अगले 2 सालों के अंदर चेन्नई एयरपोर्ट (MAA Airport) को नया टर्मिनल मिल जाएगा। चेन्नई एयरपोर्ट का नया टर्मिनल इसके टर्मिनल 2 (T2) के ठीक पास में ही बनाया जा रहा है। नये टर्मिनल को T2 से जोड़कर इसे एक विशाल टर्मिनल का आकार दिया जाएगा जो हवाई यात्रियों की सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा।
चेन्नई एयरपोर्ट पर T2 के ही फेज 2 के रूप में नये टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। नये टर्मिनल का निर्माण पूरा हो जाने के बाद यह एक एकीकृत विशाल टर्मिनल बन जाएगा जो दो घरेलु टर्मिनलों के बीच में होगा या यूं कहें कि दो घरेलु टर्मिनलों से घिरा रहेगा।

चेन्नई एयरपोर्ट के नये टर्मिनल का निर्माण उस स्थान पर किया जा रहा है जहां पुराना अंतर्राष्ट्रीय अराइवल (आगमन) बिल्डिंग मौजूद है। यह T2 के फेज 1 बिल्डिंग के ठीक बगल में बनाया जा रहा है, जिसे घरेलु और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बताया जाता है कि पुराने अंतर्राष्ट्रीय अराइवल बिल्डिंग को तोड़ने का काम पूरा हो चुका है और इसी महीने नये टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) इसे ठेकेदार को सौंप देगी।
लगभग 60,000 वर्गमीटर के क्षेत्र में फैले नये टर्मिनल को T2 से जोड़ दिया जाएगा, जिससे इंटरनेशनल और घरेलु दोनों तरह की उड़ानों का संचालन किया जाएगा। नये टर्मिनल का निर्माण होने से इस एकीकृत टर्मिनल का आकार बढ़कर 1,97,000 वर्गमीटर का हो जाएगा, जिससे होकर हर साल लगभग 3 करोड़ 50 लाख यात्री आवाजाही कर सकेंगे।

बता दें, वर्तमान में इस एयरपोर्ट से होकर साल में 2 करोड़ 50 लाख यात्री आवाजाही कर पाते हैं।
इस बारे में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी ने मीडिया को दिये गये अपने बयान में कहा कि नये टर्मिनल का इस्तेमाल लचीले तरीके से करने की योजना बनायी गयी है। नये टर्मिनल से घरेलु और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के यात्री ही उड़ान भर सकेंगे। जब घरेलु यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी तो उन्हें जुड़वा बिल्डिंग के माध्यम से दूसरे टर्मिनल में भेज दिया जा सकेगा।
गौरतलब है कि चेन्नई एयरपोर्ट से होकर हर दिन लगभग 50,000 यात्री देशभर के विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरते हैं। लॉन्ग वीकेंड, त्योहारों के समय या गर्मी की छुट्टियों में इन यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। हालांकि अभी तक एयरलाइंस कंपनियों को उड़ानों की संख्या बढ़ाने का मौका नहीं मिल पाता था लेकिन नये टर्मिनल के बन जाने से एयरपोर्ट पर अधिक जगह मिलेगी। इससे जब मांग अधिक होगी तब एयरलाइंस कंपनियों को उड़ानों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिल जाएगी।

नये टर्मिनल के बन जाने से कौन सी यात्री सुविधाएं बढ़ेगी?
- यात्रियों के डीबोर्डिंग और उनके विमान में सवार होने के लिए अधिक एयरोब्रिज लगाए जा सकेंगे।
- एयरलाइंस कंपनियों को अधिक उड़ानें शिड्यूल करने में मदद मिलेगी।
- यात्रियों के लिए सेल्फ बैगेज ड्राप सुविधा होगी।
- यात्रियों की भीड़ को मॉनिटर किया जा सकेगा।
- बोर्डिंग के लिए ई-गेट और 3D सेंसर।
- स्पेशलाइज्ड बैगेज स्कैनिंग सिस्टम।
- बैगों को ठीक से लोड व अनलोड करने के लिए बैगेज हैंडलिंग सिस्टम।



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