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गणेश चतुर्थी स्पेशल: सलमान से ऐश्वर्या तक सब शीश नवाते है बप्पा के दरबार में

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर एक ऐसा मंदिर है , जहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि हर धर्म के लोग दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। इस मंदिर की एक ख़ास बात ये भी है कि इसे सिलेब्रिटी मंदिर कहा जाता है।

विवधता से भरे भारत देश में हर त्यौहार बेहद ही ही हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है...बात जब भारत की संस्कृति के सम्बन्ध में हो और ऐसे में हम यहां मनाए जाने वाले त्योहरों और उत्सवों का जिक्र न करें तो बात एक हद तक अधूरी रह जाती है। तो इसी क्रम में अपनी इस विशेष गणेश चतुर्थी स्पेशल सीरीज में हम आपको लगातार अलग अलग गणेश मंदिरों से अवगत कराएंगे। आज अपने इस आर्टिकल में हम आपको अवगत कराने जा रहे हैं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर से।

मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर एक ऐसा मंदिर है , जहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, बल्कि हर धर्म के लोग दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। हालांकि इस मंदिर की न तो महाराष्ट्र के 'अष्टविनायकों ' में गिनती होती है और न ही 'सिद्ध टेक ' से इसका कोई संबंध है, फिर भी यहां गणपति पूजा का खास महत्व है। इस मंदिर की एक ख़ास बात ये भी है कि इसे सिलेब्रिटी मंदिर कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बॉलिवुड के लगभग सभी सिलेब्रिटी इस मंदिर पर अपना अपना माथा टेक चुकें हैं। इस मंदिर के विषय में ये भी मशहूर है कि यहां विराजे गणपति अपने दर से किसी को भी खाली हाथ नहीं भेजते।

सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धिविनायक गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं।

PC:Rakesh

सिद्धि विनायक मंदिर

सिद्धि विनायक मंदिर

मंदिर के भीतर सिद्धि विनायक के लिए मंदिर के साथ एक छोटा सा मंडप है. गर्भगृह या मुख्य द्वार के लिए लकड़ी के दरवाजे पर अष्टविनायक ( महाराष्ट्र में गणेश की आठ अभिव्यक्तियों ) की छवियों के साथ खुदा हुआ है। गर्भगृह के भीतरी छत को सोने से बनाया गया है और केंद्रीय मूर्ति गणेश की है।

PC:shankar s.

गणपति का रूप

गणपति का रूप

सिद्धिविनायक की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह चतुर्भुजी विग्रह है। भगवान गणेश जी के ऊपरी दाएं हाथ में कमल और बाएं हाथ में अंकुश है और नीचे के दाहिने हाथ में मोतियों की माला और बाएं हाथ में मोदक से भरा हुआ कटोरा है। गणपति के दोनों ओर उनकी दोनों पत्नियाँ रिद्धि-सिद्धि मौजूद हैं, जो धन, ऐश्वर्य, सफलता और सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का प्रतीक हैं। मस्तक पर अपने पिता शिव के समान एक तीसरा नेत्र और गले में एक सर्प हार के स्थान पर लिपटा है। सिद्धिविनायक का विग्रह ढाई फीट ऊँचा है और यह दो फीट चौड़े एक ही काले शिलाखंड से बना होता है।

सिद्धिविनायक मंदिर

सिद्धिविनायक मंदिर

मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और उतनी ही जल्दी कुपित भी होते हैं। हमारा सुझाव है कि यदि आप मुंबई में हैं तो सिद्धिविनायक मंदिर को देखना बिलकुल न भूलें यहां लगी भगवान गणेश की मूर्ति ऐसी है जो किसी भी पर्यटक का मन मोह लेगी।

PC:Abhijeet Rane

सिद्धिविनायक मंदिर का इतिहास

सिद्धिविनायक मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का 19 नवंबर 1801 को निर्माण किया गया था। सिद्धिविनायक मंदिर की मूल संरचना एक छोटे से 3.6 मीटर गुणा 3.6 मीटर एक गुंबद के आकार के ईंट से शिखर के साथ वर्ग संरचना थी। मंदिर के ठेकेदार लक्ष्मण विठू पाटिल ने इसको बनवाया था। इमारत को देऊबाई पाटिल नाम की एक अमीर महिला द्वारा पोषित किया गया था। ये मंदिर मुंबई में सबसे अमीर मंदिरों में से एक है।

PC: Darwininan

मंदिर की संरचना

मंदिर की संरचना

2550 मंदिर परिसर में दो 3.6 मीटर दीपमलस, एक रेस्ट हाउस और कार्यवाहकों के रहने के लिए रहने क्वार्टर है। मंदिर के पूर्वी और दक्षिणी किनारे पर एक झील 30 गुणा 40 वर्ग मीटर आकार में है। 19 वीं सदी में झील को नरदुल्ला द्वारा खोदा गया पानी की कमी का मुकाबला करने के लिए, बाद के वर्षों झील में पानी भर गया था और वो भूमि अब मंदिर परिसर का हिस्सा नहीं है।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा

मान्यता है कि जब सृष्टि की रचना करते समय भगवान विष्णु को नींद आ गई, तब भगवान विष्णु के कानों से दो दैत्य मधु व कैटभ बाहर आ गए। ये दोनों दैत्यों बाहर आते ही उत्पात मचाने लगे और देवताओं को परेशान करने लगे। दैत्यों के आंतक से मुक्ति पाने हेतु देवताओं ने श्रीविष्णु की शरण ली। तब विष्णु शयन से जागे और दैत्यों को मारने की कोशिश की लेकिन वह इस कार्य में असफल रहे। तब भगवान विष्णु ने श्री गणेश का आह्वान किया, जिससे गणेश जी प्रसन्न हुए और दैत्यों का संहार हुआ। इस कार्य के उपरांत भगवान विष्णु ने पर्वत के शिखर पर मंदिर का निर्माण किया तथा भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की। तभी से यह स्थल 'सिद्धटेक' नाम से जाना जाता है।

PC:Rudolph.A.furtado

पूरे साल लगता है भक्तों का तांता

पूरे साल लगता है भक्तों का तांता

सिद्धिविनायक मंदिर भगवान गणेश के लोकप्रिय मंदिरों में से एक है। यहां पूरे साल भक्तों की भीड़ उमड़ती है। देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक भगवान गणेश के दर्शन के लिए यहां आते हैं। वैसे अगर आप भी सिद्धिविनायक मंदिर जा रहे हैं तो आप महालक्ष्मी मंदिर, चौपाटी और जूहू बीच, गेटवे ऑफ इंडिया, हाजी अली, माउंट मेरी चर्च जाना न भूलें। यह सारे लोकप्रिय स्थल सिद्धिविनायक मंदिर से कुछ ही किलोमीटर के अंदर स्थित हैं।

कैसे पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर

कैसे पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर

मुंबई के सुप्रसिद्ध मंदिर सिद्धिविनायक पहुंचने के लिए छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा निकटतम एयरपोर्ट है। नजदीकी दादर रेलवे स्टेशन है। यहां से बस-टैक्सी की सुविधा हर समय उपलब्ध रहती है।

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