आज धनतेरस के साथ दिवाली के त्योहारों की शुरुआत हो चुकी है। दिवाली की साफ-सफाई करते हुए लाइट्स से लेकर पटाखे और भगवान की मूर्ति से लेकर कपड़े तक की खरीदारी करने का समय नहीं मिल पाया है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आप कोलकाता या आसपास के इलाकों में रहते हैं तो आपको पता होगा कि कोलकाता के कुछ ऐसे मार्केट्स हैं, जहां दिवाली से जुड़े सभी सामान बड़ी ही किफायती कीमतों पर मिल जाते हैं।

हम दिवाली पर कोलकाता में लास्ट मोमेंट शॉपिंग के परफेक्ट डेस्टिनेशंस बता रहे हैं।
बड़ा बाजार
जैसा हम सबको पता है, कोलकाता का बड़ा बाजार होलसेल मार्केट है, जहां लेटेस्ट डिजाइन के एथनिक परिधान बड़ी ही कम कीमतों पर उपलब्ध होते हैं। शॉपिंग मॉल में तो कपड़े सबअगर आप उत्तर कोलकाता के रहने वाले हैं तो हाथीबगान और अगर आप दक्षिण कोलकाता गरियाहाट मार्केट जा सकते हैं। यहां आपको अच्छी डिजाइंस के एथनिक परिधानों से लेकर एक्सेसरिज तक हर तरह के बजट में मिल जाएगा।

बड़ा बाजार के अलावा आप बागड़ी मार्केट से भी एक्सेसरिज की शॉपिंग कर सकती हैं। इन सभी मार्केट्स से खरीदारी करते समय अपनी मोल-भाव की कला को जरूर काम में लाइएगा। कम कीमतों पर त्योहारों के लिए साड़ियां खरीदनी हो तो वह आपको चित्तरंजन एवीन्यू पर राम मंदिर के आसपास मौजूद दुकानों में मिल जाएगी।
चांदनी चौक

दिवाली की रोनक तो अलग-अलग तरह की लाइट्स से ही होती है। दिवाली पर हर डिजाइन की लाइट्स आपको चांदनी चौक में मिल जाएगा। सिर्फ लाइट्स ही नहीं बल्कि यहां आपको लाइट और इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित सभी एक्सेसरिज भी मिल जाएंगे। भगवान के सामने जलाने वाला बड़ा सा इलेक्ट्रॉनिक दीया हो या पानी से जलने वाली छोटी-छोटी दीया, झालड़ लाइट्स हो या झूमर, हर डिजाइन की लाइट आपको चांदनी चौक में मिल जाएगी।
चित्तपुर मार्केट

दिवाली की पूजा के बिना तो त्योहार ही अधुरा होता है। और पूजा के लिए बेस्ट डिजाइन की भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदना चाहते हैं तो मछुआ बाजार से होते हुए सीधे चित्तपुर ट्राम लाइन के पास चले आइए। यहां विभिन्न डिजाइंस और वेशभुषाओं में सजी भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की छोटी-बड़ी हर तरह के आकार में मूर्तियां अस्थायी दुकान लगाकर बेची जाती हैं। ध्यान रखें, बड़ा बाजार या चित्तपुर मार्केट में सामान खरीदते समय मोलभाव जरूर करें।
बेलगछिया और मैदान पटाखा मेला
पटाखों के बिना दिवाली का त्योहार पूरा कैसे हो सकता है। हालांकि वायु प्रदूषण की बात को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट से लेकर विभिन्न पर्यावरणविद तक पटाखे नहीं जलाने या फिर हरित पटाखे जलाने की ही सलाह देते हैं। कोलकाता में पटाखों के दो मेले लगते हैं। इनमें से एक मेला मैदान इलाके में लगता है और दूसरा मेला उत्तर कोलकाता में बेलगछिया के पास लगता है।

इन मेले में सिर्फ उन्हीं पटाखों को बेचा जाता है, जिन्हें जलाने की अनुमति होती है। इसलिए बेझिझक होकर इन मेलो से पटाखे खरीदे और अपनी दिवाली को रोशन करें। हां, पटाखे फोड़ते समय अपनी सुरक्षा और पटाखों से दूसरों को कोई समस्या या परेशानी ना हो, इस बात का खास ध्यान जरूर रखें।
सत्यनारायण पार्क

घर की सजावट, तोरण, बंदनवार, आर्टिफिशियल फूलों की खरीदारी करनी है तो बड़ा बाजार से सटे सत्यनारायण व एसी मार्केट से सटे इलाके में आ सकते हैं। यहां घर की सजावट के काफी सुन्दर सामान कम कीमतों पर उपलब्ध होते हैं। इस इलाके में अगर आते हैं तो यहां के कुछ चुनिंदा स्ट्रीट फूड जैसे दाल चिला, दही पापड़ी और पुचका का स्वाद चखना बिल्कुल मत भूलें। अगर दिवाली की सुबह असली फूलों से अपना घर सजाना है, तो सीधे हावड़ा फूल मार्केट पहुंच जाएं। यह होलसेल मार्केट होता है जहां दिवाली की सुबह ताजे फूल कोलकाता के दूसरे इलाकों से थोड़ी सस्ती कीमत पर मिल सकती है।



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