कहा जाता है, सब तीर्थ बार-बार, गंगासागर एक बार। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप में आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। राज्य सरकार की तरफ से ही इस मेले से जुड़ी सभी तैयारियां की जाती हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पवित्र मेले को लेकर तैयारियों का जायजा भी लिया है।

हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र मकर संक्रांति के मौके पर गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम स्थल पर डूबकी लगाने दूर-दराज के राज्यों से पश्चिम बंगाल पहुंचते हैं। आइए जानते हैं, इस साल गंगासागर मेला कब से शुरू होगा और कब खत्म होगा? गंगा और सागर के पवित्र संगम में डूबकी लगाने का शुभ मुहूर्त क्या है?
कब से कब तक चलेगा मेला
मकर संक्रांति के मौके पर गंगासागर में पवित्र डूबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति और पुण्य कमाने के लिए देश के अलग-अलग प्रांतों से श्रद्धालु पश्चिम बंगाल पहुंचते हैं। इसके अलावा इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं में अच्छी-खासी तादाद विदेशी पर्यटकों की भी होती है जो भारत में आस्था की डूबकी लगाने आते हैं।
अगर गंगासागर मेला को हर साल आयोजित होने वाला भारत का सबसे बड़ा मेला कहा जाए, तो यह गलत नहीं होगा। इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को है। इसलिए गंगासागर मेले की शुरुआत 15 जनवरी से काफी पहले ही हो जाएगी। इस साल गंगासागर मेले की शुरुआत 8 जनवरी से होगी और यह मेला 17 जनवरी तक चलेगा।

कब है पूण्य स्नान का शुभ मुहूर्त
गंगासागर मेले में जाने वाले लोग सुबह सूरज उगने से पहले से ही सागरद्वीप में संगम स्थल में डूबकी लगाना शुरू कर देते हैं। लेकिन हर हिंदू त्योहार की तरह ही मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में डूबकी लगाने का शुभ मुहूर्त होता है। 14 और 15 जनवरी की रात को 2 बजकर 54 मिनट पर सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए इसके बाद का समय ही स्नान के शुभ माना जाएगा।
15 जनवरी के सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर शाम को 05 बजकर 46 मिनट तक मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त रहेगा। महापुण्यकाल 15 जनवरी की सुबह 07 बजकर 15 मिनट पर होगा। पवित्र स्नान का समय 15 जनवरी की रात को 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 16 जनवरी 9 बजकर 13 मिनट तक होगा।

कैस चल रही है तैयारी
गंगासागर मेले को लेकर राज्य सरकार अपनी तरफ से सारी तैयारियां शुरू कर चुकी है। राज्य सरकार के कई मंत्री और गंगासागर के विधायक को इस मेले के सफल आयोजन की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गयी है। संभावना जतायी जा रही है कि इस साल गंगासागर मेले में करीब 40 लाख श्रद्धालु सागरद्वीप में पवित्र गंगासागर में आस्था की डूबकी लगाने पहुंचेंगे।
इतनी अधिक तादाद में पहुंचने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 10 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा जो सुरक्षा और यातायात के नियमों का पालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलक्षेत्र में भी गश्त लगाएंगे। मेला क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 200 किमी लंबी बैरिकेंडिंग, 1150 सीसीटीवी कैमरे, 20 ड्रोन, 2400 नागरिक सुरक्षा बल, 50 दमकल की गाड़ियां, 300 बेड वाली अस्थायी अस्पताल, 10,000 शौचालय आदि की व्यवस्था की जा रही है।

ली जाएगी ISRO की मदद
गंगासागर मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की मदद ली जाएगी। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की है। उन्होंने कहा कि ISRO की मदद से जीपीएम और उपग्रह निगरानी के माध्यम से वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस मेले को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए पिछले सालों की तरह ही इस साल भी प्लास्टिक को पूरी तरह से बैन किया गया है।
इस मेले के लिए खासतौर पर 2250 बसें और 66 अतिरिक्त ट्रेनें चलायी जाएंगी। बताया जाता है कि सियालदह स्टेशन से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सारी तैयारियों को पूरा कर लेने के लिए 2 जनवरी का डेडलाइन निर्धारित किया है।



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