गुजरात और अहमदाबाद के आसपास की जगहें घूमकर बोर हो गये हैं। रोजमर्रा की बोरिंग जिंदगी से थोड़ा ब्रेक चाहिए लेकिन घूमने के लिए लंबी छुट्टी भी नहीं ले सकते? गुजरात से अलग इस बार किसी दूसरी जगह पर घूमने जाना चाहते हैं? तो आपके सारे सवालों का एक ही जवाब है - राजस्थान। किसी वीकेंड या लॉन्ग वीकेंड पर राजस्थान में घूमने का प्लान बनाएं और निकल पड़े इस राज्य की ऐतिहासिक गलियों में झांकने।
मानसून के समय राजस्थान का मौसम भी ज्यादा गर्म नहीं होगा, इसलिए घूमने का भरपूर लुत्फ भी उठा सकेंगे। राजस्थान के इतने सारी जगहों में से कौन सी जगह मानसून में घूमने के लिए बेस्ट होगी? तो इस सवाल का सरल सा जवाब है, उदयपुर।

उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है। मानसून की बारिश के बाद सभी झील पानी से लबालब भरे होते हैं। इसलिए उदयपुर का ट्रिप आपको पूरी तरह से तरोताजा कर देगा। तो चलिए पहले वर्चुअली घूम आते हैं उदयपुर की ऐतिहासिक जगहों की ओर और जान लेते हैं कि उदयपुर के Heritage Tour में कौन-कौन सी जगहों को जरूर शामिल करना चाहिए।
लेक पिछोला
उदयपुर की जान ही तो लेक पिछोला में बसती है। जरा सोचिए...इतना विशाल झील और वो भी मानवनिर्मित। कितना अद्भूत है न कि एक बंजारे ने इतने बड़े झील का निर्माण कर डाला। शाम के वक्त झील में अगर नाव की सवारी नहीं की तो उदयपुर का आपका ट्रिप अधूरा ही कहलाएगा। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह ऐसी जगह है जिसकी सुन्दरता में बस खो जाने का दिल करेगा। सूर्यास्त के समय जब लेक पिछोला में मौजूद किलो और इमारतों पर सूरज की रोशनी पड़ती है तो वह नजारा देखने लायक होता है।
सिटी पैलेस
लेक पिछोला के किनारे पर बसे उदयपुर सिटी पैलेस को सिर्फ उदयपुर ही नहीं बल्कि राजस्थान में सबसे बड़ा महल माना जाता है। यहां आपको राजा-रजवाड़ों के समय के बड़े-बड़े आलीशान कमरे, हैंगिंग गार्डन, शानदार कलाकारी और कई ऐसी तस्वीरें जो आपको इस महल के इतिहास से मिलाती हैं। अगर आपको इतिहास में रुचि है तो यहां महाराणा उदय सिंह के बारे में जरूर पढ़े।

जग मंदिर पैलेस
सिटी पैलेस में ही मौजूद यह कोई पैलेस नहीं बल्कि भगवान विष्णु को समर्पित एक विशाल मंदिर है। इस मंदिर में मूर्तियां इतनी सजीव हैं कि देखकर ऐसा लगता है मानो अभी बोल पड़ेगी। मुख्य मूर्ति जो चार हाथ वाले भगवान विष्णु की काले पत्थर को तराशकर बनायी गयी है, वह मूर्ति सिर्फ एक ही पत्थर को तराशकर बनायी गयी है। इस मूर्ति के अलावा यहां कई और देवी-देवताओं जैसे भगवान गणेश, महादेव, माता पार्वती और सूर्य देव की मूर्तियां भी स्थापित हैं। इसके अलावा जगमंदिर पैलेस में की गयी कलाकारी भी देखने लायक है।

