चटनी...सुनकर ही मुंह में पानी आ गया ना। कहीं हरी मिर्च की तीखी तो कहीं इमली की खट्टी चटनी। भोजन का जायका बढ़ाने वाली यह चटनी हमारे देश में खाने का एक हिस्सा है। आप किसी भी राज्य में क्यों ना जाएं, वहां के पारंपरिक खाने के साथ आपको किसी ना किसी प्रकार की चटनी का स्वाद चखने का मौका जरूर मिल जाएगा।

कहीं यह चटनी खाने के साथ थाली के एक कोने में चम्मच भर परोसी जाती है तो कहीं कटोरी में भरकर खाने के बाद पीने के लिए दी जाती है। चलिए आज जानते हैं, भारत के किन राज्यों में कैसी होती है चटनी...। और हां, इनमें से कितने प्रकार की चटनी आपने चखी है, यह हमें बताना बिल्कुल मत भूलिए।
एक चटनी जो भारत में पूरब से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक, हर राज्य में पायी जाती है वह है, इमली की चटनी। पर क्या आपने कभी लाल चींटी की चटनी चखी है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में लाल चींटी की चटनी बनायी और बड़े चाव से खायी जाती है, जिसे बस्तरिया या चापड़ा चटनी कहा जाता है।
लहसुन की चटनी

लाल मिर्च और लहसुन को एक साथ पिसकर तैयार की जाने वाली यह तीखी चटनी मुख्य रूप से राजस्थान की है। आजकल दिल्ली में मोमो के साथ भी यह चटनी खूब परोसी और पसंद की जा रही है। यह चटनी खाने के साथ परोसी जाती है। राजस्थान में तो कई बार लोग इस तीखी लाल मिर्च और लहसुन की चटनी से ही रोटी या चावल खा लेते हैं।
गोर कैरी
गुजराती व्यंजनों में मीठा डलता है लेकिन गोर कैरी काफी चटपटी होती है। हो भी क्यों ना... आखिर कच्ची कैरी को पीसकर बनायी जाने वाली यह चटनी खाने के साथ-साथ फाफड़ा और खाखरा जैसे स्नैक्स के साथ भी परोसी जाती है। कच्ची कैरी के सीजन में गुजरात के किसी भी प्रांत में आपको खाने के साथ यह चटनी जरूर परोसी जाएगी।
अमचूर की चटनी
मध्य प्रदेश में भी आम से ही बनी एक चटनी काफी चाव से खायी जाती है और वह है अमचूर की चटनी। हल्की सी मीठी और थोड़ी खट्टी यह चटनी मध्य प्रदेश में साल भर बनती है। इस चटनी को वहां मुख्य रूप से खाने के साथ ही परोसा जाता है। वैसे यह चटनी इतनी स्वादिष्ट होती है कि यह आपके समोसे का स्वाद भी बढ़ा देगी।
प्याज और इमली की चटनी
पंजाबीयों को खाने में लस्सी, मक्के दी रोटी और सरसों दां साग तो पसंद होता है लेकिन उनके खाने का सबसे ज्यादा स्वाद जो बढ़ाता है, वह है प्याज और इमली की चटनी। पंजाब ही नहीं बल्कि पंजाबी धाबों पर भी यह चटनी विभिन्न प्रकार के भरवां पराठों, छोले आदि के साथ परोसी जाती है।
धनिया की चटनी

धनिया पत्ते के साथ अदरक, मिर्च, टमाटर और लहसुन को सीलबट्टे पर पीसकर तैयार की जाती है हरे रंग की तीखी सी चटनी। यह चटनी मुख्य तौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश में बनायी जाती है। यह चटनी खाने का जायका बढ़ाने का काम करती है। खास तौर पर सर्दी के मौसम में लिट्टी-चोखा या फिर आलू के पराठों के साथ यह चटनी जरूर परोसी जाती है।
नारियल की चटनी

दक्षिण भारतीय किसी भी व्यंजन के साथ परोसी जाने वाली नारियल की चटनी के बारे में तो सभी जानते हैं। कुछ जगहों पर सिर्फ नारियल, कहीं नारियल-पुदिना तो कहीं नारियल और धनिया की चटनी परोसी जाती है। इसके साथ ही दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ टमाटर और लहसुन की चटनी भी परोसी जाती है, जो आपका स्वाद बढ़ाता है।
अदरक की चटनी
जी हां, वहीं अदरक जिसका एक भी टुकड़ा मुंह में पड़ने पर आप मुंह बिचकाने लगते हैं। आंध्र प्रदेश में बनने वाली अलम पचड्डी यानी अदरक की चटनी का स्वाद अगर आपने एक बार भी चख लिया तो फिर अदरक से आपकी पक्की वाली दोस्ती हो जाएगी। यह चटनी भी खाने के साथ ही परोसी जाती है।
आम और बैर की चटनी

पश्चिम बंगाल में चटनी के बिना भोजन को ही अधुरा माना जाता है। वहां खाने के बाद अंत में चटनी को एक अलग सी कटोरी में परोसी जाती है। पश्चिम बंगाल के पारंपरिक खाने में आम की खट्टी-मीठी चटनी को जरूर शामिल किया जाता है। क्या आपको पता है, वहां बैर से मीठी चटनी भी बनायी जाती है जिसमें ढेर सारा गुड़ भी डाला जाता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कच्चे पपिते से मीठी चटनी बनती है, जिसे प्लास्टिक चटनी कहा जाता है।
अब आप हमें जरूर बताएं कि इनमें से कौन-कौन सी चटनी आपने खाई है और कौन सी चटनी अभी चखनी बाकी है। अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे चटनीप्रेमियों के साथ शेयर करना ना भूलें।



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