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विजयादशमी के दिन कोलकाता के इन पूजा पंडालों में होती है 'सिन्दूर खेला', जरूर बनें इसका हिस्सा

शारदीय नवरात्रि के आखिरी दिन अक्सर आपने गौर किया होगा कि महिलाएं ठीक उसी तरह से एक-दूसरे को सिन्दूर लगाती हैं, जैसे होली के समय अबीर या गुलाल लगाया जाता है। इस परंपरा को पश्चिम बंगाल में सिन्दूर खेला के नाम से जाना जाता है जिसे मां दुर्गा को विदा करने की खुशी में महिलाएं एक-दूसरे के साथ खेलती हैं।

durga puja rani mukherjee

दरअसल, बंगाल में माना जाता है कि मां दुर्गा धरती की बेटी हैं जो स्वर्ग (कैलाश) से यानी अपने ससुराल से अपने मायके 4 दिनों के लिए अपने बच्चों के साथ आती हैं। षष्ठी से नवमी तक अपने मायके में रहने के बाद दशमी के दिन अपनी सुहागन बेटी को मांएं सिन्दूर लगाकर और मिठाई खिलाकर हंसते-नाचते हुए विदा करती हैं। इसी परंपरा को निभाते हुए नवरात्रि के आखिरी दिन यानी दशमी, जिसे बंगाल में विजयादशमी कहा जाता है, के दिन महिलाएं एक दूसरे को सिन्दूर लगाती हैं।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सिन्दूर खेला की शुरुआत करीब 450 साल पहले हुई थी। इस साल विजयदशमी 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा, जिस दिन मंत्रोच्चारण द्वारा मां दुर्गा का विसर्जन किया जाएगा। भले ही उसके बाद मां की प्रतीमा को अगले कुछ दिनों तक पंडाल में सुसज्जीत रखी जाए और उसके बाद विसर्जन किया जाए लेकिन सिन्दूर खेला 24 अक्टूबर को ही संपन्न होगा।

kolkata sindoor khela

यूं तो सिन्दूर खेला में मूल रूप से विवाहित महिलाएं ही शामिल होती हैं लेकिन आधुनिक युग में अविवाहित कन्याएं भी सिन्दूर खेला में शामिल होती हैं। फर्क बस इतना होता है कि अविवाहित युवतियों को मां दुर्गा को मिठाई खिलाने या सिन्दूर लगाने का अधिकार नहीं होता है और ना ही उनके सिर पर कोई दूसरी महिला सिन्दूर लगाती हैं। हां, गालों पर सिन्दूर लगाकर अविवाहित युवतियों को भी विजयादशमी की बधाई जरूर दी जा सकती है।

अगर आप भी सिन्दूर खेला में शामिल होना चाहती हैं, लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि कोलकाता के किस पंडाल की सिन्दूर खेला में शामिल हों, तो हम आपकी मदद कर देते हैं। सिन्दूर खेला हर उस पंडाल में होती है जहां मां दुर्गा की पूजा हुई है। लेकिन कोलकाता के कुछ विख्यात दुर्गा पूजा पंडाल हैं, जहां लोग खास तौर पर सिन्दूर खेलने के लिए पहुंचते हैं। उनके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

photo of sindoor khela

नोट :- सिन्दूर खेला में केवल महिलाओं और युवतियां ही शामिल हो सकती हैं। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो सिन्दूर खेला में बंगाल और भारत को दर्शाने वाले शानदार फोटो क्लीक करने का मौका मिल सकता है।

1. सुरुची संघ - दक्षिण कोलकाता का प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल सुरुची संघ में आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा में बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी शामिल होते हैं। सुबह से लेकर रात भर सुरुची संघ के दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर हजारों लोगों की भीड़ जमा रहती है। सुरुची संघ के सिन्दूर खेला में बंग्ला फिल्म इंडस्ट्री की कई सेलिब्रिटी शामिल होती हैं।

sindoor

2. एकडालिया एवरग्रीन - कोलकाता का यह दुर्गा पूजा पंडाल मां दुर्गा की परंपरागत मूर्ति के लिए विख्यात है। इस दुर्गा पूजा पंडाल में कभी भी किसी खास थीम के आधार पर ना तो सजावट की जाती है और ना ही मां दुर्गा की मूर्ति तैयार होती है। इस दुर्गा पूजा पंडाल में होने वाली सिन्दूर खेला में शामिल होने के लिए स्थानीय इलाकों की महिलाएं तो आती ही हैं, साथ में दूर-दराज के इलाकों से भी वैसी महिलाएं जरूर आती हैं जिन्हें थीम पूजा से ज्यादा परंपरागत पूजाएं पसंद होती हैं।

3. बागबाजार सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी - बाग बाजार सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी में भी हर साल एक विशेष स्वरूप की मां दुर्गा की मूर्ति तैयार की जाती है। यहां मां दुर्गा की लंबी और खींची हुई आंखों वाली प्रतिमा की पूजा होती है। इसके साथ ही इस दुर्गा पूजा पंडाल की खासियत यहां शाम के समय होने वाली आरती है। इस दुर्गा पूजा कमेटी की सिन्दूर खेला में खुद राज्य सरकार की मंत्री डॉ. शशि पांजा हर साल शामिल होती हैं।

durga puja rituals

4. शोभा बाजार राजबाड़ी - एक जमींदार परिवार की दुर्गा पूजा में जितनी चमक-दमक होनी चाहिए, वह शोभा बाजार राजबाड़ी की दुर्गा पूजा में जरूर देखने को मिलती है। यूं तो इसे जमींदार परिवार की दुर्गा पूजा कहा जाता है लेकिन यहां सभी लोगों को प्रवेश करने की अनुमति होती है। इस दुर्गा पूजा में भी सेलिब्रिटी अक्सर आते रहते हैं। सिन्दूर खेला के दौरान भी संभव है कि आपको किसी सेलिब्रिटी के साथ सिन्दूर खेलने का मौका मिल जाए।

5. बादामतल्ला आषाढ़ संघ - दक्षिण कोलकाता के बेहतरीन दुर्गा पूजा कमेटीयों में बादामतल्ला आषाढ़ संघ का नाम शामिल होता है। यह दुर्गा पूजा कालीघाट इलाके में होती है। हालांकि इस इलाके में एक से बढ़कर एक कई दुर्गा पूजाएं होती हैं लेकिन बादामतल्ला आषाढ़ संघ का नाम काफी लोकप्रिय है। यहां थीम पूजा के आधार पर पंडाल की सजावट होती है। इस दुर्गा पूजा पंडाल में सिन्दूर खेला काफी प्रसिद्ध है जिसमें विदेश से आने वाली कई पर्यटक भी शामिल होती हैं।

6. आहिरी टोला - उत्तर कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में आहिरी टोला सार्वजनिन दुर्गा पूजा का पंडाल शामिल होता है। जो लोग उत्तर कोलकाता के प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडालों में घुमने निकलते हैं, उनकी लिस्ट में आहिरी टोला का नाम भी जरूर शामिल होता है। उसी तरह अगर आप उत्तर कोलकाता के किसी प्रसिद्ध पंडाल में होने वाली सिन्दूर खेला में शामिल होना चाहते हैं और आपको आहिरी टोला सार्वजनिन दुर्गा पूजा के पंडाल में जरूर आना चाहिए।

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