फतेह सागर झील
जैसा कि हमने पहले ही बताया है, उदयपुर अपने झीलों की वजह से ही सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। फतेह सागर झील उदयपुर का दूसरा सबसे बड़ा झील है। इस झील अपने आप में खूबसूरती की चादर ओढ़े रहता है। एक बार अगर आप फतेह सागर झील पर घूम आते हैं, तो इसे भूल पाना आसान नहीं होगा। झील में नाव से सैर करने के अलावा कई और मनोरंजक गतिविधियां कर सकते हैं। इसके अलावा यहां नेहरू पार्क, बोट रेस्तरां, चिड़ियाघर आदि भी मौजूद हैं।
सहेलियों की बाड़ी
महाराणा संग्राम सिंह द्वारा बनवाया हुआ यह बगीचा फतेह सागर झील के किनारे पर ही मौजूद है। इस बगीचा का निर्माण शादी के बाद राजकुमारी के साथ आने वाली उनकी सहेलियों के लिए करवाया गया था। यहां आज भी कई तरह के फूलों वाले पौधे और पानी के फव्वारे हैं, जो इस जगह की सुन्दरता में चार चांद लगा देते हैं। स्थानीय लोग हो या पर्यटक, उदयपुर की सबसे सुन्दर जगह जहां परिवार या अकेले भी अच्छा समय बीतता है, तो सभी की उस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम सहेलियों की बाड़ी का ही आता है।

अंबराई घाट
उदयपुर की अपनी ट्रिप में से एक शाम का वक्त सिर्फ और सिर्फ अंबराई घाट के लिए आरक्षित रखे। यह उदयपुर का सबसे चर्चित घाट है, जिसे मंझी घाट भी कहा जाता है। सुबह के वक्त अगर आप यहां आते हैं तो पर्यटकों के साथ-साथ यहां स्थानीय लोग भी आपको मिलेंगे जो घाट के किनारों पर योग और ध्यान करते हैं। शाम को घाट के किनारे बैठकर उदयपुर शहर की टिमटिमाती रोशनी से भरे नजारे का आनंद उठा सकते हैं। घाट पर होने वाली आरती आपके मन को सुकून से भर देगी।
ट्रिब्यूट
क्या आपने कभी किसी ऐसे रेस्तरां में कभी खाना खाया है, जिसे किसी घोड़े को समर्पित किया गया हो या किसी घोड़े की याद में बनाया गया हो? उदयपुर का ट्रिब्यूट रेस्तरां ऐसी ही एक जगह है। इस रेस्तरां को महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की याद में बनाया गया है। यहां आपको देसी और कई विदेशी व्यंजनों का लजीज स्वाद चखने का मौका मिलेगा। रेस्तरां में उत्तर भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों की भी विस्तृत रेंज मिल जाएगी।

विंटेज कार म्यूजियम
जी हां, उदयपुर का विंटेज कार म्यूजियम आपके हेरिटेज टूर का हिस्सा जरूर होना चाहिए। गाड़ियों से किसे लगाव नहीं होता है लेकिन गाड़ियों के वैसे मॉडल जो आज के समय में सड़कों पर तो दूर कहीं तस्वीरों में भी नहीं दिखाई देते, उन्हें यहां अपनी आंखों के सामने देखना कितना अच्छा अनुभव होगा। उदयपुर के इस संग्रहालय का संचालन महाराणा प्रताप के वंशजों द्वारा किया जाता है। इस म्यूजियम में घूमने के बाद आपको समझ में आ जाएगा कि बीते जमाने में राजस्थान के राजा-महाराजाओं को गाड़ियों का कितना शौक रहा होगा।
अहमदाबाद से कैसे पहुंचे उदयपुर?
उदयपुर राजस्थान का एक प्रमुख शहर और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। अहमदाबाद से उदयपुर आने के लिए आपको विमान, रेल और सड़क मार्ग सभी के विकल्प मिल जाएंगे।
- अगर आप विमान से उदयपुर जाना चाहते हैं, तो यहीं समय सबसे अच्छा है। जल्दी से अपना ट्रिप प्लान बनाकर टिकट बुक कर लें, क्योंकि स्वतंत्रता दिवस और विभिन्न कारणों से कई एयरलाइंस कंपनियां फ्लाइट की टिकटों पर भारी छूट दे रही हैं।
- इसके अलावा अहमदाबाद से उदयपुर आने के लिए ट्रेन व बस का विकल्प भी मिल जाएगा। विभिन्न निजी कंपनियों की ओर से इस रूट पर लग्जरी बस सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिससे अहमदाबाद से उदयपुर पहुंचने में आपको 12-15 घंटे का समय लग सकता है।



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