हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि बिजनेस हब बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स तक लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए पॉड टैक्सी (POD Taxi) सर्विस को शुरू किया जाएगा। इस बाबत मुख्यमंत्री ऑफिस से प्रेस रिलीज भी जारी किया गया है जिसमें मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने बांद्रा और कुर्ला रेलवे स्टेशन के बीच POD टैक्सी सर्विस को मंजूरी दी है।
इस रूट पर ड्राईवरलेस POD टैक्सी शुरू होने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या लगभग छु-मंतर हो जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर पूरी की जाएगी। बताया जाता है अगर सभी जरूरी अनुमतियां मिल जाती हैं, तो इस एडवांस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को तैयार करने में लगभग 3 साल लग जाएंगे।

क्या होंगी बांद्रा-कुर्ला POD टैक्सी की खासियतें
- बांद्रा से कुर्ला 8.8 किमी लंबे रास्ते पर मिलेगी POD टैक्सी सर्विस।
- 1016 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी POD टैक्सी परियोजना।
- एक POD टैक्सी में 6 यात्री बैठ सकेंगे।
- 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी POD टैक्सी।
- रास्ते में POD टैक्सी के 38 हॉल्ट होंगे।
- साल 2031 तक करीब 1.09 लाख लोग POD टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल करेंगे।
- अनुमानित प्रति किमी सफर की लागत लगभग 21 रुपए होगी।

बता दें, हर दिन करीब 4 लाख लोग बीकेसी का सफर करते हैं। इसलिए बांद्रा से बीकेसी होते हुए कुर्ला तक चलने वाली POD टैक्सी शुरू हो जाने का निश्चित रूप से फायदा इस रूट पर रोज आवाजाही करने वाले लोगों को मिलेगा। गौरतलब है कि पिछले साल जून में ही उत्तर प्रदेश प्रशासन ने नोएडा में POD टैक्सी सर्विस को शुरू करने की मंजूरी दे दी है। यह नई फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट के बीच चलायी जाएगी। बताया जाता है कि यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
क्या होती है POD टैक्सी?
POD टैक्सी यानी पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट एक टेक्निकल कार होती है। यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक होती है, जिसके लिए ड्राईवर की जरूरत नहीं होती है। यह खासतौर पर POD टैक्सी के लिए बनाए गये गाइडवेज नेटवर्क पर ही चलती है। पर्यावरण के लिहाज से भी POD टैक्सी को काफी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे प्रदूषण नहीं फैसला है। एक POD टैक्सी में 3 से 6 यात्री एक बार में सफर कर सकते हैं।



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