14 सालों का वनवास खत्म कर भगवान श्रीराम माता सीता और भाई लक्ष्मण समेत अयोध्या वापस लौटे थे। इस खुशी में ही अयोध्या नगरी को हजारों दीयों से सजाया गया था। इसी बात के प्रतिक स्वरूप इस साल भी अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाने वाला है। लेकिन इस साल अयोध्या का दीपोत्सव काफी खास होने वाला है। कई सालों के संघर्ष के बाद आखिरकार रामलला के लिए भव्य मंदिर का निर्माण संपन्न हो रहा है।

इसी वजह से इस साल अयोध्या का दीपोत्सव भी काफी अलग होने वाला है। इस साल दीपोत्सव 11 नवंबर (शनिवार) को आयोजित होगा, लेकिन उसकी तैयारियां 8 नवंबर से ही शुरू कर दी गयी है।
5 सालों तक रोज आयोजित होगा वाटर लेजर शो

इस साल अयोध्या के दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण वाटर लेजर शो होने वाला है। सरयू तट पर स्थित राम की पैड़ी को रंग-बिरंगी लाइट्स से सजाया जा चुका है। इस बार दीपोत्सव के समय से वाटर लेजर शो को शुरू किया जाता है। जिलाधिकारी नीतिश कुमार के मुताबिक दीपोत्सव के बाद से अगले 5 सालों तक हर रोज अयोध्या में वाटर लेजर शो का आयोजन किया जाएगा।
18 झांकियों की शोभायात्रा

अयोध्या में दीपोत्सव के दिन 18 झांकियों की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें से 11 झांकियां सूचना विभाग की होंगी। ये सभी झांकियां 8 नवंबर तक तैयार हो जाएंगी। पर्यटन विभाग रामकथा के आधार पर 7 झांकियां तैयार कर रहा है। इन झांकियों के आगे सांस्कृतिक समुह अपना लोकनृत्य प्रस्तुत करते हुए रामकथा पार्क तक जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार दीपोत्सव में राम लीलाओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए संस्कृति विभाग को 151 लाख रुपये का बजट सरकार ने स्वीकृत किया है।
भव्य होगा दीपोत्सव-बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस साल अयोध्या का दीपोत्सव काफी भव्य होने वाला है। रूस, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों से करीब 300 कलाकार अयोध्या आने वाले हैं। इसके अलावा 22 प्रांतों के 1500 लोक कलाकार राम कथा प्रस्तुत करेंगे। इस साल सरयू नदी के 51 घाटों पर 21 लाख दीये जलाए जाएंगे, जो एक बार फिर से वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। इससे पहले पिछले साल 17 लाख से ज्यादा दीये जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अयोध्या ने अपना नाम दर्ज करवाया था। इस बार अपने ही रिकॉर्ड को तोड़कर अयोध्या में 21 हजार दीये जलाए जाएंगे।
तैयारियां हो चुकी हैं शुरू

अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां 8 नवंबर से शुरू हो चुकी हैं। 25 हजार वॉलेंटियर्स 8 नवंबर को इन्हें सरयू नदी के घाटों पर सजाना शुरू करेंगे। दीपोत्सव से ठीक एक दिन पहले यानी 10 नवंबर को दीयो में सरसो का तेल डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा। सभी 51 घाटों पर दीयों को जलाने का काम ठीक से व सुचारू रूप से पूरा किया जा सकें, इसे सुनिश्चित करने के लिए 12 पर्यवेक्षक तैनात किये गये हैं। इसके साथ ही 95 घाट प्रभारी और 1000 से अधिक घाट समन्वयक भी तैनात किये जाएंगे।
कैसे करेंगे एंट्री

मिली जानकारी के अनुसार अयोध्या के दीपोत्सव में प्रवेश सिर्फ पास के आधार पर ही दिया जाएगा। दीपोत्सव का कार्यक्रम 11 नवंबर को दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। दीपोत्सव के पास के लिए आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, 2 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ आवेदन फॉर्म जमा करना होगा। दीपोत्सव के एंट्री पास के लिए आवेदन फॉर्म स्थानीय अधिकारियों के पास उपलब्ध है।



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