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धार्मिक महत्‍व वाले शहर चिखालदारा में क्या क्या कर सकते हैं टूरिस्ट और ट्रैवलर

By Syedbelal

भारत के दूसरे सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य महाराष्ट्र में पर्यटन के कई आयाम हैं। यहां ऐसा बहुत कुछ है जिसके चलते देश के अलावा दुनिया भर के पर्यटक इस खूबसूरत राज्य की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इसी क्रम में आज हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं महाराष्ट्र के एक ऐसे खूबसूरत शहर से जिसकी खूबसूरती का बखान शब्दों में नहीं किया जा सकता। जी हां, हम बात कर रहे हैं चिखालदारा की। महाराष्‍ट्र राज्‍य के अमरावती जिले में स्थित शहर चिखालदारा धार्मिक महत्‍व वाला शहर है। यहां राज्‍य का सबसे अच्‍छा वन्यजीव अभयारण्य और एक मात्र कॉफी बागान है।

चिखालदारा शहर की खोज 1823 में कप्तान रॉबिन्सन ने की थी जो हैदराबाद रेजीमेंट में तैनात थे।चिखालदारा नाम के पीछ एक कहानी है माना जाता है कि पुराने जमाने में इस जगह का राजा किचक हुआ करता था जो अत्‍यंत शक्तिशाली था उसे पांडवो में से एक भाई भीम ने गहरी खाई में फेंक दिया था और उसकी मौत हो गई। तभी से इस जगह का नाम चिखालदारा पड़ गया।

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यदि आपको वन्यजीवन में दिलचस्पी है तो ये डेस्टिनेशन आपके ही लिए है। ज्ञात हो कि चिखालदारा वन्‍यजीवों और उसके प्रेमियों के लिए स्‍वर्ग से कम नहीं है। यहां हजारें की संख्‍या में पेड़, पौधे और पशु - पक्षी पाएं जाते है। ज्ञात हो कि यहां मौजूद सेंचुरी में उड़ने वाली गिलहरी, माउस हिरण, साही, लंगूर, नीला बैल, भारतीय बायसन, जंगली कुत्ता, तेंदुआ, छिपकली, रीसस बंदर, जंगली सूअर आदि जानवर पाएं जाते है।

तो अब देर किस बात की आइये जानें कि इस खूबसूरत स्थान की यात्रा पर आपको वहां क्या क्या देखना चाहिए।

भीमकुंड़

भीमकुंड़

भीमकुंड का शुमार चिखालदारा के सबसे महत्त्वपूर्ण पर्यटक आकर्षणों में है। यह जगह लगभग 3500 फीट गहरी है। माना जाता है कि भीम ने इसी गड्डे में राजा किचक को धक्‍का देकर मार डाला था। इस जगह से आसपास के झरने का लुक बेहद सुंदर लगता है।
फोटो कर्टसी - Kumar Chitrang

महाराष्ट्र वन रेंजर कॉलेज और मेलघाट टाइगर

महाराष्ट्र वन रेंजर कॉलेज और मेलघाट टाइगर

वन रेंजर कॉलेज में विभिन्न जंगली जानवरों और पौधों की प्रजातियों को देखने का अवसर मिलता है। वहीं मेलघाट टाइगर प्रोजेक्‍ट को बाघों की घटती संख्‍या को ध्‍यान में रखते हुए शुरू किया गया है। यह एक नेशनल पार्क गुगामल का हिस्‍सा है। समय मिलने पर पर्यटक यहां अवश्‍य आएं।
फोटो कर्टसी - Kaushik Narasimhan

नामाला फोर्ट

नामाला फोर्ट

तेलीगढ़, जफ्राबाद और नारनाला ये तीनों किले मिलकर शाहनूर किले को बनाते है। नामाला इनका मध्‍य का किला है जो बाकी दोनों के बीच में स्थित है। इस सभी किलों के निर्माण के बारे में किसी को नहीं पता है। इस किले के द्वार को बड़ा दरवाजा कहा जाता है जो देखने में विशाल है। समय मिलने पर इन किलों में घूमने जरूर आएं। इन किलों का निर्माण कब और किसने करवाया है इस बारे में अभी तक कोई भी जानकारी पुरातत्‍व विभाग को हासिल नहीं हुई है।
फोटो कर्टसी - Kumar Chitrang

ग्‍वाईलगढ़

ग्‍वाईलगढ़

यह फोर्ट पठार पर स्थित है जो लगभग 1000 साल पुराना है। माना जाता है कि इस किले को 12 वीं सदी के आसपास बनाया गया था। किले के प्रवेश द्वार को बारा दरवाजा के नाम से जाना जाता है।
फोटो कर्टसी- Ashish Gautam

बकादारी और कललकुंड

बकादारी और कललकुंड

चिखालदारा में बकादारी और कललकुंड नाम के दो बेहद सुंदर झरने है। यहां परिवार के साथ आएं और मौज-मस्‍ती करें। यहां का अपार सौंदर्य पर्यटकों को बांध लेगा। यदि आप चिखालदारा में हों तो इस स्थान की यात्रा अवश्य करें।

फोटो कर्टसी - Kumar Chitrang

बीर झील

बीर झील

1890 के आसपास भारत में अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान इस कृत्रिम झील का निर्माण किया गया था। झील मे जाकर आप परिवार के साथ पिकनिक मना सकते है और पास में ही बने पार्क में सैर कर सकते है। इस झील के पानी से ही पूरे शहर में पीने के और अन्‍य दैनिक कार्यो के लिए पानी की सप्‍लाई की जाती है। इस झील के निर्माण में बेसाल्‍ट का उपयोग किया गया है।
फोटो कर्टसी - Hrishikesh Mahajan

पंचबोल प्वाइंट

पंचबोल प्वाइंट

शहर से 4 किमी. दूर बना यह प्वाइंट चिखालदारा का खूबसूरत दृश्‍य दिखाता है एक तरफ से कॉफी बागान और दूसरी तरफ से पाँच पहाड़ियों को देखा जा सकता है। इस जगह से कुछ चिल्‍लाने पर आपकी आवाज पांच बार आपको वापस सुनाई देती है इसीलिए इसे पंचबोल प्वाइंट कहा जाता है।
फोटो कर्टसी - Kumar Chitrang

कैसे जाएं चिखालदारा

कैसे जाएं चिखालदारा

फ्लाइट द्वारा - हवाई यात्रा करने वाले पर्यटक चिखालदारा पहुंचने के लिए अकोला एयरपोर्ट पर उतरें और वहां से टैक्‍सी हायर करके 150 किमी. का सफर तय करें औरअपने गंतव्‍य स्‍थल तक पहुंच जाएं।

रेल द्वारा - चिखालदारा में कोई रेलवे स्‍टेशन नहीं है शहर से 110 किमी. दूर स्थित बादनेरा रेलवे स्‍टेशन पर उतर कर बस या टैक्‍सी की मदद से चिखालदारा तक जाएं।

सड़क मार्ग द्वारा - यहां आने का सबसे बेस्ट माध्यम बस है। चिखालदारा के लिए राज्‍य सरकार की ओर से कई बसें चलाई गई है जो सस्‍ती और सुविधाजनक है।

फोटो कर्टसी - Ankur P

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