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यह है दक्षिण भारत का चेरापूंजी, जानिए यहां क्या है आपके लिए खास

अगुम्बे कर्नाटक स्थित एक खूबसूरत प्राकृतिक गंतव्य है जहां कई कारणों से भ्रमण किया जा सकता है। यह हरा-भरा एक शांत स्थल है जहां का वातावरण काफी रिफ्रेशिंग है। कर्नाटक घूमने वाले सैलानी यहां का प्लान बना सकते हैं। राज्य के शिमोगा जिल में स्थित अगुम्बे समुद्र तल से 2725 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

यहां साल भर भारी बारिश होती है, इसलिए इस स्थान को दक्षिण का चेरापूंजी भी कहा जाता है। मानसून के महीनें यानी जुलाई से सितंबर को छोड़कर आप यहां किसी की समय आ सकते हैं। आर.के नारायण की टीवी सीरीज 'मालगुडी डेज़' का काल्पनिक गांव यहीं अगुम्बे में स्थापित किया गया था।

पुस्तक के आधारित 'मालगुडी डेज़' में स्वामी का घर आज भी यहां डोडडमेन के नाम से जाना जाता है। अगुम्बे में घूमने के लिहाज से कई सारी जगहें मौजूद हैं लेकिन इस लेख में खास आपके लिए चुनिंदा स्थानों को शामिल किया गया है, जहां आप जाकर भरपूर मस्ती कर सकते हैं।

सूर्यास्त प्वाइंट

सूर्यास्त प्वाइंट

PC- Arun ghanta

अगुम्बे स्थित सूर्यास्त प्वाइंट काफी खास गंतव्य माना जाता है। यह प्वाइंट सिर्फ अगुम्बे का ही नहीं बल्कि इसकी गिनती पूरी दुनिया के खास सूर्यास्त प्वाइंट में होती है। अगर बेस्ट सनसेट व्यू प्वाइंट को शामिल किया जाए तो उसमें अगुम्बे का नाम उल्लेख जरूर किया जाएगा। पश्चिमी घाटों की उच्चतम चोटियों में से एक पर बसा यह स्थान अरब सागर में सूर्यास्त के अद्भत दृश्यों को देखने का मौका देता है।

सूर्य का रंग में घुलकर सागर अद्भुत सौंदर्यता का लिबास ओढ लेता है। निश्चित तौर पर इन दृश्यों को देखना एक शानदार अनुभव होगा। ये प्वाइंट अगुम्बे गांव से 10 मिनट के पैदल रस्ते पर है।

जोगिगुंडी फॉल्स

जोगिगुंडी फॉल्स

PC- Saurabhsawantphoto

भारत के अन्य छोटे जलप्रपातों की तुलना में जोगिगुंडी फॉल्स में सालभर पानी देखा जा सकता है। ज्यादातर जलप्रपातों की सैर मानसून के दिनों में की जाती है पर आप यहां किसी भी समय आ सकते हैं, यहां आपको पानी हर महीने भरा हुआ ही मिलेगा। क्योंकि यहां पूरे सालभर बारिश होती है। इस जलप्रपात को जोगी इसलिए कहा जाता है क्योकि यहां कभी किसी संत ने कई सालों तक ध्यान लगाया था। इस जलप्रपात की एक अद्वितीय विशेषता यह भी है कि यहां का पानी गुफा से निकलता है इसलिए इसे गुफा झरना भी कहा जाता है।

यहां पानी बड़े ही आराम से नीचे की ओर गिरता है जो नीचे एक तालाब बनाता है। सैलानियों का यहां आकर नहाना बेहद पंसद है। अगर आप चाहें तो इस तालाब में स्नान कर सकते हैं। जलप्रपात के आसपास का नजारा बेहद खूबसूरत है।

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अगुम्बे रेनफोरेस्ट रिसर्च स्टेशन

अगुम्बे रेनफोरेस्ट रिसर्च स्टेशन

PC- Shameersh

यहां अगुम्बे रेनफोरेस्ट रिसर्च स्टेशन भी घूमने लायक स्थान है। अगुम्बे रिसर्च स्टेशन वर्षावन के अंदर स्थित, यह भारत के प्रसिद्ध शोध संस्थानों में गिना जाता है। मालनाद-कोडागु क्षेत्र में स्थित अगुम्बे रेनफोरेस्ट रिसर्च स्टेशन कई अभयारण्य को अपने अंदर समाए हुए है, जिनमें शरवती, मुकाम्बिका, सोमेश्वर और भाद्र वन्यजीव अभ्यारण्य खास हैं। समुद्र तल से यह स्थान 560 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो मुख्यत : दक्षिणी वर्षावनों को संरक्षित करने के लिए स्थापित किया गया है।

यहां के वर्षावन असंख्य जीव जन्तुओं को सुरक्षित आश्रय देने का काम करते हैं। ये वर्षावन किंग कोबरा के लिए भी काभी प्रसिद्ध है। पिछले कुछ सालों में इस रिसर्च स्टेशन ने 100 से ज्यादा किंग कोबरा को बचाया है। पारिस्थितिकी को संरक्षित करने के लिए कई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कूडलू थेरथा फॉल्स

कूडलू थेरथा फॉल्स

PC- Roland mendonca

300 फीट की ऊंचाई पर कुडलू थेरथा फॉल्स कर्नाटक के शानदार जलप्रपातों में गिना जाता है। जहां नीचे इसका पानी गिरता है वहां एक तालाब का निर्माण हो गया है। स्थानीय लोग इस तालाब को पवित्र मानते हैं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि प्राचीन समय में ऋषियों द्वारा इस स्थान का इस्तेमाल ध्यान और तपस्या के लिए किया जाता था। यहां केवल जलप्रपात की ही सुंदरता शेष नहीं है बल्कि यहां का आसपास का इलाक भी काफी शांति और खूबसरती से भरा है।

कर्नाटक आए पर्यटकों को यह स्थान काफी ज्यादा पसंद आता है। इस जलप्रपात को सीता फॉल्स भी कहा जाता है, क्योंकि इसके जल का श्रोत यहां की सीता नदी है। यहां नहाने की इजाजत है लेकिन आप उस स्थान पर स्थान न करें जहां सीधे पानी ऊपर से नीचे गिरता है, ऐसा करने से सर में भारी चोट लग सकती है।

ओनके अब्बी फॉल्स

ओनके अब्बी फॉल्स

PC- Mylittlefinger

उपरोक्त स्थानों के अलावा आप यहां के ओनके अब्बी फॉल्स की सैर का आनंद ले सकते हैं। ओनके का अर्थ होता है चावल और अन्य खाद्यान्नों की कुटाई करने में इस्तेमाल की जाने वाली झड़ी। प्रकृति के बीच बसा यह जलप्रपात काफी खास माना जाता है। यहां के आसपास का दृश्य देखने लायक हैं। अगुम्बे सनसेट प्वाइंट से यहां तक पहुंचने के लिए करीब 4 किमी तक ट्रेक करना पड़ता है।

जैसे-जैस आप इसके नजदीक पहुंचेंगे जलप्रपात की आवाज आसानी से सुन पाएंगे, जो सैलानियों का काफी ज्यादा रोमांचित करती है। ओनके अब्बी फॉल्स एक शानदार जगह है जहां आप अपने दोस्तों के साथ एक एडवेंचर ट्रिप का प्लान बना सकते हैं।

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