मानसून के समय गोवा जाने वाले पर्यटकों के लिए खुशखबरी। अब वैसे झरने, जिन्हें कम जोख़िम वाला झरना माना जाता है, उन पर प्रवेश करने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। यह फैसला वन विभाग की तरफ से मानसून के दौरान नदियों और झरने पर प्रवेश को प्रतिबंधित लगाने के 2 दिनों बाद लिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स में वन मंत्री विश्वजीत राणे के हवाले से बताया गया है कि पिछले साल जिन Low Risk वाटरफॉल को आम नागरिकों के लिए खुला रखा गया था, उन्हें इस साल भी खुला रखा जाएगा। अपने बयान में उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए लाइफ गार्ड्स और फॉरेस्ट गार्ड्स को भी नियुक्त किया जाएगा।

वन मंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इस आदेश से संबंधित सभी जरूरी निर्देश जारी किये जा चुके हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मध्यम और उच्च जोख़िम वाले वाटरफॉल को पर्यटकों के लिए खोला नहीं जाएगा, क्योंकि पिछले साल मैनापी और अन्य कुछ झरनों पर दुर्घटनाएं घट चुकी थी। उन्होंने कहा कि झरनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा चुका है और वन विभाग ने यह तय किया है कि कम जोख़िम वाले झरनों में पर्यटकों को प्रवेश करने देने में कोई खतरा नहीं है।
बता दें, वाटरफॉल्स पर घूमने जाने के लिए बेस्ट समय मानसून को ही माना जाता है, क्योंकि इस समय बारिश की वजह से वाटरफॉल्स काफी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, झरनों के आसपास का पूरा वातावरण हरियाली से भर जाता है, जो प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों को खूब आकर्षित करता है।

हालांकि गोवा राज्य सरकार की तरफ से वाटरफॉल्स पर पाबंदी लगाने के बाद यहां पर्यटकों का आना कम हो गया था। लेकिन अब लो-रिस्क वाटरफॉल्स पर प्रतिबंध हटा देने के बाद पर्यटकों की संख्या फिर से बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है। इसका एक फायदा राज्य के पर्यटन विभाग को भी होगा, क्योंकि वाटरफॉल्स टूरिज्म विभाग की आय का प्रमुख साधन भी माना जाता है।
कौन-कौन से हैं लो-रिस्क वाटरफॉल
- पाली या शिवलिंग वाटरफॉल, वाल्पोई, उत्तर गोवा
- हिव्रम वाटरफॉल, वाल्पोई से 15 किमी की दूरी पर मौजूद, सत्तारी
- चारवान वाटरफॉल, चोर्ला घाट, महादेई वन्य जीव अभयारण्य
- नानेली वाटरफॉल, महादेई वन्य जीव अभयारण्य
- गुंगुलडम वाटरफॉल, महादेई वन्य जीव अभयारण्य
- चिदंबर वाटरफॉल, महादेई वन्य जीव अभयारण्य

- गोलौली वाटरफॉल, महादेई वन्य जीव अभयारण्य
- कुम्थल वाटरफॉल, कुम्थल, सत्तारी
- गुलुलेम वाटरफॉल
- मदियानी और खदी वाटरफॉल
- भाटी वाटरफॉल, नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य
- मैदा वाटरफॉल, भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य, कोल्लम
- कुस्केम वाटरफॉल, कोटिगाव वन्यजीव अभयारण्य
**मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के आधार पर
नोट : इनमें से किसी भी वाटरफॉल पर घूमने जाने का प्लान बनाने से पहले एक बार स्थानीय स्तर पर जरूर पता कर लें, कि वह लो-रिस्क वाटरफॉल की श्रेणी में आता है अथवा नहीं।



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