बेल्टा नेशनल पार्क काफी प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां का पलामू किला भी पर्यटन का मुख्य केंद्र है।




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