
ओडिशा राज्य के अंतर्गत पूर्वी तटीय रेखा पर स्थित पारादीप भारत के चुनिंदा महत्वपूर्ण बंदरगाहों में से एक है। अपनी व्यापारिक गतिविधियों से अलग यह तटीय क्षेत्र अपने शानदार समुद्री तटों और हरे भरे जंगलों के लिए जाना जाता है। दरअसल पारादीप प्रसिद्ध महानदी का मुहाना है जो महानदी से पारादीप बंदरगाह पर मिलता है, जिसके बाद इसका विलय बंगाल की खाड़ी के साथ हो जाता है। यहां के मुख्य आकर्षणों में बीच, द्वीप और वन संपदा शामिल हैं।
अगर आप प्राकृतिक सौंदर्यता के साथ-साथ समुद्री आबोहवा का आनंद उठाना चाहते हैं तो पारादीप आपके लिए एक आदर्श विकल्प साबित होगा। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज पाराद्वीप आपके लिए कितना खास है, जानिए यहां के चुनिंदा शानदार स्थलों के बारे में।

पारादीप बंदरगाह
PC- Bikash Ojha
पारादीप भ्रमण की शुरूआत आप यहां के प्रसिद्ध पर्यटन गंतव्य पारादीप बंदरगाह से कर सकते हैं। एक व्यापारिक पोर्ट होने के बावजूद यह आगंतुकों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय है। यहां आप बड़े-बड़े समुद्री जहाजों को समुद्र की अनंद दूरी की ओर जाते देख सकते हैं।
यह पोर्ट प्रकृति के शानदार दृश्य प्रदर्शित करने का काम करता है। पारादीप बंदरगाह से कुछ ही दूरी पर प्रसिद्ध पारादीप बीच स्थित है, जहां आप शानदार समुद्री आबोहवा का आनंद ले सकते हैं।

जगन्नाथ मंदिर
PC-Md. Rabiul Islam
समुद्री तटों के अलावा आप यहां के धार्मिक स्थलों की सैर का प्लान भी बना सकते हैं। यहां स्थित जगन्नाथ मंदिर पारादीप के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह खूबसूरत मंदिर विविधता में एकता के गुण तो भली भांति प्रदर्शित करता है। यहां हिंदू, इस्लाम, ईसाई, और सिख धर्म के पवित्र प्रतीकों का उत्कीर्ण किया गया है। यहां का प्रवेश द्वार के पास एक 60 फीट ऊंचा खंभा है जो अरुणा स्तंभ के नाम में जाना जाता है।
पारादीप यात्रा को अगर आप थोड़ा आध्यात्मिक बनाना चाहते हैं तो यहां का सफर कर सकते हैं। यह मंदिर पारादीप आने वाले पर्यटकों के मध्य भी काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।

गाहिरमाथा बीच
पारादीप बीच के अलावा आप यहां के गाहिरमाथा बीच की सैर का प्लान बना सकते हैं। यह खूबूसरत बीच भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और बंगाल के मध्य एक पृथक रेखा है। गाहिरमाथा बीच का कुछ अंश भितरकनिका पार्क के अंतर्गत भी आता है।
यह समुद्री तट लगभग 35 किमी तक फैला है। यहां आप सफेद मगरमच्छों को आसानी से देख सकते हैं। बंगाल की खाड़ी का साफ पानी इस तट को खास बनाने का काम करता है। इसके अलावा आप इस बीच पर दुर्लभ ऑलिव रिडले कछुओं को भी देख सकते हैं।

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान
समुद्री तटों और बंदरगाह के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान की रोमांचक सैर का आनंद ले सकते हैं। लगभग 672 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान राज्य के केंद्रपारा जिले में स्थित है। इस वन्य क्षेत्र को 1998 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। आप यहां विभिन्न वनस्पतियों के साथ असंख्य जीवों को देख सकते हैं।
भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान अपने खारे पानी के मगरमच्छ के लिए काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। आप यहां जंगली सूअर, बंदर, चितल, कोबरा, भारतीय अजगर आदि जानवरों को भी देख सकते हैं। वन्यजीवन के शौकीनों के लिए यह स्थल एक आदर्श विकल्प है।

बलरामजीउ मंदिर
उपरोक्त स्थलों के अलावा आप यहां के प्रसिद्ध बलरामजीउ मंदिर के दर्शन का प्लान बना सकते हैं। बलरामजीउ मंदिर राज्य के सबसे खूबसूरत मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर भग्वान बलराम को समर्पित है, जहां आप देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा भी देख सकते हैं।
इसके अलावा इस मंदिर में तुलसी की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। मंदिर परिसर में बना फूलों का उद्यान देखने लायक है। आध्यात्मिक अनुभव के लिए आप इस मंदिर का भ्रमण कर सकते हैं।



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