भारतवर्ष में चमत्कार की कोई कमी नहीं है। यहां कई ऐसे धार्मिक स्थान है, जहां हर रोज भक्तों को चमत्कार देखने को मिलता है। कुछ ऐसा ही है उत्तराखंड का धारी देवी का मंदिर। इस मंदिर में हर रोज सैकड़ों-हजारों भक्त आते हैं और माता की महिमा का गुणगान करते हैं। मंदिर की विराजित माता की मूर्ति को लेकर कहा जाता है कि दिन में तीन बार मां अपना स्वरूप बदलती हैं। सुबह में देखने पर माता एक कन्या (लड़की) की तरह दिखाई देती हैं, दोपहर में देखने पर माता एक महिला की तरह और शाम में मां का स्वरूप एक बूढ़ी महिला की तरह दिखाई देता है।
धारी देवी मंदिर का आकर्षण
माता का मंदिर झील के बीचों-बीच स्थित है, जिससे मंदिर की सुंदरता और भी बढ़ जाती है। यह मंदिर देवी काली को समर्पित है और मंदिर को लेकर मान्यता है कि मां का मंदिर चार धाम की रक्षा करती हैं। आसपास के लोगों की ऐसी मान्यता है कि माता धारी देवी पहाड़ियों और यहां आने वाले दर्शानार्थियों की रक्षा करती हैं।

मूर्ति हटाने पर आया था जलप्रलय
साल 2013 में केदारनाथ धाम में जलप्रलय आया था। कहा जाता है कि इसका कनेक्शन भी मां के मंदिर से था। जब मंदिर से मां की मूर्ति हटाई गई थी, तभी ये आपदा आई थी। फिर आपदा समाप्त होने के बाद मां की मूर्ति पुराने स्थान पर ही स्थापित कर दी गई। आज भी माता के मंदिर में जाने वाले भक्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। अगर मंदिर के पुजारियों की मानें तो माता का मंदिर द्वापर युग का बताया जाता है।

मंदिर को लेकर किवदंती
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भीषण बाढ़ आई थी, जिसमें पुराना बना हुआ मंदिर बह गया और धारो गांव के पास जाकर माता की मूर्ति एक चट्टान से टकराने के बाद रूक गई और फिर मूर्ति में एक आवाज आई, जिसके बाद माता का मंदिर वहीं पर बना दिया गया। तब से लेकर आज तक माता के चमत्कार के चलते सभी भक्त उनके मंदिर में दर्शन करने आते हैं।

कैसे पहुंचें धारी देवी मंदिर
नजदीकी एयरपोर्ट - देहरादून
नजदीकी रेलवे स्टेशन - देहरादून या हरिद्वार



Click it and Unblock the Notifications













