जब भी आप छुट्टियों में किसी शांत जगह में जाने की योजना बना रहे हो तो राजस्थान की भूमि के बारे में आपको जरूर सोचना चाहिए। यहां का वातावरण बेहद शांत देखने को मिलता है। इस प्रदेश की भूमि में किसी भी तरह का धूल या फिर मिट्टी देखने को नहीं मिलती। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जिसको राजाओं की भूमि के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान तीन लाख 42 हजार 239 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह भारत का एक बड़ा राज्य है और इसका ज्यादातर भाग ग्रेट इंडिया द्वारा कवर किया गया है। राजस्थान इतिहास प्रेमियों, साहसिक प्रेमियों, संस्कृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और हनीमून के लिए एक आदर्श स्थान माना जाता है। इसीलिए यह राज्य न केवल भारत में एक प्रमुख हॉलिडे डेस्टिनेशन के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि पूरे विश्व से लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित भी करता है।
राजस्थान भारत का एक बहुत ही खास पर्यटन राज्य है, जो हर साल अपने आकर्षक पर्यटन स्थलों के वजह से दुनियाभर में लोकप्रिय है। आज भी राजस्थान की संस्कृति की दुनिया भर में मिसाल दी जाती है। यहां की सभ्यता सबसे पुरानी होने की वजह से इस जगह में कई राजाओं-महाराजाओं का शासन भी रहा है। आज भी यहां राजाओं- महाराजाओं की भव्य महलों का क्षेत्र देखने को मिलता है। राजस्थान की महिलाओं के कला की सम्मान की जाती है। राजस्थान में ऐसी बहुत सी जगहें है, जिसे देखने के बाद आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे और आपका मन इस जगह पर बार-बार जाने को करेगा।

अब जानें और भी कुछ खास...
राजस्थान में गर्मी का कहर बदस्तूर जारी है। भीषण गर्मी में अपने शहर तो क्या घर से भी बाहर निकलने की लोगों की इच्छा नहीं होती है। बावजूद इसके चौंकाने वाली बात यह है कि इस साल औसत से ज्यादा गर्मी होने के बीच पर्यटकों के आने का सिलसिला लगातार जारी है।
कोरोना महामारी के कारण दो साल से अधिक समय तक सुस्त रहने के बावजूद भी पर्यटन ने राजस्थान में जबरदस्त तरीके से वापसी की है। क्योंकि राजस्थान में साल 2022 की पहली तिमाही में 14.9 मिलियन पर्यटक आए, जिसमें 14.8 मिलियन घरेलू पर्यटक शामिल हैं। मुख्य रूप से कोरोना के कारण साल 2021 में इसी अवधि के दौरान केवल 5.4 मिलियन घरेलू पर्यटक आए। साथ ही साल 2020 के पहले तीन महीनों के दौरान, जब कोरोना अपने चरम पर था, तब राज्य में 11.4 मिलियन घरेलू पर्यटक आए थे।

राजस्थान पर्यटन के मुताबिक, प्रदेश में घरेलू पर्यटकों की संख्या पहले की अपेक्षा अब बढ़ गई है। हालांकि, गर्मी के मौसम में पर्यटक कम संख्या में आते हैं लेकिन इस साल पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला। पर्यटकों की लगातार आवाजाही को देखते हुए प्रदेश सरकार कई पर्यटन स्थलों में रात्रि पर्यटन शुरू करने की योजना बना रही है, ताकि पर्यटकों को किलों और स्मारकों का दौरा करने के बाद रात में देखने के लिए कुछ दिलचस्प हो।
इसके अलावा, पर्यटकों को विविध पर्यटन अनुभव प्रदान करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे की दूसरे प्रदेश के पर्यटक यह सोचें कि राजस्थान केवल किलों और स्मारकों वाला स्थान नहीं है। बल्कि यहां सफारी, झील और पहाड़ सहित अन्य रोमांचक स्थान देखने को मिलता है।

पर्यटन विभाग के मुताबिक, पर्यटकों को साहसिक पर्यटन की पेशकश की जा रही है, जिन्हें जिप लाइनिंग, पैरासेलिंग, हॉट बैलूनिंग और अन्य दिलचस्प गतिविधियों के साथ एड्रेनालाईन की भीड़ मिलेगी, जो आमेर और सामोद के आसपास विकसित की जा रही हैं। पर्यटकों को विविध पर्यटन अनुभव प्रदान करके उन्हें बार-बार लाने की कोशिश जारी है। इको ट्रेल्स, जंगल सफारी, तेंदुए और पैंथर सफारी, कोटा में रिवर फ्रंट पर कुछ नवीनतम ऑफर हैं, जो इन दिनों पर्यटकों को रोमांचित कर रहे हैं।
कोटा जैसे शहर जिन्हें एक कोचिंग हब के रूप में विकसित किया गया है, अब चंबल के मोर्चे पर क्रूज करेंगे। कुछ ऐसे माता-पिता हैं, जो अपने बच्चों के साथ दूर-दराज के इलाकों से आते हैं, उस वक्त उनके पास कुछ जगह होनी चाहिए, जहां वे भी अच्छा समय बिता सकें। इसलिए क्रूजिंग विकल्प बेस्ट है। आने वाले दिनों में राजस्थान आकर्षक प्रशंसित संपत्ति, नए उत्पादों, इको-ट्रेल्स और पैंथर-लेपर्ड सफारी जैसी पहलों के साथ हर कोने से सभी आयु वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित करेगा।
साल 2022 में पर्यटक
पर्यटन विभाग की ओर से जारी मार्च महीने के आंकड़ों के अनुसार, मार्च माह में एक लाख 11 हजार 250 देशी पर्यटक पहुंचे और 2022 विदेशी पर्यटक पहुंचे। जबकि पिछले दो साल में कोरोना के ग्रहण के कारण मार्च महीना पर्यटन के लिहाज से अच्छा नहीं रहा था। साल 2021 में जहां 50 हजार 687 देशी पर्यटक पहुंचे थे, वहीं 449 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। वहीं, साल 2020 में 33 हजार 210 देशी पर्यटक और 341 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। यही वो साल था, जब कोरोना ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया था। इसके बाद से ही विदेश से आने-जाने वाली उड़ानों पर पाबंदी लग गई थी, जिसके कारण विदेशी मेहमान नहीं पहुंच पा रहे थे। वहीं, इसी माह से विदेशी उड़ानें भी फिर से शुरू हो गईं, जिसका लाभ अब मिलने लगा है।
पिछले 11 सालों में मार्च महीने में आए पर्यटक

इस साल अब तक आए पर्यटक




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