प्रकृति ने पक्षियों की प्रजाति को बड़ा ही खास बनाया है। शायद ऐसा कोई भी नहीं होगा जिसे सुबह-सुबह नाचते-गाते इन पक्षियों की चहचहाहट पसंद नहीं आती हो। अगर आप भी उन लोगों में से है जिन्हें पक्षियों और खासतौर पर पक्षियों को अपने प्राकृतिक आवास में देखना ज्यादा पसंद है, तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़े। बिहार के जमुई में नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य में 3 दिनों के लिए शुरू होने वाला है 'नागी बर्ड फेस्टिवल'।
विदेशी पक्षियों का बनता है बसेरा

बिहार के जमुई के पास झाझा में स्थित नागी-नकटी पक्षी अभयारण्य में सिर्फ देसी ही नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में विभिन्न प्रकार के विदेशी पक्षियों का भी बसेरा बन जाता है। चुंकि अन्य उत्तर भारतीय राज्यों की तरह बिहार में ठंड अधिक पड़ती है और लंबे समय तक बनी रहती है, इसलिए पक्षी अभयारण्य में साल के इस समय भी काफी संख्या में विदेशी पक्षी देख सकेंगे।
नवंबर से लेकर फरवरी तक यहां साइबेरिया से लेकर ऑस्ट्रिया तक से प्रवासी पक्षी आते हैं। एक सर्वे के मुताबित हर साल यहां लगभग 119 प्रजाति के विदेशी पक्षी लंबी यात्रा पर आते हैं। फरवरी के बाद धीरे-धीरे पक्षियों के वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
कब से शुरू होगा 'बर्ड फेस्टिवल'

इस साल 'नागी बर्ड फेस्टिवल' की शुरुआत 17 फरवरी को होगी और यह 19 फरवरी तक चलेगा। इसका आयोजन बिहार के वातावरण, वन्य और पर्यावरण विभाग की तरफ से किया जाता है। बर्ड फेस्टिवल में सिर्फ विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखने का ही नहीं बल्कि कई और गतिविधियों में हिस्सा लेने का भी मौका मिलेगा।
'नागी बर्ड फेस्टिवल' में जो प्रमुख एक्टिविटी होंगी, वो निम्न हैं :
- बाइक रैली
- कार रैली
- पक्षी मैराथन
- साइकल रैली
- पक्षी चेतना रथ
- पक्षी रेस
- पक्षी क्वीज
- बर्ड टॉक
- पॉट पेंटिंग
- पक्षी ग्राम
- नुक्कड़ नाटक
- पक्षी संगीत
- कबड्डी/खो-खो/क्रिकेट/फुटबॉल
- बर्ड स्टूडियो, पक्षी एग्जिबिशन
- साइट सीइंग और भी बहुत कुछ
बता दें, वर्ष 1984 में वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट-1972 के सेक्शन 18 के तहत नागी को पक्षी अभयारण्य का दर्जा मिला था। हालांकि यहां उससे काफी पहले से ही बड़ी तादाद में देसी-विदेशी पक्षी पहुंचते रहते हैं। साल-दर-साल यहां देश के साथ-साथ विदेशों से भी आने वाले पक्षी प्रेमियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। साल 2020 में यहां पहला बर्ड फेस्टिवल आयोजित किया गया था।
कौन-कौन पक्षी दिखते हैं यहां
- लिटल ग्रेबे
- लिटल कार्मोरेंट
- ग्रे हेरॉन
- पर्पल हेरॉन
- इंडियन पाण्ड्स हेरॉन
- केटल एग्रेट
- लिटल एग्रेट
- सर्बियन क्रेन
- डामी डेथ
- रेड क्रेस्टेड पोचार्ड
- नॉर्दन पिनटेल
- बार हेडेड गूज
- लालसर
- ओपन बिल स्टाप
- काली गर्दन वाली पनडुब्बी
- छोटी पनडुब्बी
- वन कौआ

कैसे पहुंचे नागी नकटी पक्षी अभयारण्य
नागी नटकी पक्षी अभयारण्य जमुई के झाझा के पास स्थित है। नागी नकटी पक्षी अभयारण्य जाने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पटना एयरपोर्ट है। राजधानी पटना से झाझा की दूरी लगभग 191 किमी की है। सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में 4:30 घंटों का समय लग सकता है। पटना से झाझा तक जाने के लिए आपको निजी गाड़ियां बुक करने के कई विकल्प आसानी से मिल जाएंगे।
इसके अलावा आप चाहे तो पटना से सेल्फ ड्राइव गाड़ियां भी किराए पर लेकर झाझा जा सकते हैं। अगर आप ट्रेन से झाझा जाना चाहते हैं तो पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल से 10 से ज्यादा ट्रेनों के विकल्प आपको मिल जाएंगे।



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