बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान Mocha उफान मार रहा है। 9 अप्रैल को समुद्र में बन रहा गंभीर निम्न दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का आकार लेगा। Cyclone की वजह से समुद्रतटीय कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने वाली है। कुछ चुनिंदा शहरों से अभी दूरी बनाए रखने में ही पर्यटकों की भलाई है।

मौसम विभाग द्वारा व्यक्त संभावना के अनुसार Cyclone Mocha 12 अप्रैल को स्थल भाग में प्रवेश कर सकता है। इसकी वजह से शक्तिशाली तूफान आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। हालांकि इसके दिशा की स्पष्ट जानकारी अभी तक नहीं मिल सकी है लेकिन राज्यों को पहले से ही अलर्ट कर दिया गया है।
उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक पड़ेगा प्रभाव
चक्रवाती तूफान मोचा का प्रभाव उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत पर भी पड़ने वाला है। इसकी वजह से राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश में खास तौर पर लखनऊ, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 10 मई के बाद इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना IMD ने जारी की है।
बंगाल में 60-70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं बहने की आशंका मौसम विभाग ने जारी किया है। ओडिशा के 18 समुद्रतटीय जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती तूफान मोचा का तमिलनाडु पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह उत्तरी दिशा में आगे बढ़ेगा।
इन शहरों से बना कर रखें अभी दूरी
गर्मी की छुट्टियां शुरू हो रही हैं। ऐसे में लोग परिवार के साथ अलग-अलग शहरों में घूमने जाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन चक्रवाती तूफान मोचा का प्रभाव पूर्वी भारत के कई राज्यों ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल पर पड़ने की संभावना है। ओडिशा के अलर्ट किये गये 18 जिलों में से 9 जिलों में बिजली गिरने और तेज आंधी की संभावना है। राजधानी लखनऊ में भी मौसम बिगड़ने की संभावना मौसम विभाग ने जारी किया है।

आंध्रप्रदेश के विजयनगरम्, गुंटूर, तिरुपति, चित्तूर जैसे इलाकों में भारी बारिश होने का अलर्ट है। वहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा में समुद्रतटीय जिलों को खासतौर पर अलर्ट किया गया है। इन सभी जगहों के तापमान में भी 3-6 डिग्री तक का परिवर्तन आ सकता है। इसके प्रभाव से बिहार, झारखंड में भी बारिश होने की संभावना है।
किसने दिया मोचा नाम

चक्रवाती तूफान मोचा या मोका का नामकरण यमन ने किया है। दरअसल, यह नाम यमन के बंदरगाह का है जो करीब 500 साल पहले पूरी दुनिया के साथ कॉफी का व्यापार करने के लिए प्रसिद्ध है। इस संभावित तूफान के कारण मछुआरों को अभी गहरे समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। साथ ही अगर कोई मछुआरा गहरे समुद्र में है तो उसे तुरंत वापस लौट आने का निर्देश दिया गया है।



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