क्या आप कर्नाटक या बैंगलोर में रहते हैं? क्या आपका आना-जाना बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे से होता है? क्या आपके पास बाइक या स्कुटर है? तो फिर यह आर्टिकल आपके लिए ही। बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे पर अगस्त से कई तरह के वाहनों की एंट्री बंद कर दी जाएगी जिसमें टू व्हीलर बाइक और स्कूटर भी शामिल हैं।

यह फैसला नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार 1 अगस्त से इस एक्सप्रेसवे पर कुछ खास वाहनों की एंट्री पर बैन लगा दिया जाएगा।
हाल ही में NHAI ने एक अधिसूचना जारी की जिसमें कहा गया कि बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से आने-जाने वाली गाड़ियां धीमी रफ्तार वाली गाड़ियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। यह असुरक्षा दोनों प्रकार के वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा संबंधित पहलुओं के मद्देनजर ही उत्पन्न होते हैं। इस वजह से NHAI ने कुछ खास श्रेणियों की गाड़ियों को बैंगलोग-मैसुर एक्सप्रेसवे पर बैन करने का फैसला लिया है। NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि एवं यातायात) अधिनियम 2022 की धारा 35 के तहत यह बैन लगाया है। बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे NH-275 का हिस्सा है, जिसे मार्च 2023 में आम लोगों के लिए खोल दिया गया था।
कौन से वाहनों की एंट्री बंद
1 अगस्त से लागू हो रहे नये नियमों के अनुसार बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे पर जिन वाहनों की एंट्री बंद होगी, वे निम्न हैं :
- मोटरसाइकिल (स्कूटर और दो पहिया वाहन समेत)
- तीन पहिया वाहन (ई-रिक्शा और ई-कार्ट)
- बिना मोटर वाले वाहन
- ट्रैक्टर (ट्रेलर समेत या ट्रेलर के बिना)
- मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर वाहन
- क्वाड्रिसाइकिल
क्यों लिया गया यह फैसला
इस एक्सप्रेसवे की वजह से दो शहरों के बीच आने-जाने का समय घटकर 75 मिनट का रह गया है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे की देखभाल पूरी तरह से हाईवे अथॉरिटी ही करती है। यह एक्सप्रेसे कंगेरी में पंचमुखी मंदिर को कर्नाटक के रामनगर और मंड्या जिलों से जोड़ता है। यह स्ट्रेच आगे मैसुर में मणिपाल अस्पताल जंक्शन पर जाकर खत्म हो जाता है।

जनवरी से लेकर जून 2023 के बीच बैंगलोर-मैसुर एक्सप्रेसवे पर करीब 512 दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं में 123 लोगों की जान जा चुकी है और 585 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इन सभी दुर्घटनाओं में से 245 दुर्घटनाएं हाईवे बैंगलोर-निदाघाटा स्ट्रेच पर घटी हैं। इस वजह से ही NHAI ने एक कमेटी का गठन कर सेफ्टी इंसपेक्शन करवाया जिसके बाद एक्सप्रेसवे पर धीमी गति की और दो पहिया वाहनों की एंट्री को बैन करने का निर्णय लिया गया।
NHAI ने एक्सप्रेसवे पर विभिन्न श्रेणियों के वाहनों की गतिसीमा को 80 किमी/घंटा से लेकर 100 किमी/घंटा के बीच निर्धारित किया है। 118 किमी लंबा मैसुर-बैंगलोर एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के बीच 4 रेल ओवरब्रिज, 9 महत्वपूर्ण ब्रिज, 40 छोटे ब्रिज, 89 अंडरपास व ओवरपास और 6 बाईपास आते हैं।



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