गोवा में पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं, इसके समुद्रतट और कैफे। शाम ढलते ही कैफे में बजता लाइव म्यूजिक और साथ में लजीज व्यंजन व इसकी Nightlife। लेकिन मानसून के मौसम में इस तस्वीर में थोड़ा बदलाव हो जाता है। मानसून के समय गोवा में सबसे ज्यादा आकर्षक बन जाते हैं, इसके ट्रेकिंग प्वाएंट्स। अगर आप भी एडवेंचर पसंद करते हैं, तो मानसून खत्म होने से पहले जल्दी से गोवा के प्रमुख मानसून ट्रेक्स पर जाने का प्लान बना लें।
हम यहां आपको गोवा के कुछ ऐसे मानसून ट्रेक्स के बारे में बताने वाले हैं, जिनकी मंजिल तो शानदार है ही लेकिन मंजिल पर पहुंचने का सफर उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है।
1. दूधसागर वाटरफॉल
गोवा गये और दूधसागर वाटरफॉल नहीं देखा, तो आपका गोवा टूर ही बेकार लगने लगता है। लेकिन मानसून के समय ट्रेकिंग का जो आनंद यहां मिलता है, वह अनुभव हमेशा याद रहने वाला होता है। घने जंगलों के बीच से होकर गुजरने वाला यह रास्ता एक अलग ही रोमांच को पैदा करता है। खासतौर पर मानसून के समय, जब जंगल पूरी तरह से हरियाली से भर जाती है और धूल कम प्राकृतिक सुन्दरता ही तब ज्यादा दिखाई देती है। कुलेम से यह ट्रेक शुरू होता है, जो करीब 14 किमी लंबा होता है।
यह ट्रेक आपको सीधे दूधसागर वाटरफॉल के सामने ले जाकर खड़ा कर देता है। ऊंचाई से गिरते झरने के पानी को देखकर वाकई में ऐसा लगता है मानो पहाड़ों पर से दूध बह रहा हो। यह रास्ता भगवान महावीर सेंचुअरी के बीच से होकर गुजरता है। अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो जंगल में आपको कुछ जंगली जानवर भी दिखाई दे सकते हैं।

2. हिवरेम वाटरफॉल ट्रेक
राजधानी पंजी से करीब 90 मिनट की दूरी पर मौजूद है हिवारेम-वाल्पोई फॉल। यह गोवा का ऐसा इलाका है, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही पता होता है और काफी कम संख्या में लोग यहां जाते हैं। ट्रैकिंग के पूरे रास्ते के दौरान आपको सिर्फ और सिर्फ हरियाली ही दिखाई देगी। छोटी-छोटी सीढ़िनुमा पहाड़ी ढलानों से होकर आगे बढ़ते हुए रास्ते में आपको कई छोटे-छोटे झरने भी दिखाई देंगे। यह ट्रैक थोड़ा सा कठिन माना जाता है, जिसके लिए सलाह दी जाती है कि यहां समूह में ही जाएं। इस वाटरफॉल की ट्रैकिंग पर आप एक दिन के लिए आसानी से जाकर वापस लौट सकते हैं।

3. तम्बडी सुरला वाटरफॉल ट्रेक
भगवान महावीर वाइल्डलाइफ सेंचुअरी के अंदर मौजूद तम्बडी सुरला वाटरफॉल ट्रैक फोटोग्राफी के शौकिनों के लिए एक शानदार विकल्प है। बड़ी संख्या में लोग तम्बडी सुरला मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन इससे महज 90 मिनट की दूरी पर घने जंगल के अंदर मौजूद है यह वाटरफॉल। मानसून के मौसम में, जून से सितंबर, के बीच यह जंगल हरियाली से भरपूर होता है।
इस दौरान वाटरफॉल में पानी भी काफी ज्यादा रहता है। पर्यटक चाहे तो वाटरफॉल में मौजूद झील के ठंडे और ताजे पानी में डुबकी लगाकर अपनी थकान भी मिटा सकते हैं। चुंकि यह इलाका घने जंगलों से होकर गुजरता है, इसलिए इस वाटरफॉल की ट्रैकिंग पर जाते समय गाइड को साथ में लेकर जाने की सलाह दी जाती है।

4. नेत्रावली फॉरेस्ट ट्रेक
अगर आप ट्रैकिंग के ज्यादा शौकिंग नहीं हैं लेकिन प्राकृतिक नजारों को एंजॉय करना चाहते हैं तो नेत्रावली वाइल्डलाइफ सेंचुअरी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह साउथ गोवा में मौजूद है। इस ट्रैकिंग की शुरुआत घने जंगलों, कुछ गांवों और जंगलों में छिपे वाटरफॉल से होती है, जो काबो दे रामा बीच पर जाकर खत्म होती है।
यहां आप चाहे तो कैम्पिंग भी कर सकते हैं और सूर्यास्त के शानदार नजारे का भी लुत्फ उठा सकते हैं। अगर इतिहास को थोड़ा करीब से देखना चाहते हैं तो आप काबो द रामा फोर्ट पर भी जा सकते हैं, जिसे वर्ष 1679 में शिवाजी ने बनवाया था। यहां से अरब सागर का नजारा अद्भूत होता है।

5. अराम्बोल बीच ट्रेक
थोड़ा सा एडवेंचर और ढेर सारा रिलैक्स करना चाहते हैं तो नॉर्थ गोवा के अराम्बोल बीच ट्रेक पर जा सकते हैं। 5 किमी लंबा यह रास्ता Easy Hike कहलाता है, जो घास के मैदानों से होकर अराम्बोल समुद्र तट तक जाता है। यहां आप चाहे तो समुद्रतट पर लेट कर थोड़ा रिलैक्स कर सकते हैं, ताजा पानी के झीलों में डुबकी लगा सकते हैं या फिर औषधीय गुणों वाले मड (कीचड़) बाथ का आनंद उठा सकते हैं।
इस बीच से वापसी का रास्ता केरी बीच होकर जाता है, जहां बहुत ही कम संख्या में दुकानें होने की वजह से भीड़ ज्यादा नहीं होती है। यहां आप देर रात से लेकर सुबह तक गोवा के खास म्यूजिक और उसकी धुनों पर थिरक सकते हैं।



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