Search
  • Follow NativePlanet
Share
» »नवरात्रि पर देश के किन शहरों में मचती है धुम, उमड़ता है आस्था का सैलाब

नवरात्रि पर देश के किन शहरों में मचती है धुम, उमड़ता है आस्था का सैलाब

नवरात्रि को देशभर के हर एक राज्य और गांव में धुमधाम से मनाया जाता है लेकिन इसे मनाने का तरीका हर राज्य में अलग-अलग होता है। कहीं इसे रावणवध से जोड़ा जाता है तो कहीं यह मां दुर्गा के महिषासुर वध से संबंधित माना जाता है। कहीं गरबा की धुन पर लोग नाचते हैं तो कहीं पारंपरिक नृत्यों का आयोजन होता है। इस साल नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ हो रही है।

Ravan Dahan

एक बार फिर से पूरा देश देवी मां की भक्ति में सराबोर होने वाला है। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में नवरात्रि कैसे मनायी जाती है।

मुंबई

सबसे पहले आपको बताते हैं मुंबई में होने वाले नवरात्रि सेलिब्रेशन के बारे में। मुंबई की डांडिया और गरबा नाइट्स तो पूरे देश में फेमस है। मुंबई में रहने वाला हर युवा किसी ना किसी क्लब में जाकर नवरात्रि के 9 दिन डांडिया और गरबा जरूर करता है। महाराष्ट्र में नवरात्रि को एक नयी शुरुआत के तौर पर देखा जाता है। महिलाएं नवरात्रि के शुरुआत में कुछ नया खरीदकर अपने घर जरूर लाती हैं।

Navratri of mumbai

महाराष्ट्र में नवरात्रि नाचने-गाने का त्योहार होने के साथ ही आस्था की डूबकी लगाने का भी त्योहार होता है। नवरात्रि के दिनों में महिलाएं अपनी सहेलियों को घर में आमंत्रित करती हैं और उन्हें उपहार के तौर पर पान-सुपारी देती हैं।

कोलकाता

कोलकाता या पूरे पश्चिम बंगाल के लिए नवरात्रि सबसे बड़ा त्योहार है। साल भर लोग इस त्योहार का इंतजार करते हैं। बंगाल में दुर्गा पूजा मुख्य रूप से 5 दिनों का होता है। कोलकाता के कुछ क्लब में हाल के वर्षों में डांडिया और गरबा नाइट्स का आयोजन किया जाने लगा है। लेकिन यहां मुख्य रूप से लोग दुर्गा पूजा के दौरान पूरी रात घुमकर विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा का दर्शन करना ज्यादा पसंद करते हैं।

Durga Puja of kolkata

चुंकि नवरात्रि के दिनों में कोलकाता में नॉन-वेज पर कोई पाबंदी नहीं होती, इसलिए इस समय लोग घरों में कम और रेस्तरां में ज्यादा नजर आते हैं। नवरात्रि के आखिरी दिन यानी दशहरा के दिन महिलाएं मां दुर्गा को सिन्दुर लगाने के बाद एक-दूसरे के गालों पर भी सिन्दुर लगाती हैं जिसे यहां सिन्दुर खेला कहा जाता है।

दिल्ली

Ram leela delhi

अब आपको बताते हैं दिल्ली के दशहरा के बारे में। दिल्ली में नवरात्रि के साथ ही शुरू हो जाता है डांडिया नाइट्स और रामलीला का मंचन। दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रामलीला सबसे ज्यादा विख्यात है। नवरात्रि के 9 दिनों में हर दिन रामायण के किसी एक घटना का मंचन यहां कलाकारों द्वारा किया जाता है और 10वें दिन यानी दशहरा वाले दिन भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहा कलाकार रावण के विशालकाय पुतले का दहन करता है। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को भी बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतिक स्वरूप जलाया जाता है।

तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश

दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु में नवरात्रि सिर्फ देवी दुर्गा नहीं बल्कि त्रिदेवियों को समर्पित होती है। नवरात्रि के 9 दिनों में से 3-3 दिन को देवी लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के लिए रखा जाता है। इन दिनों में इनकी पूजा-अर्चना होती है। लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं। उपहार में इस समय चुड़ियां, बिंदी जैसी चीजें शामिल होती हैं जिन्हें सौभाग्य का प्रतिक माना जाता है।

Tamilnadu

इन दिनों में एक गुड़िया और उसके घर को सजाने का रिवाज भी तमिलनाडु में होता है। आंध्र प्रदेश में नवरात्रि पूरी तरह से मां गौरी को समर्पित होती है। यहां नवरात्रि को 'बथुकम्मा पांडुगा' के रूप में मनाया जाता है। इस समय देवी की मूर्ति को एक खास प्रकार के फूलों के ढेर पर स्थापित किया जाता है। महिलाएं रेशम की साड़ियां और सोने के गहने पहनती और देवी गौरी का आर्शिवाद लेने के लिए उनकी पूजा अर्चना करती हैं।

अहमदाबाद-वडोदरा

नवरात्रि के समय पूरे गुजरात में एक अलग सा ही उत्साह छाया रहता है। इस समय अपने पूरे दिन की थकान को भूलकर लोग देर रात तक गरबा करते हैं। कहा भी जाता है कि गुजराती गरबा करने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देते हैं, तो फिर नवरात्रि को कैसे मिस कर सकते हैं। गरबा में केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस समय की सबसे बड़ी खासियत होती है कि महिलाएं और पुरुष पारंपरिक गुजराती परिधानों में होते हैं।

Gujarat ka garba

पूरा दिन हर कोई अपने-अपने कामों में व्यस्त रहते हैं लेकिन शाम के बाद मां दुर्गा की आरती करते हैं और उसके बाद गरबा ग्राउंड में सभी साथ मिलकर नृत्य करते हैं। वडोदरा का नवलक्खी गरबा ग्राउंड सबसे ज्यादा फेमस होता है जहां हर साल गरबा का आयोजन किया जाता है। कुछ गरबा ग्राउंड में एंट्री फीस भी देनी पड़ती है।

कुल्लू

हिमाचल प्रदेश में पूरे भक्ति-भाव से देवी दुर्गा की 9 दिनों तक आराधना की जाती है। राज्य भर के विभिन्न मंदिरों में देवी दुर्गा की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। यहां भगवान राम की अयोध्या वापसी के प्रतीक के तौर पर दुर्गापूजा को मनाया जाता है। खास तौर पर कुल्लू शहर में मां दुर्गा समेत दूसरे देवी-देवताओं का जुलूस निकाला जाता है और एक पूर्व निर्धारित स्थान, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है, वहां भगवान के प्रतीक व मूर्तियों को रखकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है।

Kullu ka julus

नवरात्रि के समय कुल्लू में निकाला जाने वाला जुलूस देश के सबसे शानदार धार्मिक जुलूसों में से एक है, जिसे खासतौर पर देखने के लिए यहां हर साल पर्यटकों का मेला लग जाता है।

More News

Read more about: navratri durga puja festival india
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+