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चैत्र नवरात्रि में फिर से देख आएं कोलकाता के बेस्ट दुर्गापूजा पंडालों की मूर्तियां, जानिए कहां!

कोलकाता के दुर्गापूजा की प्रसिद्धी न देश से बाहर विदेशों तक फैल चुकी है। तभी तो UNESCO ने अपनी विश्व धरोहर की लिस्ट में कोलकाता की दुर्गापूजा को भी शामिल किया है। हर साल दुर्गापूजा के समय छोटे-बड़े मिलाकर हजारों पंडालों में मां दुर्गा की आराधना होती है।

अगर कुछ प्रसिद्ध पूजा पंडालों की बात की जाए तो उनकी संख्या भी 200 से अधिक ही होती है। दुर्गापूजा के 7 या 8 दिनों में इन सभी पूजा पंडालों में घूमना संभव नहीं हो पाता है, जिसका मलाल सभी को रह जाता है। लेकिन आज अचानक हम आश्विन माह में होने वाली दुर्गापूजा के बारे में क्यों बात कर रहे हैं?

maa phire elo museum

अरे भई, कुछ ही दिनों में चैत्र नवरात्रि शुरू होने वाली है। तो क्यों न आश्विन की नवरात्रि का अफसोस चैत्र नवरात्रि में दूर कर लिया जाए...। चैत्र नवरात्रि में क्यों न कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा म्यूजियम में घूमकर एक बार फिर से प्रसिद्ध पूजा पंडालों की मूर्तियां देख आएं, जिन्हें न देख पाने का मलाल आपको रह गया था।

कोलकाता और मां दुर्गा एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। इसलिए मां दुर्गा को कोलकाता में कोई वापस जाने नहीं देना चाहता है। दुर्गा पूजा के समय कई महीनों की मेहनत से पूजा पंडाल बनाएं जाते हैं और उतनी ही मेहनत के साथ मां दुर्गा की आकर्षक मूर्तियां भी बनायी जाती हैं।

durga museum kolkata

दुर्गा पूजा के 10-12 दिनों की चकाचौंध के बाद सभी पूजा पंडालों को तोड़ दिया जाता है और मूर्तियां...इतनी मेहनत से बनायी गयी कुछ बेहतरीन मूर्तियों का ठिकाना बनता है दक्षिण कोलकाता के रवींद्र सरोवर में मौजूद 'मां फिरे एलो' म्यूजियम। 'मां फिरे एलो' एक बांग्ला पंक्ति है, जिसका मतलब होता है मां वापस लौट आयी।

साल 2012 में इस म्यूजियम की शुरुआत की गयी थी। इस म्यूजियम को कोलकाता के प्रसिद्ध पूजा पंडालों की शानदार मूर्तियों को संरक्षित करने के लिए तैयार किया गया है। म्यूजियम में मां दुर्गा की लाजवाब मूर्तियों के अलावा टेराकोटा का शानदार काम भी देखने को मिलेगा। यह एक ओपन एयर म्यूजियम है।

durga puja museum

यहां हर साल की चुनिंदा दुर्गा पूजा पंडालों जैसे बोसपुकुर तालबागान, हिंदुस्तान पार्क, बेहला नूतन दल, चेतला अग्रणी क्लब, बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन और समाज सेबी संघ जैसे नामी पूजा पंडालों की मां दुर्गा की आकर्षक मूर्तियों को यहां सजाया जाता है। तो क्यों न चैत्र नवरात्रि में भी दुर्गा पूजा वाली Vibes के साथ दुर्गा म्यूजियम में घूम कर एक बार फिर से दुर्गा पूजा की यादें ताजा कर ली जाएं।

लोकेशन और समय

durga puja idols preserve

दुर्गा म्यूजियम रवींद्र सरोवर परिसर में झील के दक्षिण ओर बनाया गया है। यहां आने के लिए रवींद्र सरोवर गेट नंबर 2 जिसे रेल गेट कहा जाता है, सही होगा। सामान्य दिनों में यहां काफी अधिक भीड़ नहीं होती है। इसलिए अगर शाम को रवींद्र सरोवर में घूमने जाते हैं तो इस म्यूजियम में भी एक बार जरूर घूम कर आ सकते हैं। यह म्यूजियम सुबह 7 से 9 बजे तक और शाम को 3 से 5 बजे तक खुला रहता है। यहां कोई एंट्री फीस नहीं है और फोटोग्राफी की अनुमति भी है।

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