गोवा जाने वाले अधिकांश सैलानी यहां की Nightlife, बीच पार्टी और यहां की जिंदादिली में खो जाते हैं। लेकिन अगर थोड़ी गहराई से देखा जाए तो गोवा सिर्फ एक पार्टी हब से कहीं ज्यादा है। आपको यहां काफी कुछ मिलेगा। गोवा में एक तरफ जहां रात के अंधेरे में होने वाली पार्टी की चमचमाती लाइट्स और डांस फ्लोर है वहीं दूसरी तरफ शहरों की हलचल से दूर बेहद शांत माहौल भी है।

लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और आपाधापी से दूर सुकुन के कुछ पल ढूंढने के लिए इन जगहों पर आना जरूर पसंद करेंगे। अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जो हलचल से भरे गोवा जैसे एक पर्यटन केंद्र के बीच राहत देने वाला होता है, तो दीवर Island पर जरूर आएं।
दीवर Island में कदम रखने के साथ ही आपको ऐसा लगेगा मानों यहां समय आगे बढ़ना ही भूल गया है। दलदल, जलमार्ग और सुनी सिंगल लेन वाली सड़कों से घिरा हुआ दीवर Island हलचल के बीच शांति और सुकुन के कुछ पल चुराने का मौका देता है। दीवर Island एक ऐसी जगह है, जहां गाड़ियों से नहीं बल्कि इस जगह का असली स्वाद तो पैदल चलकर मिलता है। किसी जमाने में हिंदूओं का एक लोकप्रिय तीर्थस्थल दीवर Island, पहले पूर्तगालियों और बाद में ईसाईयों के आने के साथ बदलने लगा।

दीवर Island पर कदम रखने के साथ ही सबसे पहले जो चीजें आपको आकर्षित करेंगी वो है यहां पारंपरिक गोवन और पुर्तगाली घरों की संरचनाएं। आपको यह सोचकर भी आश्चर्य होगा कि आज किसी विकसित गांव की तरह दिखने वाला दीवर Island किसी जमाने में एक शहर हुआ करता था। Island तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को ओल्ड गोवा या सैन पेड्रो से छोटी नाव किराए पर लेनी पड़ेगी।
नाव से Island पर उतरने के बाद ही यहां हर तरफ बस खामोशी, घरों के पुरानी संरचनाएं, पुर्तगाली वास्तुकला, हरियाली और साफ लेकिन खाली सड़कें ही नजर आएंगी। यकिन मानिए यहां पहुंचकर आपको एक पल के लिए भी नहीं लगेगा कि गोवा जैसे हंगामे से भरपूर जगह से महज कुछ दूरी पर ही मौजूद दीवर Island पर आपको इतनी खामोशी को एंजॉय करने का मौका मिल जाएगा।
यहां देखने लायक जगहें :-
आवर लेडी ऑफ कम्पैशन

पहाड़ी की चोटी पर मौजूद आवर लेडी ऑफ कम्पैशन चर्च एक सफेद रंग की बेहद सुन्दर जगह है। इस चर्च को आवर लेडी ऑफ पिटीशन के नाम से भी जाना जाता है। चर्च की बाहरी सजावट की तरह ही आंतरिक साज-सज्जा भी काफी आकर्षक है। खास बात है कि इस चर्च में अधिकांश खिड़कियां पीछे की दीवार पर बनी हुई हैं, ताकि चर्च में कम रोशनी प्रवेश करें।
चर्च के दक्षिणी हिस्से में कुछ कदंब-काल की इमारतों के अवशेष देखने को मिलेंगे। इसके अलावा इस जगह पर आप आपको सेंट मैथियास चर्च भी देखने लायक है। सफेद रंग से रंगी हुई इस चर्च की बाहरी सज्जा पुराने जमाने वाली ही है। कहा जाता है कि इस चर्च का निर्माण 18वीं शताब्दी में किया गया था। चर्च को दूर से देखने पर ही इसकी छत से लटकती चमकती घंटी आज भी लोगों की नजरें जरूर आकर्षित करती है।
हिंदूओं का प्रमुख तीर्थ स्थान
जी हां, हमने इससे पहले दीवर Island पर मौजूद हिंदूओं के जिस लोकप्रिय तीर्थस्थल के बारे में बताया था, वह है कोटि तीर्थ ताली। यह तीर्थस्थल श्री सप्तकोटेश्वर तीर्थयात्रा में शामिल 108 मंदिर में शामिल है। 12वीं शताब्दी के कदंब राजवंशों के लिए ये मंदिर काफी पवित्र माने जाते थे। इन मंदिरों को दक्कन सुल्तान ने 14वीं शताब्दी में ध्वस्त कर दिया था।
बाद में इनका पुनर्निर्माण किया तो गया लेकिन 15वीं शताब्दी में पुर्तगालियों ने इसे फिर से क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके पास ही एक तालाब मौजूद है जहां आज भी हिंदू धर्म को मानने वाले लोग अपनी विरासत के प्रतिक स्वरूप सरस्वती पूजा के विसर्जन और दशहरा जैसे त्योहारों के समय दीया जलाना जारी रखे हुए हैं।
अगर आप पारंपरिक गोवन व्यंजनों का स्वाद चखना और उनकी मेहमानवाजी का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो एक बार लोकल दुकानों और रेस्तरां पर जरूर जाएं। यहां आपको मसालेदार गोवन फीश करी-चावल से लेकर कुछ ऐसे गोवन खाने भी चखने के लिए मिलेंगे जिनके बारे में शायद ही आपने कभी सुना होगा।



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