ओडिशा का तटवर्तीय शहर पुरी अपनी सुन्दरता की वजह से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित तो करता है। लेकिन यहां आने वाले पर्यटकों में बड़ी संख्या में भगवान जगन्नाथ का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। पुरी का जगन्नाथ मंदिर बड़ा चार धाम (पुरी, केदारनाथ, रामेश्वरम, द्वारका) में एक है, जहां हर साल लाखों की तादाद में देश और विदेशों से श्रीकृष्ण के भक्त आते रहते हैं।
हर साल आयोजित होने वाले रथ यात्रा के समय पुरी में पैर रखने तक की जगह ही नहीं रहती है। लेकिन आज हम पुरी के जगन्नाथ मंदिर नहीं, बल्कि एक और तटवर्तीय शहर, दीघा में बनकर तैयार हुए भव्य जगन्नाथ मंदिर के बारे में बात करेंगे। पुरी के तर्ज पर ही दीघा में भी पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जगन्नाथ मंदिर का निर्माण किया गया है। इस मंदिर की सिर्फ रूप-रेखा ही नहीं बल्कि पूजा-अर्चना के नियम-कायदे में भी आपको पुरी के जगन्नाथ मंदिर की झलक देखने को मिलने वाली है।
हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीघा के जगन्नाथ मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारियां दी। इसके साथ ही उन्होंने अगले साल इस मंदिर के उद्घाटन की तारीख की घोषणा भी कर दी। आइए आपको दीघा के जगन्नाथ मंदिर के बारे में विस्तार से बताते हैं -
कब होगा उद्घाटन?
हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दीघा में बन रहे जगन्नाथ मंदिर का जायजा लिया। उस समय ही उन्होंने जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन की तारीख के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीघा में जगन्नाथ पुरी के तर्ज पर बन रहे नए जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन अगले साल अक्षय तृतीया के दिन होगा।
साल 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को होगा। यानी अगले साल 30 अप्रैल को दीघा का जगन्नाथ मंदिर आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया। मंदिर के उद्घाटन से पहले पूजा-अर्चना 29 अप्रैल को शुरू हो जाएगी। संभावना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी।
बता दें, साल 2019 में दीघा के दौरे पर पहुंची मुख्यमंत्री बनर्जी ने यहां मंदिर बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद ही इस मंदिर को बनाने की दिशा में सकरात्मक कदम उठाया जाने लगा। खास बात है कि दीघा में बन रहा जगन्नाथ मंदिर की सिर्फ रूप-रेखा ही नहीं बल्कि इस मंदिर की ऊंचाई भी पुरी के जगन्नाथ मंदिर के समान ही बनाया गया है।
दीघा में अक्षय तृतिया के दिन होने वाले जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन को लेकर सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। धार्मिक रीति-रिवाजों के आधार पर ही मंदिर का उद्घाटन होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दीघा पहुंच गयी और उन्होंने स्वयं सारी तैयारियों का जायजा लिया। सोमवार को मंदिर में अश्व यज्ञ भी किया गया। पूरे दीघा शहर को दुल्हन की तरह रोशनी से सजाया जा चुका है, जिस वजह से यह इन दिनों चर्चा का विषय भी बना हुआ है।
दीघा में कहां बन रहा है जगन्नाथ मंदिर
आनंदबाजार पत्रिका से मिली जानकारी के अनुसार दीघा में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण ओल्ड दीघा से न्यू दीघा के बीच में लगभग 20 एकड़ के क्षेत्र में किया गया है। इस मंदिर के लिए जमीन दीघा उन्नयन परिषद से ली गयी है। हालांकि साल 2019 के अंत से अतिमारी कोरोना का प्रकोप बढ़ जाने की वजह से इस मंदिर का निर्माण कार्य काफी देर से शुरू हो सका।
बताया जाता है कि मंदिर के निर्माण का पूरा खर्च पश्चिम बंगाल सरकार ने उठाया है। जानकारी के अनुसार दीघा के जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, और बाकी का 10 प्रतिशत काम अगले 3 महीने में पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक इस मंदिर के निर्माण में करीब ₹250 करोड़ का खर्च हो चुका है। हालांकि मंदिर निर्माण का कार्य पूरा होने तक खर्च की राशि के बढ़ने की संभावना भी जतायी जा रही है।
दीघा के जगन्नाथ मंदिर की विशेषताएं
- क्या होगा नाम - पुरी के जगन्नाथ मंदिर के तर्ज पर ही इसका नाम जगन्नाथ धाम रखा गया है।
- मंदिर के मुख्यद्वार का नाम श्रीकृष्ण के परमभक्त के नाम पर 'चैतन्यद्वार जगन्नाथधाम' रखा गया है।
- इस स्थान पर चैतन्यदेव की एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी और उनके अंतर्धान होने की कथा का सचित्र वर्णन किया जाएगा।
- मंदिर में जगन्नाथ देव, सुभद्रा और बलराम की संगमरमर से प्रतिमाएं बनायी जा रही हैं, जिनका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
- मंदिर के उद्घाटन के लिए फिलहाल नीम की लकड़ियों से तीन प्रतिमाएं बनायी जा रही हैं। इन तीनों प्रतिमाओं को ही सामने रखकर मंदिर में पूजा शुरू होगी।
- जगन्नाथ मंदिर के अलावा ठीक पुरी की तरह ही यहां भी बनाया जा रहा है स्वर्गद्वार, मां विमला (लक्ष्मी माता) का मंदिर, राधाकृष्ण का मंदिर।
- पुरी की तरह ही इस मंदिर में भी हर दिन ध्वजा परिवर्तित होगी। खास बात है कि इस मंदिर में पुरी के मंदिर में ध्वज परिवर्तन का काम जिस परिवार के सदस्य करते हैं, उसी परिवार के लोगों को लाने के बारे में विचार किया जा रहा है।
- अगले साल से दीघा में भी धूमधाम से रथयात्रा निकाली जाएगी।
- रथयात्रा के दिन दीघा में भी ठीक वैसे ही सोने की झाड़ू से रास्ता बुहारा जाएगा, जैसा पुरी में बुहारा जाता है।
- दीघा के जगन्नाथ मंदिर के लिए सोने का झाड़ू बनाने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ₹5 लाख रूपए दान में देंगी। इस झाड़ू का हैंडल चंदन की लकड़ी से बना होगा।
- लेकिन सबसे खास होगा यहां का प्रसाद। पुरी में जैसे प्रसाद में मिलने वाला खाजा प्रसिद्ध है, ठीक उसी तरह से दीघा में प्रसाद के लिए खोवा का बना गजा, कालीघाट की तरह पेड़ा और गुंजिया (एक तरह की मीठाई) आदि बिक्री करने की व्यवस्था की जाएगी।
- मंदिर के साथ ही समुद्र के किनारे घाट बनाया जाएगा और रथ को रखने के लिए अलग जगह की व्यवस्था भी की जाएगी।



Click it and Unblock the Notifications















