गणेश उत्सव की सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। इंतजार है तो बस 7 सितंबर की सुबह का जब अलग-अलग शहरों के पंडालों में भगवान गणेश की आकर्षक मूर्तियों को स्थापित कर गणेशोत्सव का श्रीगणेश किया जाएगा। इसी क्रम में बड़ी लंबी यात्रा पूरी कर बिहार की राजधानी पटना पहुंच चुके हैं 'लालबाग चा राजा'।
जी हां, इस साल पटना में भी 'लालबाग चा राजा' के दर्शन होने वाले हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, मुंबई और पटना के 'लालबाग चा राजा' में कई समानताएं हैं, जिनके बारे में आपको इस आर्टिकल में हम आगे बताने वाले हैं। चलिए सबसे पहले आपको बता देते हैं कि पटना में कहां होंगे 'लालबाग चा राजा' के दर्शन?

पटना में कहां मिलेंगे 'लालबाग चा राजा'?
राजधानी पटना के दरोगा राय पथ पर महाराष्ट्र मंडल की ओर से भव्य गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए गणेश पूजा कमेटी के सचिव संजय भोसले ने बताया कि इस साल महाराष्ट्र मंडल के गणेश चतुर्थी पंडाल को राम मंदिर की थीम पर तैयार किया गया है।
पंडाल बनाने का काम पटना के कारीगरों ने ही पूरा किया है। इस पंडाल में भगवान गणेश की जो प्रतिमा स्थापित की जाएगी वह मुंबई के 'लालबाग चा राजा' की प्रतिकृति होगी। दोनों प्रतिमाओं में फर्क सिर्फ आकार का होगा। लेकिन दोनों प्रतिमाओं में कुछ समानताएं भी हैं जो इस पूजा पंडाल को और भी खास बना रही हैं।

5 दिनों का सफर पूरा कर पटना पहुंचे गणपति
मुंबई के प्रसिद्ध 'लालबाग चा राजा' के तर्ज पर महाराष्ट्र मंडल का सिर्फ पंडाल ही नहीं बनाया जा रहा है बल्कि इस मूर्ति का निर्माण भी मुंबई के कारीगरों ने ही किया है। मिली जानकारी के अनुसार मुंबई के मूर्तिकारों ने शाडू मिट्टी का इस्तेमाल कर भगवान गणेश की भव्य मूर्ति का निर्माण किया है, जो दिखने में हुबहू मुंबई के 'लालबाग चा राजा' की तरह है।
बता दें, शाडू मिट्टी का काफी धार्मिक महत्व है। इस मिट्टी से ही सदियों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं का निर्माण किया जाता रहा है जो महाराष्ट्र की पारंपरिक कला है। दावा किया जा रहा है कि भगवान गणेश की इस प्रतिमा को मुंबई से पटना पहुंचने में लगभग 5 दिनों का समय लग गया है।

क्या होगी मुंबई और पटना के 'लालबाग चा राजा' में समानताएं?
पटना में महाराष्ट्र मंडल के गणेशोत्सव पंडाल में 'लालबाग चा राजा' की जिस प्रतिकृति को स्थापित किया जाएगा, उसकी ऊंचाई करीब 6 फीट है। आकार में भले ही मुंबई और पटना के 'लालबाग चा राजा' में बहुत बड़ा अंतर हो, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से दोनों प्रतिमाओं में एक बड़ी समानता भी है। दरअसल, शुक्रवार (6 सितंबर) को रिलायंस फाउंडेशन की ओर से अनंत अंबानी ने 'लालबाग चा राजा' को 20 किलो सोने से बना मुकुट भेंट किया है।
इस मुकुट की कीमत करीब ₹15 करोड़ बतायी जा रही है। वहीं पटना में स्थापित होने वाले 'लालबाग चा राजा' को भी लाखों रुपए का मुकुट पहनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार मुंबई से खासतौर पर महाराष्ट्र मंडल ने एक मुकुट तैयार करवाया है, जिसमें 5 कैरेट का हीरा और 50 से अधिक छोटे-बड़े हीरे जड़े हुए हैं। यह मुकुट भी शुक्रवार को ही पटना पहुंचा है, जिसे भगवान गणेश को पहनाया गया है।
क्या होगा महाराष्ट्र मंडल का पूरा कार्यक्रम
7 सितंबर : श्री गणेश की प्राण-प्रतिष्ठा सुबह 10-11 बजे, शाम को 8 बजे आरती।
8 सितंबर : सुबह 10 बजे आरती और दोपहर 3 बजे से बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम। शाम को 7 बजे आरती।
9 सितंबर : सुबह 9.30 बजे आरती, शाम को 8 बजे आरती।
10 सितंबर : सुबह 9.30 आरती, शाम को 6 बजे आरती, शाम 7 बजे महिलाओं का हल्दी-कुमकुम।
11 सितंबर : सुबह 9.30 बजे आरती, शाम 8 बजे आरती।
12 सितंबर : सुबह 9.30 बजे आरती, शाम 4 बजे मुंबई के कलाकारों का सांस्कृतिक कार्यक्रम। शाम 6 बजे राज्यपाल का आगमन (संभावित)। 6.15 बजे राज्यपाल द्वारा भगवान गणेश की आरती।
13 सितंबर : सुबह 9.30 बजे आरती। 11 बजे महाप्रसाद का वितरण। दोपहर 3 बजे आरती और शाम 4 बजे शोभायात्रा जिसमें कोल्हापुर की झांज पथक की टीम शामिल होगी।



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