2 दिन बाद प्रयागराज में महाकुंभ मेले की शुरुआत हो रही है। देश में हर तरफ बस महाकुंभ मेले को लेकर ही चर्चाएं चल रही हैं। लेकिन इन सबसे बीच महाकुंभ मेले के साथ ही एक और मेला भी शुरू होने वाला है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह कुंभ मेले से भी बड़ा होता है। हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल में हर साल मकर संक्रांति के समय लगने वाले गंगासागर मेले की।
देश का आखिरी छोर जहां गंगा नदी बंगाल की खाड़ी में जाकर गिरती है, वहां लगता है गंगासागर मेला। पौराणिक मान्यताओं में कहा जाता है कि एक बार गंगासागर में डुबकी लगाने से 100 अश्वमेध यज्ञ के बराबर का फल मिलता है। कहावत भी है, सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार। यानी सारे तीर्थ स्थलों पर बार-बार जाने से भी वह पुण्य नहीं मिलता, जो एक बार गंगासागर में जाने से मिलता है।

गंगासागर मेला को सनातन धर्म का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस मेले में भाग लेने और गंगा व बंगाल की खाड़ी के संगम में पवित्र डुबकी लगाने आते हैं। यह मेला पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिण 24 परगना जिला में सागरद्वीप पर आयोजित होता है। हर साल गंगासागर मेला की शुरुआत मकर संक्रांति से कुछ दिनों पहले ही हो जाता है जो मकर संक्रांति के 2-3 दिन बाद तक चलता है।
क्या होता है गंगासागर मेला में?
जो तीर्थ यात्री गंगासागर मेला में हिस्सा लेने सागरद्वीप जाते हैं, वे सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में पवित्र डुबकी लगाते हैं। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य देकर कपिल मुनि आश्रम में जाते हैं जहां पूजा-अर्चना होती है। वहां देसी घी का दिया जलाकर श्रद्धालु हवन यज्ञ में हिस्सा लेते हैं। गंगा स्नान के दिन श्रद्धालु उपवास रखते और जाने-अनजाने में किये गये पाप का प्रायश्चित करते हैं।
बता दें, मान्यताओं के अनुसार कपिल मुनि भगवान विष्णु का अवतार थे। कपिल मुनि के श्राप से ही राजा सगर के सभी पुत्रों की मृत्यु हो गयी थी। जिसके बाद उनके वंशज भगीरथ ने कठोर तपस्या कर देवी गंगा को धरती पर लाया जिनके जल से राजा भगीरथ के पूर्वजों का राख धो डाला और उनकी आत्माओं को मुक्ति दिलायी।

इस साल गंगासागर मेला 8 जनवरी से 17 जनवरी 2025 तक चलेगा। मकर संक्रांति तिथि 14 जनवरी की दोपहर 2.58 बजे शुरू हो रही है लेकिन पुण्य स्नान का समय 14 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त में 6.58 बजे से 15 जनवरी तक चलेगा।
हावड़ा से कैसे जाएं गंगासागर?
गंगासागर जाने के दो माध्यम हैं - ट्रेन से और सड़क से। दोनों माध्यमों में ही कुछ जगहों पर नदी पार करने के लिए लॉन्च या वेसल का सहारा लेना ही पड़ेगा। मगर ध्यान दें, हावड़ा से ट्रेन द्वारा गंगासागर जाने का कोई भी सीधा रास्ता उपलब्ध नहीं है।
ट्रेन से - अगर आप गंगासागर ट्रेन से जाना चाहते हैं तो आपको सियालदह स्टेशन आना होगा। हावड़ा स्टेशन से कैब या टैक्सी पकड़कर आप आसानी से सियालदह स्टेशन पहुंच सकते हैं। या फिर हावड़ा से सियालदह के लिए सीधी बस भी मिल जाएगी। सियालदह स्टेशन से आपको ट्रेन पकड़कर पहले काकद्वीप आना होगा। या सियालदह से सीधे नामखाना जा सकते हैं।
i.) अगर आप सियालदह से काकद्वीप आते हैं तो यहां से लगभग 4 किमी का रास्ता ऑटो या ई-रिक्शा से कचूबेरिया जाना होगा। कचूबेरिया में मुड़ीगंगा नदी को लॉन्च या वेसल से पार कर फिर बस मिल जाएगी, जो आपको गंगासागर पहुंचा देगी।\
ii.) सियालदह से ट्रेन पकड़कर आप सीधा नामखाना जा सकते हैं। नामखाना में उतरकर आपको हतानिया-दोआनिया नदी वेसल या लॉन्च से पार कर चेमागुड़ी जाना होगा। चेमागुड़ी से बस से 9 किमी का रास्ता तय कर आप गंगासागर पहुंचेंगे। बता दें, नामखाना से काकद्वीप की दूरी 14 किमी है और काकद्वीप से नामखाना के बीच भी ट्रेन चलती है।

सड़क मार्ग से - i.) अगर आप हावड़ा से या सियालदह से गंगासागर तक सड़क मार्ग से जाना चाहते हैं तो आपको पहले आउट्राम घाट आना होगा। यहां से डायमंड हार्बर रोड पकड़कर सीधे काशीनगर जाना होगा। वहां से ऑटो या ई-रिक्शा से लॉट 8 जाना होगा जहां से मुड़ीगंगा नदी पार कर कचूबेरिया के लिए आपको लॉन्च या वेसल मिलेगी। कचूबेरिया से फिर बस 30 किमी का रास्ता बस से तय कर गंगासागर पहुंच सकेंगे।
ii.) आउट्राम घाट से आप सीधे नामखाना के लिए बस ले सकते हैं। वहां से फिर चेमागुड़ी में हतानिया-दोआनिया नदी को लॉन्च अथवा वेसल से पार कर आपको अगले 9 किमी का रास्ता बस से तय करना होगा। जिसके बाद आप गंगासागर में पहुंच जाएंगे।
हेल्पलाइन नंबर
- सागर मेला (टोल फ्री नंबर) : 1800-345-2020
- कंट्रोल रुम, लॉट 8 : 03210-257-975
- पुलिस कंट्रोल ऑफिस, सागर : 03210-240848/844
- गंगासागर मेला प्रांगण कंट्रोल रुम : 03210-240992
- सागर थाना : 03210-242-555
- डी.एम. कंट्रोल मेला ऑफिस : 03210-240-806/807



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