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राजस्थान के इस मंदिर में किसी देवता की नहीं बल्कि बुलेट की पूजा की जाती है, काफी रोचक है किस्सा

भारत एक ऐसा देश है, जहां हर कदम पर आपको मंदिर मिल जाएंगे। यही कारण है कि भारत को 'मंदिरों का देश' भी कहा जाता है। इतना ही नहीं देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन के नाम पर भी मंदिर बन चुके हैं। लेकिन क्या आपने कभी बुलेट वाला मंदिर सुना है?

इसमें इतना चौंकने वाली बात नहीं है, क्योंकि ये एक कल्पना नहीं बल्कि एक सच्चाई है, जिसे देखने के लिए आपको राजाओं-महाराजाओं की धरती पर जाना होगा। जी हां, राजस्थान के पाली में जिले में स्थित एक मंदिर है, जहां किसी भगवान की नहीं बल्कि बुलेट की पूजा की जाती है। इस मंदिर में रॉयल एनफील्ड बुलेट 350 (Royal Enfield Bullet 350) रखा गया है, जिसे लोग भगवान की तरह पूजते हैं।

bullet baba temple

क्या है बुलेट बाबा मंदिर का इतिहास?

पाली जिले में स्थित इस मंदिर का नाम 'ओम बन्ना धाम' है। इस मंदिर का बुलेट के साथ संबंध होने के कारण इसे 'बुलेट बाबा मंदिर' भी कहा जाता है और ये इसी नाम से पूरे विश्व में विख्यात है। यह मंदिर करीब 3 दशक पुराना है और मंदिर में रखा बुलेट गांव के ही एक निवासी का है, जिनकी मृत्यु एक एक्सीडेंट में हो गई थी।

दरअसल, 30-35 साल पहले चोटिला गांव में एक एक्सीडेंट हुआ, इस दुर्घटना में ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के बेटे ओम सिंह राठौड़ की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उनके शव और बाइक को कब्जे में ले लिया। लेकिन दूसरे दिन बाइक थाने से गायब हो गई और उसी स्थान पर मिली, जहां दुर्घटना हुआ था।

bullet baba temple

हैरान कर देने वाला रहस्य...

पुलिस फिर बाइक को कब्जे में लेकर थाने ले गई और दूसरी सुबह फिर बाइक थाने से गायब हो गई और हादसे वाले स्थान पर मिली। बुलेट को चेन से बांधने के बाद भी ऐसा कई दिन तक चलता रहा। फिर एक दिन ऐसा आया, जब पुलिस ने सोचा कि आज पूरी सच्चाई वे जानकर रहेंगे और देखेंगे आखिर बाइक वहां तक कैसे पहुंचती है? रात में निगरानी के दौरान पुलिस वालों ने पाया कि बाइक खुद से स्टार्ट होकर आगे बढ़ी और हादसे वाले जगह पर जाकर रूक गई।

पिता ने बनवाई थी मंदिर...

इस घटना से हैरान पुलिस वालों ने परिजनों को इस अचंभित कर देने वाली बात को बताया और बाइक लौटा दी। इस पर मृत ओम सिंह राठौड़ के नाम पर स्थानीय लोगों और परिजनों ने मिलकर मंदिर का निर्माण करवाया और वहां पर उस बुलेट को स्थापित कर दिया। तब से ही इस मंदिर में बुलेट की पूजा होती है और इसे बुलेट बाबा मंदिर के नाम से जाना जाता है।

बुलेट बाबा लड्डू नहीं शराब ग्रहण करते हैं...

मंदिर में रखे बुलेट का नंबर RNJ7773 है। सभी मंदिरों की तरह बुलेट बाबा मंदिर में लड्डू नहीं चढ़ाया जाता है। यहां पर बुलेट बाबा को शराब चढ़ाया जाता है। इतना ही नहीं, मंदिर में आने वाले भक्तों को प्रसाद के रूप में शराब वितरित किया जाता है।

कैसे पहुंचें बुलेट बाबा मंदिर?

यह मंदिर पाली के चोटिला गांव में स्थित है, जो जोधपुर शहर से करीब 50 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहां का नजदीकी हवाई अड्डा जोधपुर एयरपोर्ट और नजदीकी रेलवे स्टेशन पाली मारवाड़ रेलवे स्टेशन है। इसके अलावा यहां बस के जरिए भी पहुंचा जा सकता है।

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